फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lokayukta sens report against Mayawati minister

मायावती ने बख्शा तो 'बिग बॉस' से की शिकायत

Thu, 14 Aug 2014 10:45 PM IST
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ
अनिल श्रीवास्तव/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 14 Aug 2014 10:45 PM IST
विज्ञापन
Lokayukta sens report against Mayawati minister

मायावती सरकार में श्रम मंत्री रहे बादशाह सिंह के खिलाफ लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने राज्यपाल राम नाईक को विशेष रिपोर्ट भेजी है।

विज्ञापन


बादशाह सिंह के खिलाफ दाखिल की गई शिकायतों की जांच के बाद सरकार को भेजी गई सिफारिशों पर अमल न होने पर लोकायुक्त ने राज्यपाल को विशेष रिपोर्ट भेजकर इस मामले में सरकार से स्पष्टीकरण लेकर उसे विधानमंडल के पटल पर रखवाने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन


अवध पाल सिंह व रामवीर उपाध्याय के बाद बादशाह सिंह तीसरे पूर्व मंत्री हैं जिनके खिलाफ राज्यपाल को विशेष रिपोर्ट भेजी गई है।

जमीन कब्जाने का था आरोप

Lokayukta sens report against Mayawati minister

महोबा जिले की चरखारी तहसील के खरेला निवासी अखिलेश उपाध्याय ने वर्ष 2011 में लोकायुक्त के समक्ष शिकायत दाखिल कर बादशाह सिंह पर सरकारी जमीनों व संपत्तियों पर कब्जे का आरोप लगाया था।

लोकायुक्त ने शिकायतों की जांच करके अक्तूबर 2011 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती को रिपोर्ट भेजकर उनके द्वारा अवैध रूप से कब्जाई गई जमीनों और संपत्तियों को मुक्त कराने, उनसे हर्जाना वसूलने तथा उन्हें किसी संवैधानिक पद पर नियुक्त न करने की भी सिफारिश की थी।

बर्खास्त हुए लोकायुक्त जांच के दौरान

Lokayukta sens report against Mayawati minister

खास बात यह थी कि बादशाह सिंह मायावती सरकार के एकमात्र ऐसे मंत्री थे जिन्हें लोकायुक्त जांच के दौरान ही बर्खास्त कर दिया गया था।

न्यायमूर्ति मेहरोत्रा ने बताया कि उन्होंने बादशाह सिंह के खिलाफ जो सिफारिशें की थीं, उनमें से केवल उन्हें पद से हटाकर भविष्य में किसी संवैधानिक पद पर तैनात न करने की सिफारिश को छोड़कर किसी पर अमल नहीं हुआ।

जमीनों पर किए गए अवैध कब्जों को खाली कराने, हर्जाना वसूलने समेत अन्य सिफारिशों पर कार्रवाई के बारे में सरकार की ओर से उन्हें कोई सूचना नहीं भेजी गई। इस पर उन्होंने राज्यपाल को विशेष रिपोर्ट भेज दी है।

विज्ञापन

ये थीं सिफारिशें

Lokayukta sens report against Mayawati minister

आरोप सिद्ध होने के परिणामस्वरूप बादशाह सिंह को पुन: किसी संवैधानिक पद पर तैनात करने पर विचार न किया जाए। नगर पंचायत, खरेला के भवन संख्या 30ब जो गाटा संख्या 3390 पर बना है, उस पर नगर पंचायत द्वारा पुन: कब्जा प्राप्त किया जाए।

खरेला में खलिहान के लिए सुरक्षित भूमि खसरा संख्या 795 1.9910 हेक्टेयर जिस पर डिग्री कॉलेज ने नाजायज तरीके से स्टेडियम के लिए कब्जा किया है, उससे कब्जा हटवाया जाए। साथ ही अपेक्षित हर्जाना लगाया जाए और खलिहान की जमीन ग्रामवासियों के लिए सुरक्षित की जाए।

खरेला के खसरा संख्या 3426 क्षेत्रफल 0.6680 हेक्टेयर (लगभग पांच बीघा) जमीन पर मंदिर की संपत्ति को छोड़कर शेष भूमि पर से बाबू रामेश्वर सिंह इंटर कॉलेज का कब्जा हटवाकर जमीन मुक्त कराई जाए।

वर्ष 2001 में बाबू रामेश्वर सिंह महाविद्यालय से संबंधित अभिलेख दाखिल करके माध्यमिक शिक्षा परिषद से हाईस्कूल की जो मान्यता प्राप्त की गई है, उसके संबंध में सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्तर से कानूनी कार्रवाई की जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed