कल्बे सादिक और जव्वाद सहित आठ शिया मौलाना को नोटिस
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चेहल्लुम का जुलूस निकालने में शिया समुदाय की लेटलतीफी को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जुलूस निर्धारित समय में खत्म न करने को जिला प्रशासन ने इसे शिया-सुन्नी समुदाय के मध्य हुए समझौते के प्रस्तर 7 व 8 की शर्तों का उल्लंघन माना है।
इसके लिए शिया समुदाय के आठ प्रमुख मौलानाओं को जिम्मेदार मानते हुए नोटिस जारी किया गया है। इनमें शिया मौलाना कल्बे सादिक, मौलाना कल्बे जव्वाद, युसुफ अब्बास, सैफ अब्बास, हमीदुल हसन, आगारूही व मीसम जैदी का नाम शामिल हैं।
एडीएम सिटी पश्चिम जयशंकर दुबे ने सात दिनों में नोटिस का जवाब मांगा है। साथ ही चेतावनी दी है कि तय मियाद में नोटिस का जवाब न मिलने पर प्रशासन भविष्य में चेहल्लुम जुलूस निकालने की अनुमति न देने का फैसला कर सकता है।
शिया समुदाय के लोगों में रोष भड़कने की आशंका
शिया सुन्नी समुदाय के मध्य हुए समझौते के तहत प्रस्तर 1 में है कि शिया समुदाय चेहल्लुम का जुलूस दोपहर एक बजे नक्खास थाना से शुरू कर बाजार खाला, बुलाकी अड्डा होते हुए कर्बला तालकटोरा पर जाकर सायं 6 बजे तक खत्म कर देंगे।
इसका अनुपालन करने का शपथ पत्र भी प्रमुख शिया मौलानाओं ने दिया था। इसके बावजूद आठ नवंबर को शिया समुदाय ने चेहल्लुम का जुलूस बिना किसी ठोस कारण के दोपहर दो बजे शुरू कर रात नौ बजे खत्म किया।
इससे शांति-व्यवस्था बनाने में पुलिस प्रशासन को दिक्कत हुई और यातायात भी बाधित रहा। अब शुक्रवार को नोटिस तामीला होने के बाद इस मसले को लेकर शिया समुदाय के लोगों में रोष भड़कने की आशंका है।
एडीएम सिटी पश्चिम जयशंकर दुबे का कहना है कि अनुबंध की शर्तों व प्रशासन के निर्देशों का जानबूझ कर उल्लंघन करने पर नोटिस दिया गया है। पुराने शहर की अमन शांति से जुड़े संवेदनशील मसले पर प्रशासन किसी को भी मनमानी नहीं करने देगा।