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लविवि : परीक्षा फॉर्म भरने की पुरानी व्यवस्था लागू
Tue, 19 Nov 2024 06:41 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Tue, 19 Nov 2024 06:41 PM IST
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय वर्तमान सत्र में अब पूर्व व्यवस्था के अंतर्गत ही परीक्षा संबंधी समस्त कार्य करेगा। समर्थ पोर्टल के माध्यम से परीक्षा संबंधी कार्य कराए जाने के आदेश को फिलहाल रोक दिया गया है। ऐसे में उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक विवि में विषम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भराए जाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
उच्च शिक्षा में सुधार के उद्देश्य से शासन ने लविवि सहित सभी शिक्षण संस्थानों में समर्थ पोर्टल के माध्यम से शैक्षिक एवं परीक्षा संबंधी काम करने के निर्देश दिए थे। समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कुल 41 माॅड्यूल निर्धारित किए गए थे, लेकिन विवि से संबद्ध कॉलेज इन्हें लागू करने में असमर्थ रहे। ऐसे में वर्तमान सत्र में समर्थ पोर्टल के माध्यम से समय से परीक्षाएं कराना संभव नहीं हो पा रहा था।
सत्र पिछड़ने और परीक्षाओं में देरी की आशंका से कुलपति भी चिंतित थे। इसलिए विवि के अनुरोध पर राज्यपाल ने वर्तमान सत्र में पूर्व व्यवस्था से ही परीक्षा संपादित करने की छूट दे दी है। अगले सत्र से अनिवार्य रूप से समर्थ पोर्टल के माध्यम से परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए हैं।
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अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण में महाविद्यालयों और विद्यार्थियों को बड़ी संख्या में समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इसके चलते संबद्ध जिलों के कॉलेजों के विद्यार्थी विवि के चक्कर काटने को मजबूर थे। पंजीकरण में समस्या के कारण विवि में परीक्षा शुरू होने में देरी भी हो रही थी। पिछली बार विवि में आठ नवंबर को परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। वहीं 12 दिसंबर से परीक्षाएं शुरू हो गई थी। जबकि समर्थ पोर्टल की वजह से इस वर्ष अब तक परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
75 हजार की नहीं बन पाई आईडी
समर्थ पोर्टल पर लविवि और संबद्ध कॉलेजों में तीसरे व पांचवें सेमेस्टर के 75 से अधिक विद्यार्थियों की आईडी अब तक नहीं बन पाई है। इसमें पंजीकृत विद्यार्थियों की कुल संख्या करीब 2.90 लाख है। जबकि पहले सेमेस्टर के विद्यार्थियों का आंकड़ा इसमें शामिल नहीं है।
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उच्च शिक्षा में सुधार के उद्देश्य से शासन ने लविवि सहित सभी शिक्षण संस्थानों में समर्थ पोर्टल के माध्यम से शैक्षिक एवं परीक्षा संबंधी काम करने के निर्देश दिए थे। समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण के लिए कुल 41 माॅड्यूल निर्धारित किए गए थे, लेकिन विवि से संबद्ध कॉलेज इन्हें लागू करने में असमर्थ रहे। ऐसे में वर्तमान सत्र में समर्थ पोर्टल के माध्यम से समय से परीक्षाएं कराना संभव नहीं हो पा रहा था।
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सत्र पिछड़ने और परीक्षाओं में देरी की आशंका से कुलपति भी चिंतित थे। इसलिए विवि के अनुरोध पर राज्यपाल ने वर्तमान सत्र में पूर्व व्यवस्था से ही परीक्षा संपादित करने की छूट दे दी है। अगले सत्र से अनिवार्य रूप से समर्थ पोर्टल के माध्यम से परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए हैं।
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अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण में महाविद्यालयों और विद्यार्थियों को बड़ी संख्या में समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इसके चलते संबद्ध जिलों के कॉलेजों के विद्यार्थी विवि के चक्कर काटने को मजबूर थे। पंजीकरण में समस्या के कारण विवि में परीक्षा शुरू होने में देरी भी हो रही थी। पिछली बार विवि में आठ नवंबर को परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। वहीं 12 दिसंबर से परीक्षाएं शुरू हो गई थी। जबकि समर्थ पोर्टल की वजह से इस वर्ष अब तक परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।
75 हजार की नहीं बन पाई आईडी
समर्थ पोर्टल पर लविवि और संबद्ध कॉलेजों में तीसरे व पांचवें सेमेस्टर के 75 से अधिक विद्यार्थियों की आईडी अब तक नहीं बन पाई है। इसमें पंजीकृत विद्यार्थियों की कुल संख्या करीब 2.90 लाख है। जबकि पहले सेमेस्टर के विद्यार्थियों का आंकड़ा इसमें शामिल नहीं है।