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एंबुलेंस न आने पर १०८ पर एफआईआर दर्ज
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एंबुलेंस न आने पर डॉक्टर ने दर्ज कराया केस
माल सीएचसी में इलाज के बाद युवती की मौत का मामला
माल सीएचसी में इलाज के बाद युवती नेहा की मौत मामले में माल सीएचसी के डॉ. हरिओम निगम ने शुक्रवार को 108 एंबुलेंस सेवा (जीवीईके) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि एंबुलेंस न मिलने से युवती को तीमारदार बाइक पर ले गए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई थी। मामले की एफआईआर की कॉपी शासन और एंबुलेंस सेवा को कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
पहली बार दर्ज हुई एफआईआर
सूत्रों की मानें तो जिले में पहली बार एम्बुलेंस सेवा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है, वह भी सीएमओ के निर्देश पर। इससे पहले कई बार एंबुलेंस न आने से मरीजों की जान चली गई, मगर स्वास्थ्य विभाग की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा। स्वास्थ्य विभाग जब खुद फंसा तो एम्बुलेंस सेवा पर सख्ती दिखाई।
एम्बुलेंस आने से पहले तीमारदार ले गए थे मरीज
तीमारदार शुभम ने 108 पर कॉल किया था। उस वक्त एंबुलेंस बीकेटी से चल चुकी थी। एंबुलेंस के आने से पहले तीमारदार शुभम मरीज नेहा की हालत बिगड़ती देख उसे खुद से बाइक पर ले गए थे। तीमारदारों ने लिखित बयान दिया है कि एंबुलेंस सेवा की इसमें कोई गलती नहीं थी।
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अजय यादव, प्रवक्ता, जीवीके ईएमआरआई
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माल सीएचसी में इलाज के बाद युवती की मौत का मामला
माल सीएचसी में इलाज के बाद युवती नेहा की मौत मामले में माल सीएचसी के डॉ. हरिओम निगम ने शुक्रवार को 108 एंबुलेंस सेवा (जीवीईके) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। सीएमओ डॉ. नरेंद्र अग्रवाल का कहना है कि एंबुलेंस न मिलने से युवती को तीमारदार बाइक पर ले गए। इससे उसकी हालत और बिगड़ गई थी। मामले की एफआईआर की कॉपी शासन और एंबुलेंस सेवा को कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
पहली बार दर्ज हुई एफआईआर
सूत्रों की मानें तो जिले में पहली बार एम्बुलेंस सेवा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है, वह भी सीएमओ के निर्देश पर। इससे पहले कई बार एंबुलेंस न आने से मरीजों की जान चली गई, मगर स्वास्थ्य विभाग की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ा। स्वास्थ्य विभाग जब खुद फंसा तो एम्बुलेंस सेवा पर सख्ती दिखाई।
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एम्बुलेंस आने से पहले तीमारदार ले गए थे मरीज
तीमारदार शुभम ने 108 पर कॉल किया था। उस वक्त एंबुलेंस बीकेटी से चल चुकी थी। एंबुलेंस के आने से पहले तीमारदार शुभम मरीज नेहा की हालत बिगड़ती देख उसे खुद से बाइक पर ले गए थे। तीमारदारों ने लिखित बयान दिया है कि एंबुलेंस सेवा की इसमें कोई गलती नहीं थी।
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अजय यादव, प्रवक्ता, जीवीके ईएमआरआई