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Lucknow News: एयरपोर्ट पर आग से बचाव हुआ आसान, 30 सेकेंड में सक्रिय होगा सिस्टम
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एयरपोर्ट पर आग से बचाव हुआ आसान, 30 सेकेंड में सक्रिय होगा सिस्टम
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अमौसी एयरपोर्ट पर कैटेगरी 9 फायर फाइटिंग सिस्टम हुआ अपग्रेड
तीन ऑस्ट्रिया मेड फायर टेंडर मिले, रासायनिक पदार्थ, फोम क्षमता बढ़ी
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। अमौसी एयरपोर्ट पर फायर फाइटिंग सिस्टम की क्षमता बढ़ गई है। उन्नत तकनीक होने से अब आग से बचाव आसानी से हो सकेगी। सुरक्षा पुख्ता होगी तथा कम समय में आग पर काबू पा लिया जाएगा। ऑस्ट्रिया मेड तीन फायर टेंडर, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 12500 लीटर पानी की होगी, हमेशा मुस्तैद रहेंगे। 30 सेकेंड के अंदर सिस्टम सक्रिय होगा तथा मौके पर आग बुझाने के लिए फायर टेंडर पहुंच जाएंगे।
दरअसल, चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अभी तक कैटेगरी 7 का फायर फाइटिंग सिस्टम लागू था। इसके तहत अग्निशमन वाहन वर्ष 2007 के थे, जो पुराने हो गए थे। वहीं आग बुझाने में इस्तेमाल होने वाला रासायनिक पदार्थ व प्रौद्योगिकी भी पुरानी हो गई थी और लंबे समय से इसे बदलने की मांग उठ रही थी। फायर फाइटिंग सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए योजनाएं बनाई गईं, लेकिन उस पर अमल नहीं हो सका। इस बीच एयरपोर्ट निजी हाथों में चल गया, जिसके बाद इस कार्य में तेजी लाई गई। नतीजतन शुक्रवार से एयरपोर्ट पर कैटेगरी 9 का फायर फाइटिंग सिस्टम लागू कर दिया गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि इस कैटेगरी के तहत अत्याधुनिक रोसेनबॉयर क्रैश फायर टेंडर(सीएफटी) लगाए गए हैं। इसकी क्षमता अधिक है। कम समय में आग पर काबू पाया जा सकेगा। समय की बचत भी होगी और यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता बनाया जा सकेगा। नई व्यवस्था के तहत ऑस्ट्रिया मेड तीन फायर फाइटिंग व्हीकल्स ड्यूटी पर लगाए गए हैं। पहले रेस्क्यू उपकरण हाइड्रोलिक सिस्टम से चलते थे, वहीं अब बैटरी ऑपरेटेड उपकरण होने से क्षमता में वृद्घि हुई है। इसमें प्रत्येक फायर टेंडर में 12,500 लीटर पानी की क्षमता वाला टैंक रहेगा।
30 सेकेंड के अंदर होगी प्रतिक्रिया
कैटेगरी 9 के तहत रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आएगी। त्वरित आग बुझाने के लिए उच्च डिस्चार्ज दर होगी तथा 30 सेकंड से कम समय में प्रतिक्रिया होगी। वाहन देखते ही देखते 80 किमी/घंटे की रफ्तार पकड़ सकेगा तथा सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के लिहाज से थर्मल इमेजिंग कैमरे, सीएएफएस एर्गोनोमिक नियंत्रण रहेगा। यह सुविधा परिचालन व आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करती है, जिससे यात्रियों और विमानों के लिए उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
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इतनी उन्नत हुई व्यवस्था
श्रेणी कैटेगरी 7 कैटेगरी 9
वाहन 17 साल पुराने ऑस्ट्रिया मेड रोसेरबॉयर क्रैश फायर टेंडर
