पासवर्ड बदलकर फर्जी नाम पर थोपा 60 हजार का बिल
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बिजली बिल के बड़े बकाएदारों को राहत पहुंचाने के नाम पर लेसा में इन
एसडीओ का पासवर्ड हैक कर इस गोरखधंधे को अंजाम दिया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया में उपभोक्ता के असली नाम व पते को बदलकर फर्जी नाम व पते पर बिल तैयार किए जा रहे हैं।
इतना ही नहीं इस गोरखधंधे का नामोनिशान मिटाने के लिए असल उपभोक्ता के घर से गुपचुप तरीके से मीटर तक को उतार लिया जाता है। इसका खुलासा अमीनाबाद उपकेंद्र इलाके में बीते शनिवार को हुआ।
बशीरतगंज के मकान नंबर 134/416 निवासी रफीक के ऊपर बिजली बिल की करीब 60 हजार रुपये की रकम (सितंबर तक) बकाया है। सिंडीकेट ने साठगांठ के चलते 12 सितंबर को इस बिल से रफीक का नाम बदलकर मो. अहमद पुत्र शफी निवासी अमीनाबाद कर दिया।
यानी 60 हजार रुपये के बिल के बकाएदार रफीक की जगह मो. अहमद बन गए। बकाया बिल पर फर्जी नाम दर्ज होने के बाद उपभोक्ता के घर से मीटर को उतार कर गायब कर दिया गया।
सिंडीकेट ने इस गोरखधंधे को अंजाम देने के
लिए उपखंड अधिकारी संजीव कुमार गुप्ता के पासवर्ड का इस्तेमाल किया गया
है। अमीनाबाद में जब से इस गोरखधंधे की पोल खुली तब से हड़कंप मचा है।
इसकी
पुष्टि करते हुए एक्सईएन अनिल कुमार ने बताया कि गुप्ता ने सोमवार को
पासवर्ड बदल लिया है। उपखंड अधिकारी से नए पासवर्ड में बिजली बिल में नाम
बदलने की सुविधा छीन ली गई है।
एक्सईएन ने बताया कि कुल कितने बिल के नाम
बदले गए इसकी जांच कराई जा रही है।