यूपी: शहरों से गांवों तक जबरदस्त बिजली कटौती बनी मुसीबत, ऊर्जा मंत्री बोले- युद्धस्तर पर सुधार का प्रयास कर रहे हैं
यूपी में अघोषित बिजली कटौती से जनता त्राहिमाम-त्राहिमाम कर रही है। शहरों से लेकर गांवों तक जबरदस्त कटौती हो रही है। जिसे देखते हुए अतिरिक्त बिजली के इंतजाम किए जा रहे हैं।
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उत्तर प्रदेश में बिजली की उपलब्धता में थोड़ा इजाफा हुआ है, लेकिन संकट बरकरार है। मांग के मुकाबले बिजली की उपलब्धता कम होने से ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों व तहसील मुख्यालयों पर जबर्दस्त कटौती जारी है, वहीं शहरी क्षेत्रों लोकल फाल्ट व अन्य तकनीकी वजहों से अघोषित कटौती मुसीबत बनी हुई है। गहराते बिजली संकट को देखते हुए पावर कॉर्पोरेशन अतिरिक्त बिजली के इंतजाम में जुटा है। शुक्रवार को उपलब्धता 781 मेगावाट बढ़ी है। 1 मई से कुछ और अतिरिक्त बिजली मिलने की उम्मीद है। इसके बाद बिजली संकट से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
प्रदेश में बिजली की मांग अब भी 22,000 मेगावाट के आसपास है जबकि उपलब्धता करीब 18,000 मेगावाट है। पावर कॉर्पोरेशन के अधिकारियों का कहना है कि गर्मी बढ़ने से उत्तरी क्षेत्र समेत पूरे देश में बिजली की मांग में भारी वृद्धि हुई है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली का इंतजाम करना बेहद मुश्किल हो रहा है।
केंद्रीय और प्रदेश के बिजलीघरों की तमाम इकाइयों के बंद होने से यूपी में बिजली की उपलब्धता घट गई है। इससे मांग पूरा करना संभव नहीं हो पा रहा है। पर्याप्त बिजली उपलब्ध न होने से ग्रामीण क्षेत्रों, कस्बों व तहसील मुख्यालयों पर शिड्यूल के अनुसार आपूर्ति नहीं हो रही है। उधर, बिजलीघरों को अब भी जरूरत भर कोयला नहीं मिल रहा है। प्रदेश में सभी स्रोतों से लगभग 10,600 मेगावाट और केंद्र से लगभग 8000 मेगावाट बिजली मिल रही है।
पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष एम. देवराज का कहना है कि बिजली व्यवस्था दुरुस्त रखने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जा रहे हैं। शुक्रवार को उपलब्धता में 781 मेगावाट की वृद्धि हुई है जिससे दबाव थोड़ा कम हुआ है। केंद्रीय कोटे में 332 मेगावाट की वृद्धि हुई है जबकि सोलर प्लांटों से 196 मेगावाट, राज्य के बिजलीघरों से 118 मेगावाट तथा निजी उत्पादन गृहों से 145 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उपलब्ध हुई है। पहली मई से करीब दो हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का इंतजाम होने से बिजली आपूर्ति की स्थिति में और सुधार होने की उम्मीद है। बंद इकाइयों को शीघ्र चालू करने का प्रयास भी किया जा रहा है। विभिन्न स्तरों पर आपूर्ति, उत्पादन, उपभोक्ता सेवा एवं राजस्व वसूली की गहन मॉनिटरिंग की जा रही है।
मांग के अनुरूप उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास : शर्मा
ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कहा कि भीषण गर्मी से प्रदेश में बिजली की मांग अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। अन्य राज्यों में भी बिजली की घोषित कटौती शुरू हो गई है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों में भी पावर कॉर्पोरेशन प्रदेश में बिजली आपूर्ति सामान्य रखने और उपभोक्ताओं को अधिकतम आपूर्ति के लिए युद्धस्तर पर प्रयासरत है। मांग के अनुरूप बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। शहरों को यथा संभव कटौती से मुक्त रखने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षत्रों में भी बहुत जरूरत पर ही आपात कटौती की जा रही हैं। मांग पूरी करने के लिए अतिरिक्त बिजली खरीदने की कोशिश भी की जा रही है। ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ताओं व जनप्रतिनिधियों से सहयोग और बिजली की बचत करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि पावर कॉर्पोरेशन ने 1 मई से लगभग 2000 मेगावाट अतिरिक्त बिजली का इंतजाम किया है। सिक्किम से 400 मेगावाट हाइड्रो पावर की व्यवस्था करने के अलावा बैकिंग के जरिए मध्य प्रदेश से 325 मेगावाट व राजस्थान से 283 मेगावाट बिजली मिलने की संभावना है। बिडिंग के जरिए भी 430 से 950 मेगावाट बिजली की व्यवस्था की जा रही है।