वाटर टैंक 10,000 लीटर 12,500 लीटर
रसायन 150 किग्रा 250 किग्रा
फोम 1300 किग्रा 1500 किग्रा
रेस्क्यू उपकरण हाइड्रोलिक बैटरी ऑपरेटेड
तीन ऑस्ट्रिया मेड फायर टेंडर मिले, रासायनिक पदार्थ, फोम क्षमता बढ़ी
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। अमौसी एयरपोर्ट पर फायर फाइटिंग सिस्टम की क्षमता बढ़ गई है। उन्नत तकनीक होने से अब आग से बचाव आसानी से हो सकेगी। सुरक्षा पुख्ता होगी तथा कम समय में आग पर काबू पा लिया जाएगा। ऑस्ट्रिया मेड तीन फायर टेंडर, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 12500 लीटर पानी की होगी, हमेशा मुस्तैद रहेंगे। 30 सेकेंड के अंदर सिस्टम सक्रिय होगा तथा मौके पर आग बुझाने के लिए फायर टेंडर पहुंच जाएंगे।
दरअसल, चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर अभी तक कैटेगरी 7 का फायर फाइटिंग सिस्टम लागू था। इसके तहत अग्निशमन वाहन वर्ष 2007 के थे, जो पुराने हो गए थे। वहीं आग बुझाने में इस्तेमाल होने वाला रासायनिक पदार्थ व प्रौद्योगिकी भी पुरानी हो गई थी और लंबे समय से इसे बदलने की मांग उठ रही थी। फायर फाइटिंग सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए योजनाएं बनाई गईं, लेकिन उस पर अमल नहीं हो सका। इस बीच एयरपोर्ट निजी हाथों में चल गया, जिसके बाद इस कार्य में तेजी लाई गई। नतीजतन शुक्रवार से एयरपोर्ट पर कैटेगरी 9 का फायर फाइटिंग सिस्टम लागू कर दिया गया। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि इस कैटेगरी के तहत अत्याधुनिक रोसेनबॉयर क्रैश फायर टेंडर(सीएफटी) लगाए गए हैं। इसकी क्षमता अधिक है। कम समय में आग पर काबू पाया जा सकेगा। समय की बचत भी होगी और यात्रियों की सुरक्षा को पुख्ता बनाया जा सकेगा। नई व्यवस्था के तहत ऑस्ट्रिया मेड तीन फायर फाइटिंग व्हीकल्स ड्यूटी पर लगाए गए हैं। पहले रेस्क्यू उपकरण हाइड्रोलिक सिस्टम से चलते थे, वहीं अब बैटरी ऑपरेटेड उपकरण होने से क्षमता में वृद्घि हुई है। इसमें प्रत्येक फायर टेंडर में 12,500 लीटर पानी की क्षमता वाला टैंक रहेगा।
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30 सेकेंड के अंदर होगी प्रतिक्रिया
कैटेगरी 9 के तहत रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी आएगी। त्वरित आग बुझाने के लिए उच्च डिस्चार्ज दर होगी तथा 30 सेकंड से कम समय में प्रतिक्रिया होगी। वाहन देखते ही देखते 80 किमी/घंटे की रफ्तार पकड़ सकेगा तथा सुरक्षा और प्रौद्योगिकी के लिहाज से थर्मल इमेजिंग कैमरे, सीएएफएस एर्गोनोमिक नियंत्रण रहेगा। यह सुविधा परिचालन व आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करती है, जिससे यात्रियों और विमानों के लिए उच्चतम स्तर की सुरक्षा सुनिश्चित होती है।
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श्रेणी कैटेगरी 7 कैटेगरी 9
वाहन 17 साल पुराने ऑस्ट्रिया मेड रोसेरबॉयर क्रैश फायर टेंडर
वाटर टैंक 10,000 लीटर 12,500 लीटर
रसायन 150 किग्रा 250 किग्रा
फोम 1300 किग्रा 1500 किग्रा
रेस्क्यू उपकरण हाइड्रोलिक बैटरी ऑपरेटेड

एयरपोर्ट पर आग से बचाव हुआ आसान, 30 सेकेंड में सक्रिय होगा सिस्टम

एयरपोर्ट पर आग से बचाव हुआ आसान, 30 सेकेंड में सक्रिय होगा सिस्टम