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CoronaVirus Update: कपड़ा, कॉस्मेटिक, स्टेशनरी का थोक एवं खुदरा कारोबार चौपट, 45 करोड़ का नुकसान

Tue, 17 Mar 2020 04:25 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 17 Mar 2020 04:25 PM IST
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loss of 45 crores in business due to corona virus
भीड़ से भरी रहने वाली अमीनाबाद बाजार का ऐसा है हाल - फोटो : अमर उजाला

CoronaVirus Latest Updates In Hindi: समय- दोपहर तीन बजे। बाजार- लखनऊ का अमीनाबाद, झाऊ लाल पुल। स्टेशनरी बाजार में कारोबारी जितेंद्र सिंह चौहान और उनके पिता वीरेंद्र विक्रम सिंह खुदरा व्यापारियों की राह देख रहे हैं। मार्च का महीना सहालग का होने के चलते तीन माह से स्टेशनरी का स्टाक जुटाए थे, पर कोरोना के खौफ से इस बार बाजार चौपट है।

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ये हाल स्टेशनरी बाजार का ही नहीं, पूरे अमीनाबाद, चौक, आलमबाग, भूतनाथ मार्केट इंदिरानगर, पत्रकारपुरम गोमतीनगर आदि का भी है। कारोबारियों का कहना कि कोरोना के चलते 75 फीसदी खरीदार घरोें से नहीं निकल रहे। इससे कपड़ा, कॉस्मेटिक, ज्वेलरी, स्टेशनरी आदि का थोक व खुदरा कारोबार बर्बाद हो रहा है, जिससे कारोबारी सहमे हैं।
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ऐसे में सिर्फ दवा की दुकानों पर रौनक है, जहां कोरोना से बचाव की दवाइयां बिक रही हैं। कारोबारियों के मुताबिक सोमवार को अमीनाबाद, चौक, आलमबाग, भूतनाथ मार्केट व पत्रकारपुरम में औसतन 15 करोड़ रुपये का ही कारोबार हुआ। आम दिनों में यह आंकड़ा करीब 60 करोड़ रुपये होता है, पर कोरोना केे चलते 45 करोड़ का नुकसान हुआ।

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30 जिलों से नहीं आ रहे खरीदार

कारोबारी जितेंद्र ने बताया कि स्टेशनरी बाजार में लगभग 300 थोक दुकानें हैं। इस वक्त सहालग का मौसम है, जिसमें पूर्वांचल व अवध क्षेत्र के लगभग 30 जिलोें से खरीदार सुबह से ही आने लगते थे। बीते दो-तीन दिन से खुदरा कारोबारी आ रहे थे, पर सोमवार को तो इन जिलोें से एक भी खरीदार नहीं आया।

यह स्थिति तब है जब इस वक्त थोक कारोबारी खुदरा की स्टेशनरी डिमांड पूरी नहीं कर पाते थे। रोजाना चार करोड़ रुपये की स्टेशनरी बिकती, पर सोमवार को एक करोड़ का भी कारोबार नहीं हुआ।

सिर्फ शादी के कपड़े बिक रहे
अमीनाबाद में 6000 थोक-खुदरा कारोबारियों एवं 4000 पटरी दुकानदारों की दुकानें हैं। इनमें औसतन रोजाना 50 हजार लोग खरीदारी करने आते थे। सोमवार को यहां की करीब 75 फीसदी दुकानों में सन्नाटा था। गणेशगंज के कारोबारी अशोक मोतियानी ने बताया कि कोरोना के खौफ से खरीदार घरों से नहीं निकल रहे।

इस समय सिर्फ शादी के कपड़े बिक रहे हैं। जिनके परिवार में अप्रैल, मई में शादी है वही मजबूरी में खरीदारी कर रहे हैं। कारोबारी विनोद अग्रवाल के मुताबिक अमीनाबाद में आम दिनों में औसतन 20 करोड़ रुपये रोजाना का कारोबार है, पर सोमवार को पांच करोड़ का ही बिक्री हुई।

