Lucknow: जानकीपुरम इलाके में डायरिया के 10 नए मरीज मिले, तीन भर्ती, डीएम के सामने लोगों का गुस्सा फूटा
राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम इलाके में डायरिया के 10 नए मरीज मिलने के बाद डीएम-सीएमओ ने इलाके का निरीक्षण किया। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
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जानकीपुरम के सेक्टर 7 में डायरिया का प्रकोप थमा नहीं है। रविवार को भी इलाके में 10 मरीज मिले। इनमें तीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम इलाके में पूरे दिन डटी रही। लोगों को दवा वितरण के साथ पानी में क्लोरीन मिलाकर पीने की सलाह दी गई। डीएम, सीएमओ, नगर आयुक्त ने इलाके का निरीक्षण किया।
रविवार को इलाके में लगे कैंप में डायरिया के 10 मरीज आए थे। इनमें डायरिया के हल्के लक्षण होने पर सात लोगों दयावती (60), इंद्रजीत (13), इंद्रराज (18), गौसी सिंह (6), विनय (5), श्रेजल (18), रीता (19) को दवा देकर घर भेज दिया गया, जबकि सरोज शर्मा (78), कामिनी रावत (18) व मंजू (13) को एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम मरीजों की सेहत की निगरानी में जुटी है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 210 घरों का सर्वे किया। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह का कहना है कि टीम इलाके में दवा वितरण के साथ एंटी लार्वा का छिड़काव कर रही है। इलाके में हालात अब पहले से सामान्य हैं।
इलाके में हो रही दूषित जलापूर्ति
इलाके में अब भी दूषित जलापूर्ति हो रही है। जलकल की टीम लीकेज का पता लगाने में जुटी है। टीम ने लोगों को आपूर्ति का पानी पीने से मना किया है। उनके लिए मोहल्ले में चार जगह पानी के टैंकर लगाए गए हैं, मगर लोगों का कहना है कि वे बाजार से बाेतल बंद पानी खरीदकर पी रहे हैं, ताकि अब दिक्कत न हो।
डीएम के सामने लोगों का फूटा गुस्सा
डीएम करीब डेढ़ बजे इलाके का निरीक्षण करने पहुंचे। इलाके में लगे कैंप पास वह स्वास्थ्य विभाग, जलकल व नगर निगम के अफसरों को निर्देश दे रहे थे। इसी बीच मोहल्ले के प्रभुदयाल व रुखसाना डीएम पास पहुंचे और अफसरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया कि करीब 15 दिन से पानी की दिक्कत थी। शिकायत के बाद भी अफसरों ने सुध नहीं ली। इसी कारण डायरिया फैल गया। हर घर में एक या दो लोग बीमार हैं। डीएम ने समस्या के निराकरण का आश्वासन दिया।
मृतक के परिजन बोले- न किडनी में दिक्कत थी और न शुगर
डायरिया से जान गंवाने वाले राजेश कौशल (50) की डेथ ऑडिट रिपोर्ट पर परिजनों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने डायरिया को छिपाने के लिए मनगढ़ंत रिपोर्ट बनाई है। पत्नी रानी व बेटे अमन का आरोप है कि राजेश को न शुगर था और न किडनी रोग। जबकि जांच रिपोर्ट में अनकंट्रोल शुगर व किडनी रोग समेत अन्य बीमारी दिखा दी गई। बलरामपुर अस्पताल में भी मरीज का इलाज सिर्फ डायरिया का चल रहा था।
डीएम-सीएमओ के मृतक के घर न जाने पर जताया आक्रोश
डीएम-सीएमओ करीब एक घंटे तक इलाके में रहे, मगर मृतक राजेश के घर झांकने तक नहीं गए। इसे लेकर भी परिजन आक्रोशित दिखे। बोले- डीएम व सीएमओ गली के मोड़ से ही लौट गए। परिजनों का हाल लेने तक नहीं आए। इस बीमार सिस्टम ने घर के इकलौते कमाने वाले मुखिया की जान ले ली। अब घर में कोई भी कमाने वाला तक नहीं है। पीड़ित परिवार किराये पर रहता है। ऐसे में किराया देना भी उनके लिए अब मुश्किल होगा।
डीएम बोले- हेल्पलाइन नंबर जारी करें
डीएम ने अफसरों को हेल्पलाइन नंबर जारी करने का निर्देश दिया। इसमें एक नंबर स्वास्थ्य विभाग के अफसर का और दूसरा नंबर जिला प्रशासन के किसी अधिकारी का दर्ज कराने को कहा है। ये दोनों नंबर इलाके में चस्पा करने होंगे।