{"_id":"69598394995597ff3a01ce3e","slug":"lokbandhu-hospitals-power-supply-was-cut-for-29-hours-and-no-ct-scans-were-conducted-lucknow-news-c-13-knp1002-1543646-2026-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: लोकबंधु अस्पताल की बिजली 29 घंटे गुल, नहीं हुए सीटी स्कैन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: लोकबंधु अस्पताल की बिजली 29 घंटे गुल, नहीं हुए सीटी स्कैन
विज्ञापन
लोकबंधु अस्पताल।
लखनऊ। कानपुर रोड स्थित लोकबंधु अस्पताल शुक्रवार सुबह से करीब 29 घंटे तक बिजली संकट से जूझता रहा। अस्पताल परिसर में बने कंट्रोल रूम के पैनल में खराबी आने से पूरी बिजली आपूर्ति ठप हो गई। हालात इतने बिगड़े कि अस्पताल प्रशासन को बाहर से दो अतिरिक्त जनरेटर मंगाकर किसी तरह जरूरी सेवाएं चालू रखनी पड़ीं। बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा असर अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर संचालित सीटी स्कैन मशीन पर पड़ा। मशीन में जनरेटर बैकअप न होने के कारण करीब 29 घंटे तक सीटी स्कैन जांच पूरी तरह ठप रही। इससे भर्ती और ओपीडी के मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोकबंधु अस्पताल को स्वतंत्र फीडर से बिजली आपूर्ति होती है, जिसका कंट्रोल रूम अस्पताल परिसर में ही स्थित है। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे अचानक बिजली गुल हो गई। प्रशासन ने पहले से मौजूद तीन जनरेटर के सहारे व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी।
बिजली विभाग के जेई और एसडीओ शुक्रवार को ही अस्पताल पहुंचे, लेकिन दिनभर फॉल्ट का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। देर रात जांच में कंट्रोल रूम के पैनल में नमी पाए जाने के बाद वजह सामने आई। पैनल को हीटर से सुखाया गया, जिसके बाद शनिवार दोपहर करीब तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। अधिशासी अभियंता कृष्णानंद ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक अधिकारी मौके पर डटे रहे, तब जाकर फॉल्ट की पहचान हो पाई।
विज्ञापन
50 से अधिक मरीजों की जांच टली
अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 50 से अधिक सीटी स्कैन जांच होती है। बिजली न होने से कई मरीज घंटों इंतजार करते रहे, जबकि कई को जांच के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजना पड़ा। इससे इलाज में देरी हुई और मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ा। शनिवार को बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद सीटी स्कैन जांच दोबारा शुरू हो सकी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर ने बताया कि अस्पताल की सामान्य सेवाएं जनरेटर बैकअप से चलती रहीं, लेकिन पीपीपी मॉडल की संचालित सीटी स्कैन मशीन में जनरेटर नहीं होने के कारण जांच संभव नहीं हो सकी। मशीन संचालक को जनरेटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मरीजों की जांच नहीं हो पाई थी, उनके नाम दर्ज कर उन्हें फोन कर बुलाया जा रहा है।
विज्ञापन
लोकबंधु अस्पताल को स्वतंत्र फीडर से बिजली आपूर्ति होती है, जिसका कंट्रोल रूम अस्पताल परिसर में ही स्थित है। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे अचानक बिजली गुल हो गई। प्रशासन ने पहले से मौजूद तीन जनरेटर के सहारे व्यवस्था संभालने की कोशिश की, लेकिन निर्बाध बिजली आपूर्ति नहीं हो सकी।
विज्ञापन
बिजली विभाग के जेई और एसडीओ शुक्रवार को ही अस्पताल पहुंचे, लेकिन दिनभर फॉल्ट का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। देर रात जांच में कंट्रोल रूम के पैनल में नमी पाए जाने के बाद वजह सामने आई। पैनल को हीटर से सुखाया गया, जिसके बाद शनिवार दोपहर करीब तीन बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। अधिशासी अभियंता कृष्णानंद ने बताया कि शुक्रवार देर रात तक अधिकारी मौके पर डटे रहे, तब जाकर फॉल्ट की पहचान हो पाई।
विज्ञापन
50 से अधिक मरीजों की जांच टली
अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 50 से अधिक सीटी स्कैन जांच होती है। बिजली न होने से कई मरीज घंटों इंतजार करते रहे, जबकि कई को जांच के लिए दूसरे अस्पतालों में भेजना पड़ा। इससे इलाज में देरी हुई और मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ा। शनिवार को बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद सीटी स्कैन जांच दोबारा शुरू हो सकी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शंकर ने बताया कि अस्पताल की सामान्य सेवाएं जनरेटर बैकअप से चलती रहीं, लेकिन पीपीपी मॉडल की संचालित सीटी स्कैन मशीन में जनरेटर नहीं होने के कारण जांच संभव नहीं हो सकी। मशीन संचालक को जनरेटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिन मरीजों की जांच नहीं हो पाई थी, उनके नाम दर्ज कर उन्हें फोन कर बुलाया जा रहा है।

लोकबंधु अस्पताल।