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लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों को देना होगा पांच वर्ष की आय का ब्योरा: सीईसी

Sat, 02 Mar 2019 07:25 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Priyesh Mishra Updated Sat, 02 Mar 2019 07:25 AM IST
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Lok Sabha election 2019 candidates will have to give details of income of five years, says CEC
सुनील अरोड़ा
लोकसभा चुनाव में उम्मीदवारों को देश व विदेश की संपत्तियों और पांच वर्ष की आय की घोषणा करनी होगी। पत्नी, बच्चों और आश्रितों की पांच वर्ष की आय का ब्योरा भी घोषित करना होगा। संपत्ति की जानकारी परमानेंट अकाउंट नंबर (पैन) के साथ देनी होगी। चुनाव आयोग इसकी जांच आयकर विभाग से कराएगा। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) सुनील अरोड़ा ने शुक्रवार को यहां योजना भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
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अरोड़ा ने बताया कि उम्मीदवारों के नामांकन आवेदन के प्रारूप 26 में घोषित संपत्ति और आयकर विभाग के रिटर्न में विसंगति पाई गई तो उसे आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। आयोग के प्रस्ताव को दो दिन पहले विधि मंत्रालय की सहमति मिल गई है। इसे इसी लोकसभा चुनाव से लागू किया जाएगा।  
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सीईसी ने भारत-पाक सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच लोकसभा चुनाव टलने की संभावनाओं को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव समय पर होंगे। देश और उत्तर प्रदेश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव आयोग की प्राथमिकता है। मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक सहित शासन व पुलिस के अधिकारियों को 2014 और 2017 के चुनाव में दर्ज आपराधिक मामलों के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। 
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1950 पर फोन कर जुड़वा सकते हैं नाम
सीईसी ने बताया कि 1 जनवरी 2019 को 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़े हैं, वे 1950 पर डायल करके नाम जुड़वा सकते है। मतदाता सूची से संबंधित अन्य समस्याओं का समाधान भी कराया जा सकता है।

100 मिनट में समाधान करेगा सी विजिल एप
अरोड़ा ने बताया कि लोकसभा चुनाव में पूरे देश में ‘सी विजिल’ एप लॉन्च किया जाएगा। एप पर शिकायत आते ही संबंधित अधिकारी को 100 मिनट में रेस्पॉन्स करना होगा कि उन्होंने क्या करवाई की। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में एप को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लॉन्च किया गया था। वहां एप पर 28 हजार शिकायतें मिली थीं।

लोकसभा चुनाव में नकद राशि के इस्तेमाल या किसी अन्य गंभीर शिकायत में अपना नाम गोपनीय रखने की सुविधा भी होगी। आयोग उस पर की गई कार्रवाई की जानकारी अखबार में प्रकाशित कराएगा। राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को अनुमति और एनओसी के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया है, जहां से 24 घंटे में अनुमति और एनओसी मिलेगी। 
 

राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों ने ईवीएम को फुटबॉल बनाया


अरोड़ा ने कहा कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों ने ईवीएम को फुटबॉल बना दिया है। यदि चुनाव परिणाम पक्ष में हो तो ईवीएम ठीक है, नहीं तो खराब है। देश में दो दशक से ईवीएम का इस्तेमाल हो रहा है। लोकसभा चुनाव 2014 ईवीएम से हुआ था और उसके कुछ महीने बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव भी ईवीएम से हुआ था। 2018 में सर्वोच्च न्यायालय ने भी ईवीएम को क्लीन चिट दी है। उन्होंने दावा किया कि ईवीएम और वीवीपैट मशीनों में गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है। विश्व के टॉप तकनीकी विशेषज्ञों की टीम की निगरानी में ईवीएम और वीवीपैट मशीनें तैयार की गई हैं।

उत्तर प्रदेश में बाहुबलियों पर खास नजर
अरोड़ा ने कहा कि उत्तर प्रदेश दुनिया के कई देशों से बड़ा है। यहां सकुशल चुनाव कराना एक चुनौती है। आयोग ने यहां सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने, जातिवाद और क्षेत्रवाद आधारित घटनाओं पर अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था नियंत्रित रखने पर फोकस किया है। चुनाव में बाहुबली उम्मीदवारों और उनके समर्थकों पर खास नजर रखी जाएगी।

हथियारों में कमी होनी चाहिए
सीईसी ने कहा कि यूपी में बड़ी संख्या में हथियार लाइसेंस जारी किए गए हैं। प्रत्येक जिले में हजारों की संख्या में लाइसेंस जारी किए गए हैं। लोकसभा चुनाव में लाइसेंसशुदा हथियार थानों में जमा करने के निर्देश दिए हैं। आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था भी करने को कहा है। 
 

सभी मतदान केंद्रों पर हो रोशनी की व्यवस्था

सीईसी ने कहा कि प्रदेश में 91,709 मतदान स्थलों पर 1,63,331 मतदान केंद्र हैं। 95 प्रतिशत केंद्रों पर रैम्प हैं, 99.07 प्रतिशत केंद्रों पर पेयजल की सुविधा है, 98.68 प्रतिशत केंद्रों पर शौचालय हैं। रोशनी की व्यवस्था 88.89 प्रतिशत केंद्रों पर ही है। प्रदेश के ऊर्जा विभाग को चुनाव से पहले सभी मतदान केंद्रों पर रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। 

राजनीतिक दलों के सुझावों पर होगा विचार
सीईसी ने कहा कि आयोग ने 27 फरवरी को प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से बात की थी। दलों ने जाति व धर्म आधारित भाषण पर रोक लगाने, पुलिस की निष्पक्षता सुनिश्चित  करने, मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात करने, राजनीतिक दलों की खर्च की सीमा तय करने सहित कई सुझाव दिए हैं। इन पर गंभीरता से विचार के साथ ही उनकी समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा।

सैनिकों और जवानों को समय पर मिलेंगे पोस्टल बैलेट
अरोड़ा ने कहा कि सेना और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों के पोस्टल बैलेट समय पर मतगणना स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। देश में 16 लाख और यूपी में 2.50 लाख जवानों का पंजीकरण किया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में निर्वाचन आयुक्त अशोक लवासा, सुशील चंद्रा और प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेश्वर लू मौजूद थे।
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