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लखनऊ: 11 फिट खिसकाई गई चार मंजिला इमारत, अभी 40 फिट और खिसकाने का है लक्ष्य; जानिए कैसे संभव हुआ ये

Sun, 03 May 2026 10:07 AM IST
रोहित मिश्र अनुराग सिंह, लखनऊ
अनुराग सिंह, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Sun, 03 May 2026 10:07 AM IST
सार

Building shift in Lucknow: घर नहीं चलते हैं, या घर चलते नहीं। इस कहावत को कल झुठला दिया गया। लखनऊ में एक इमारत का तकनीकी मदद से 11 फिर पीछे खिसका दिया गया । 

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Lucknow: A four-story building was moved 11 feet, with the goal of moving another 40 feet; learn how this was
लखनऊ में खिसकाई गई इमारत। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

घर नहीं चलते हैं। गोसाईंगंज के अनूपगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थित भवन के मामले में यह जुमला झुठला दिया गया है। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर चार मंजिला इमारत सड़क से 11 फीट पीछे खिसकाई जा चुकी है। अगले तीन महीने में भवन को 29 फीट और खिसकाया जाना है।

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गोसाईंगंज निवासी भवन मालिक शांति मिश्रा ने बताया कि सड़क से सटी करीब पांच हजार वर्ग फीट में बनी उनकी चार मंजिला इमारत रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की जद में आ रही थी। इससे भवन को नुकसान की आशंका थी। ऐसे में उन्होंने बहराइच के मोहम्मद इरफान और मो. जिबरैल से संपर्क किया। इसके बाद इरफान के भांजे एमडी तौफीक की अगुवाई में छह जनवरी से मकान की शिफ्टिंग शुरू हुई।
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तौफीक ने बताया कि इमारत को शिफ्ट करने के लिए बीम के नीचे से कटिंग कर उसे विशेष जैक (जग) के सहारे उठाया जाता है। इन जैक में पहिये लगे होते हैं, जिनकी मदद से पूरी बिल्डिंग धीरे-धीरे पीछे धकेली जाती है। इस प्रक्रिया में 23 मजदूर सक्रिय रहते हैं, जबकि कुल 30 श्रमिक इस काम में जुटे हैं। बीम के नीचे कटिंग करने, जैक लगाने आदि तकनीकी तैयारी में चार महीने लग गए। इसके बाद भवन की 11 फीट शिफ्टिंग में महज पांच दिन लगे। बाकी काम पूरा होने का तीन महीने लगने का अनुमान है।

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साढ़े तीन सौ रुपये वर्ग फीट खर्च

Lucknow: A four-story building was moved 11 feet, with the goal of moving another 40 feet; learn how this was
इस तरह हुआ शिफ्ट। - फोटो : अमर उजाला।
मो. जिबरैल ने बताया कि भवन शिफ्ट करने के लिए प्रति वर्ग फीट साढ़े तीन सौ रुपये फीस निर्धारित है। इमारत की शिफ्टिंग से संबंधित पूरी जिम्मेदारी हमारी है, इसके लिए भवन मालिक से लिखित अनुबंध भी किया गया है। भवन निर्माण करने वाले ठेकेदार राजू सिंह ने बताया कि चार मंजिला भवन की लागत करीब ढाई करोड़ रुपये है। इसकी शिफ्टिंग 62 लाख रुपये में खर्च की गई है। इस तरह से करीब 25 फीसदी ही खर्च आ रहा है।

भवन खिसकाने का लखनऊ में पहला काम
मो. जिबरैल ने बताया कि करीब 15 वर्ष पहले उन्होंने हरियाणा से इस काम की शुरुआत की थी। वर्तमान में प्रयागराज, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा के अलावा तमिलनाडु और दिल्ली में उनका काम चल रहा है। वह नेपाल में भी बिल्डिंग शिफ्ट करा चुके हैं। लखनऊ में इससे पहले चिनहट में एक भवन को कुछ फीट ऊंचा उठाया गया था। भवन खिसकाने का लखनऊ में यह उनका पहला काम है।
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