यूपीः पुलिस के पहरे में 'प्रेम कर सकेंगे' प्रेमी
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बाली उमर के प्यार और विवाह को सुप्रीम कोर्ट ने किशोरी के बालिग होने पर रजामंदी दे दी है। बहराइच पहुंचने पर दंपती को पुलिस का पहरा मिलेगा। निरंतर निगरानी की जाएगी। इसके लिए पुलिस भी तैयारी में है। इंतजार है न्यायालय के आदेश की कॉपी मिलने का।
सर्वोच्च न्यायालय ने बहराइच की लड़की के बालिग होते ही प्रेमी युगल को साथ रहने की इजाजत का जो फैसला सुनाया है, उस फैसले की गुरुवार को जिले में सराहना की गई। हर किसी ने न्यायालय के आदेश को प्रेम की जीत करार दिया।
गौरतलब है कि खैरीघाट थाना क्षेत्र के एक ही गांव के निवासी महेश (काल्पनिक नाम) और राधा (काल्पनिक नाम) में जब प्रेम प्रसंग हुआ तो उस समय किशोरी नाबालिग थी।
दोनों पर परिवार की बंदिशें थीं। उधर, राधा के परिवारीजनों को बड़े घराने का ठसका भी था, जिसके चलते राधा वर्ष 2011 के अंत में रुपईडीहा के लक्ष्मनपुर शंकरपुर स्थित अपने ननिहाल चली गई।
यूं मिला प्रेमी युगल को न्याय
यहीं महेश भी पहुंच गया। उसने राधा के साथ क्षेत्र के एक मंदिर में सात फेरे लिए। राधा की मांग में सिंदूर देखकर उसके ननिहाल के लोग आग बबूला हो उठे। मामला बढ़ता देखकर राधा और महेश दोनों ने घर छोड़ दिया लेकिन राधा के मामा ने रुपईडीहा थाने में महेश पर अपहरण का केस दर्ज करा दिया।
इसके बाद पुलिस ने राधा को खोज निकाला और महेश को गिरफ्तार किया था। मामला दीवानी न्यायालय से हाईकोर्ट और फिर सुप्रीमकोर्ट तक पहुंचा, जहां प्रेमी युगल को न्याय मिला। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को साथ रहने की इजाजत दे दी है।
इसकी खबर जब बहराइच पहुंची तो लोगों ने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया। प्रेमी युगल का घर एक ही गांव में आसपास होने के चलते उनके सुरक्षा के मामले में जब खैरीघाट थानाध्यक्ष एके यादव से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी न्यायालय के आदेश की कॉपी नहीं मिली है। न्यायालय का आदेश मिलने पर प्रेमी युगल को हरसंभव सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।