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Lucknow News: जच्चा-बच्चा की मौत मामले में कार्रवाई न होने पर सीएमओ ऑफिस घेरा
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सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते लोक जनशक्ति पार्टी की पदाधिकारी।
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लखनऊ। इंदिरानगर के तकरोही स्थित शिवा हॉस्पिटल में जच्चा-बच्चा की मौत के मामले में कार्रवाई न होने से नाराज परिजनों ने सोमवार को लोक जनशक्ति पार्टी के पदाधिकारियों के साथ सीएमओ ऑफिस का घेराव कर दिया। जांच अधिकारी पर निजी अस्पताल से सांठगांठ का आरोप भी लगाया। अफसरों ने हफ्ते भर के अंदर जांच रिपोर्ट देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन माने।
सीतापुर निवासी चांद बाबू ने 12 जुलाई को पत्नी शाजिया खातून को प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता अंजुम से संपर्क किया था। आशा बहू गर्भवती को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर हायर सेंटर ले जाने को कहा। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता ने गर्भवती को शिवा हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया।
चांद बाबू के अनुसार, अस्पताल मैनेजर नवतेज यादव ने 60,000 रुपये मांगे। परिवार ने 40,000 रुपये जमा किए। ऑपरेशन के बाद डॉ. मधुलिका सिंह ने अतिरिक्त 20,000 रुपये की मांग की। बाद में बच्चे की हालत गंभीर बताकर उसे दूसरे अस्पताल भेजा गया। वहीं, शाजिया की हालत बिगड़ती गई। अस्पताल ने 20,000 रुपये और मांगे, जिसके बाद 12 जुलाई को ही इलाज के अभाव में जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। परिजनों ने इसकी शिकायत सीएमओ से की थी।
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जांच में देरी और आरोप
मामले की जांच एक जूनियर डॉक्टर कर रहे थे। उन्होंने परिजनों और अस्पताल मैनेजर के बयान दर्ज किए। करीब डेढ़ माह से यह जांच पूरी नहीं हो सकी है। इससे नाराज परिजनों ने सोमवार को सीएमओ ऑफिस का घेराव किया। परिजनों ने जूनियर डॉक्टर पर निजी अस्पताल से सांठगांठ का आरोप लगाया।
Iजच्चा-बच्चा के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई थी। सभी दस्तावेज व बयान सीएमओ ऑफिस में दर्ज करा दिए गए हैं।I
I- नवतेज यादव, मैनेजर शिवा हॉस्पिटल I
Iमामले की जांच रिपोर्ट हफ्ते भर के भीतर देने के निर्देश दिए गए हैं। जूनियर डॉक्टर पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। जांच चल रही है। अस्पताल के संचालन पहले से ही रोक लगाई गई है।I
I- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओI
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सीतापुर निवासी चांद बाबू ने 12 जुलाई को पत्नी शाजिया खातून को प्रसव पीड़ा होने पर आशा कार्यकर्ता अंजुम से संपर्क किया था। आशा बहू गर्भवती को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले गई। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर हायर सेंटर ले जाने को कहा। आरोप है कि आशा कार्यकर्ता ने गर्भवती को शिवा हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया।
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चांद बाबू के अनुसार, अस्पताल मैनेजर नवतेज यादव ने 60,000 रुपये मांगे। परिवार ने 40,000 रुपये जमा किए। ऑपरेशन के बाद डॉ. मधुलिका सिंह ने अतिरिक्त 20,000 रुपये की मांग की। बाद में बच्चे की हालत गंभीर बताकर उसे दूसरे अस्पताल भेजा गया। वहीं, शाजिया की हालत बिगड़ती गई। अस्पताल ने 20,000 रुपये और मांगे, जिसके बाद 12 जुलाई को ही इलाज के अभाव में जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। परिजनों ने इसकी शिकायत सीएमओ से की थी।
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जांच में देरी और आरोप
मामले की जांच एक जूनियर डॉक्टर कर रहे थे। उन्होंने परिजनों और अस्पताल मैनेजर के बयान दर्ज किए। करीब डेढ़ माह से यह जांच पूरी नहीं हो सकी है। इससे नाराज परिजनों ने सोमवार को सीएमओ ऑफिस का घेराव किया। परिजनों ने जूनियर डॉक्टर पर निजी अस्पताल से सांठगांठ का आरोप लगाया।
Iजच्चा-बच्चा के इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई थी। सभी दस्तावेज व बयान सीएमओ ऑफिस में दर्ज करा दिए गए हैं।I
I- नवतेज यादव, मैनेजर शिवा हॉस्पिटल I
Iमामले की जांच रिपोर्ट हफ्ते भर के भीतर देने के निर्देश दिए गए हैं। जूनियर डॉक्टर पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। जांच चल रही है। अस्पताल के संचालन पहले से ही रोक लगाई गई है।I
I- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओI