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लोकसभा चुनाव: सभी दलों की नजर कुर्मी वोटों पर, सपा की सूची में चार कुर्मी, आखिर क्यों इतना अहम है ये वोटर

Wed, 31 Jan 2024 07:32 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 31 Jan 2024 07:32 AM IST
सार

लोकसभा चुनाव के लिए सभी दलों की तैयारियां तेज हो गई हैं। सपा ने अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इसमें कुर्मी जाति के प्रत्याशियों को अच्छी संख्या में टिकट दिए गए। आखिर ये वोटर इतना अहम क्यों है?

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Lok Sabha elections: All parties have an eye on Kurmi votes, four Kurmi in SP's list
वोटिंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा चुनाव 2024 में पिछड़ों में यादवों के बाद सबसे बड़ी आबादी वाले कुर्मी समाज को अपने पाले में लाने और बनाए रखने की लामबंदी तेज हो गई है। भाजपा ने यूपी में अपना दल से गठबंधन के बावजूद पड़ोसी राज्य बिहार में नीतीश कुमार से भी गठबंधन कर लिया। तो सपा ने बिना देर किए सबसे तेज पहल करते हुए 16 प्रत्याशी उतारे, जिनमें सबसे ज्यादा चार कुर्मी शामिल किए हैं।

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उत्तर प्रदेश में पिछड़ी जातियों में यादव समाज के बाद सर्वाधिक आबादी कुर्मी समाज की मानी जाती है। माना जाता है कि पिछड़ी जातियों में कुर्मी करीब आठ फीसदी हैं। प्रदेश में लोकसभा की करीब 35 सीटों को कुर्मी मतदाता प्रभावित करते हैं। वहीं 25 से अधिक ऐसी सीटें हैं जहां से कभी न कभी कुर्मी सांसद निर्वाचित हुए हैं। मौजूदा समय में 41 कुर्मी विधायक हैं। इनमें से 27 भाजपा से हैं, 13 समाजवादी पार्टी और एक कांग्रेस से हैं। पांच विधान परिषद सदस्य भी कुर्मी हैं। 80 में से आठ सांसद भी कुर्मी समाज से हैं। योगी सरकार में तीन कैबिनेट और एक राज्यमंत्री कुर्मी समाज से ही हैं।
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सपा की सूची में 4 कुर्मी
सपा ने लोकसभा चुनाव के लिए 16 प्रत्याशियों की अपनी पहली सूची जारी कर दी है। इसमें डिंपल यादव समेत तीन प्रत्याशी परिवार के हैं, जबकि चार कुर्मी और एक मुस्लिम प्रत्याशी हैं। सांसद डिंपल यादव को फिर से मैनपुरी और शफीकुर्रहमान बर्क को संभल से प्रत्याशी बनाया गया है। फैजाबाद अनारक्षित सीट है, पर यहां से पूर्व मंत्री व नौ बार के विधायक अनुसूचित जाति के अवधेश प्रसाद को उतारा गया है। क्षत्रिय एक और मौर्य व खत्री दो-दो प्रत्याशी हैं।
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पूर्व सांसद अक्षय यादव को फिरोजाबाद और धर्मेंद्र यादव को बदायूं से टिकट दिया गया है। अक्षय यादव, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चाचा प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र हैं, जबकि धर्मेंद्र यादव उनके चचेरे भाई हैं। खीरी से पूर्व विधायक उत्कर्ष वर्मा और धौरहरा से पूर्व एमएलसी आनंद भदौरिया प्रत्याशी होंगे। उन्नाव से पूर्व सांसद अनु टंडन और लखनऊ से मध्य क्षेत्र के विधायक व पूर्व मंत्री रविदास मेहरोत्रा उम्मीदवार बनाए गए हैं।

कैंसर सर्जन डॉ. नवल किशोर शाक्य को फर्रुखाबाद, अकबरपुर से पूर्व सांसद राजाराम पाल, बांदा से शिवशंकर पटेल और बस्ती से पूर्व सांसद राम प्रसाद चौधरी को मैदान में उतारा गया है। गोरखपुर से अभिनेत्री काजल निषाद को उतारा गया है। अम्बेडकरनगर से पूर्व मंत्री व कटेहरी के विधायक लालजी वर्मा को प्रत्याशी बनाया गया है। सपा के कुल 16 प्रत्याशियों में 11 ओबीसी और 3 सामान्य जाति से हैं।

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