फूलपुर व गोरखपुर में बीते तीन दशक का सबसे कम मतदान, भाजपा-सपा व कांग्रेस की चिंता बढ़ी
गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में उप चुनाव के लिए रविवार को हुए मतदान में वोटरों में उत्साह कम नजर आया। फूलपुर में 37.39 प्रतिशत तो गोरखपुर में 43 प्रतिशत वोटिंग हुई। बीते तीन दशक में यह सबसे मतदान है। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में फूलपुर में सबसे कम 38.17 और गोरखपुर में 44.27 प्रतिशत मतदान हुआ था।
उपचुनाव को लेकर मतदाताओं की उदासी ने नतीजों को लेकर भाजपा, सपा, कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी है। दोनों सीटों पर भाजपा और सपा प्रत्याशियों के बीच कांटे का मुकाबला माना जा रहा है।
नाकाफी रहे जागरूकता के प्रयास
निर्वाचन आयोग ने फूलपुर और गोरखपुर में मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरुक करने के लिए स्विप के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए। प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेश्वर लू सहित अन्य अधिकारियों ने भी दोनों जिलों का दौरा कर मतदान प्रतिशत बढ़ाने की बात की। इसके बावजूद वोट प्रतिशत कम ही रहा।
114 वीवीपैट मशीनों में हुई तकनीकी खराबी
ईवीएम से मतदान को पारदर्शी बनाने के लिए लागू की गई वीवीपैट मशीनों ने भी रविवार को हुए उप चुनाव में धोखा दे दिया। फूलपुर और गोरखपुर में 114 वीवीपैट मशीनें खराब हो गई। ईवीएम की 41 बैलेट यूनिट और 38 कंट्रोल यूनिट भी तकनीकी खामी के चलते बदलना पड़ा।
665 कैमरों से रखी नजर
संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केन्द्रों पर 665 कैमरों से मतदान पर निगरानी रखी गई। 95 पोलिंग बूथों पर वेबकास्टिंग भी कराई गई। वहीं, निगरानी के लिए 280 माइक्रो ऑब्जर्वर, 289 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 39 जोनल मजिस्ट्रेट और 20 स्टेटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त लगाए गए।
चुनाव वर्ष--फूलपुर--गोरखपुर
2014--50.16--54.65
2009--38.17--44.27
2004--53.58--48.13
1999--58.38--52.21
1998--57.61--51.21
1996--47.90--46.47
1991--47.80--53.07
1989--54.39--54.77