सराफा बाजार में सन्नाटा

सोने, चांदी, हीरे के गहनों के लिए चर्चा में रहने वाले चौक के सराफा बाजार में सोमवार को जबरदस्त सन्नाटा रहा। खास तौर पर थोक कारोबारियों ने गहने खरीदने वाले खुदरा व्यापारियों की सूरत नहीं देखी। कारोबारी आदीश जैन ने बताया कि जो खुदरा शोरूम ग्राहकों से भरे रहते थे, उनमें एक-दो ग्राहक ही खरीदारी करने आए। ऐसा तब है जब कोरोना के बचाव के इंतजाम भी किए गए हैं। चौक में रोजाना सात से आठ करोड़ का गहनों कारोबार होता है, जो सोमवार को एक से दो करोड़ पर सिमट गया।

शोरूम में सैनेटाइजर का इंतजाम
इंदिरानगर स्थित भूतनाथ मार्केट पर कोरोना का ज्यादा ही असर दिख रहा है। इंदिरानगर में एक मरीज के मिलने से सहमे ग्राहक कुछ ज्यादा ही सावधानी बरत रहे हैं। कारोबारी देेवेंद्र गुप्ता, उत्तम कपूर आदि ने बताया कि ग्राहकों की दस्तक के बिना शोरूम व दुकान सूनी हो गई हैं। बेहद जरूरतमंद ग्राहक ही खरीद को आ रहे हैं। यह तब है जब शोरूम में सेनेटाइजर की व्यवस्था है। ग्राहक शोरूम में प्रवेश से पहले और लौटते वक्त भी सेनेटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं।

आम दिनों में एक दिन का औसत बाजार

- 25 करोड़ अमीनाबाद
- 20 करोड़ आलमबाग
-  8 करोड़ चौक
- l5 करोड़ पत्रकारपुरम
- 2 करोड़ भूतनाथ मार्केट
(सोमवार को इन बाजारों में 15 करोड़ रुपये का ही कारोबार हुआ)

गिलोय की मांग बढ़ी
कोरोना से बचाव को प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने को लोग गिलोय (रेडीमेड गाढ़ा) का इस्तेमाल कर रहे हैं। आयुर्वेदिक दवा के कारोबारी सतीश शर्मा ने बताया कि बीते दो दिन से गिलोय की मांग बढ़ी है।
 

सेनेटाइजर-मास्क ही नहीं, बाजार से गायब हो रहीं रोजमर्रा की वस्तुएं

कोरोना वायरस के खौफ के बीच सबसे पहले सेनेटाइजर और मास्क बाजार से गायब हो गए। अब धीरे-धीरे बाजार से अन्य वस्तुएं भी गायब होने लगी हैं। ये वस्तुएं लोगों के रोजमर्रा के इस्तेमाल की हैं। खुदरा कारोबारियों का आरोप है कि थोक कारोबारियों ने ऐसी वस्तुओं की जमाखोरी शुरू कर दी है जिससे ग्राहकों की मांग को पूरा करना मुश्किल हो गया है।

किराना के खुदरा कारोबारी ने बताया कि किचन की वस्तुओं की सेल में तेजी आई है। इसमें चावल, आटा, दाल, खाने का तेल, चीनी, बिस्किट, चाय पत्ती, इंस्टैंट नूडल्स, फ्रोजन फूड आदि शामिल हैं। दरअसल लोग कोरोना के डर से जरूरत का हर सामान घरों में भर रहे हैं।

इससे खुदरा बाजार में 25 से 50 फीसदी तक खरीद बढ़ी है तो रोजमर्रा की वस्तुओं की कमी होने लगी है। कारोबारी विनोद अग्रवाल ने बताया कि कोरोना के चक्कर में ऑनलाइन खरीद फरोख्त प्रभावित हुई है। ऑनलाइन खरीद करने वाले ग्राहक सीधे बाजार व मॉल में उतर रहे हैं, जिससे खपत बढ़ी। 

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