फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lok Sabha Elections: ATS will keep an eye on these ten seats including Varanasi, Gorakhpur, Naxalite activitie

लोकसभा चुनाव: वाराणसी, गोरखपुर सहित इन दस सीटों पर रहेगी एटीएस की नजर, नक्सली गतिविधियां निशाने पर

Mon, 08 Apr 2024 02:18 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Mon, 08 Apr 2024 02:18 PM IST
सार

Lok Sabha Elections: यूपी की दस लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहां पर एटीएस की नजर चुनावों में होगी। इन सीटों में पीएम मोदी की सीट वाराणसी भी शामिल है। 

विज्ञापन
Lok Sabha Elections: ATS will keep an eye on these ten seats including Varanasi, Gorakhpur, Naxalite activitie
सवंदेनशील है वाराणसी लोकसभा क्षेत्र। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्वांचल में अर्बन नक्सलियों की पैठ और प्रतिबंधित संठगन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े रहे लोगों के कारण लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) भी अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। वाराणसी के साथ ही चंदौली, बलिया, सोनभद्र, भदोही, प्रयागराज, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज और गोरखपुर पर एटीएस की विशेष रूप से नजर है।

विज्ञापन


इन जिलों के चिह्नित लोगों की प्रत्येक गतिविधियां एटीएस के रडार पर हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गत हफ्ते बलिया जिले के 11 और बिहार के कैमूर जिले में एक स्थान पर छापा मारा था। एनआईए के अधिकारियों के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) के ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) इस क्षेत्र में अपने संगठन को पुनर्जीवित करने के प्रयास में लगे हैं। इसी तरह से बीते वर्ष एटीएस ने अर्बन नक्सल की धरपकड़ के लिए वाराणसी के अलावा बलिया, चंदौली और सोनभद्र जिले में छापा मार कर धरपकड़ की थी।
विज्ञापन


शीर्ष खुफिया एजेंसियों के अफसरों के अनुसार लोकसभा चुनाव के दौरान राष्ट्र विरोधी ताकतों के साथ मिल कर अर्बन नक्सल और पीएफआई जैसे प्रतिबंधित संगठन के प्रति सहानुभूति रखने वाले सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों की भावनाएं भड़काने का प्रयास कर सकते हैं। इसलिए ऐसे लोगों की रूटीन की गतिविधियों के साथ ही आभासी दुनिया की उनकी सक्रियता को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीएफआई के प्रति सहानुभूति रखने वाले वाराणसी और भदोही में
खुफिया एजेंसियों के अफसरों के अनुसार, प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से सहानुभूति रखने वाले लोग अभी भी वाराणसी और भदोही जिले में हैं। यह चिह्नित लोग फिलहाल किसी भी प्रकार की बैठक या सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म के माध्यम से विचारों का आदान-प्रदान नहीं कर रहे हैं। इसके बावजूद एहतियातन इनकी गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा रही है।


एआई आधारित चुनाव प्रचार सामग्री को लेकर सतर्कता
लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए इस बार राजनीतिक दलों का एक प्रमुख माध्यम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चुनाव प्रचार सामग्री भी एटीएस की पैनी नजर है। सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफॉर्म पर एआई आधारित चुनाव प्रचार सामग्री राष्ट्र विरोधी संदेश देती हुई न प्रतीत हो, इसे लेकर एटीएस की टीमें अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed