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जानें, मेट्रो में यात्रियों के लिए ई-रिक्शा फ्लीट के साथ होंगी क्या सुविधाएं
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Thu, 13 Jul 2017 02:35 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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मेट्रो स्टेशन तक यात्रियों को लाने-ले जाने के लिए एलएमआरसी ईको-फ्रेंडली फीडर सेवा शुरू करेगा। इसके तहत स्टेशनों पर ‘ई-रिक्शा फ्लीट’ तैनात होगी। यानी यात्रियों को मेट्रो तक लाने ले जाने के लिए ई-रिक्शा की सुविधा फीडर सेवा के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
जुलाई के अंत तक लखनऊ मेट्रो कॉमर्शियल रन शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। पहले चरण में प्रायोरिटी सेक्शन पर 100 ई-रिक्शा चलाए जाएंगे। इसके बाद पूरे नॉर्थ-साउथ कॉरीडोर के शुरू होने के बाद 500 ई-रिक्शा चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) की योजना केमुताबिक प्रिफर्ड पार्टनर/ऑपरेटर की मदद से ई-रिक्शा की पूरी फ्लीट चलाई जानी है। पहले प्राथमिकता सेक्शन के आठ स्टेशनों के बीच (8.5 किमी) यह फीडर सेवा चलाई जानी है।
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इसमें ट्रांसपोर्टनगर, कृष्णानगर, सिंगारनगर, आलमबाग, आलमबाग बस अड्डा, मवैया, दुर्गापुरी और चारबाग मेट्रो स्टेशन तक यात्रियों को अंदरूनी इलाकों से पहुंचने में मदद मिलेगी।
किसी भी ई-रिक्शा में चार से अधिक सवारी बिठाने की अनुमति नहीं होगी। ई-रिक्शा को सभी जरूरी एनओसी के साथ एक तयशुदा रंग में फीडर सेवा में लगाया जाएगा। ड्राइवर के लिए भी यूनीफॉर्म तय कर दी जाएगी। फीडर सेवा के सभी ई-रिक्शा पर एजेंसी को जीपीएस लगाना अनिवार्य होगी।
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जुलाई के अंत तक लखनऊ मेट्रो कॉमर्शियल रन शुरू करने की योजना पर काम कर रहा है। पहले चरण में प्रायोरिटी सेक्शन पर 100 ई-रिक्शा चलाए जाएंगे। इसके बाद पूरे नॉर्थ-साउथ कॉरीडोर के शुरू होने के बाद 500 ई-रिक्शा चलाने का लक्ष्य रखा गया है।
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लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) की योजना केमुताबिक प्रिफर्ड पार्टनर/ऑपरेटर की मदद से ई-रिक्शा की पूरी फ्लीट चलाई जानी है। पहले प्राथमिकता सेक्शन के आठ स्टेशनों के बीच (8.5 किमी) यह फीडर सेवा चलाई जानी है।
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इसमें ट्रांसपोर्टनगर, कृष्णानगर, सिंगारनगर, आलमबाग, आलमबाग बस अड्डा, मवैया, दुर्गापुरी और चारबाग मेट्रो स्टेशन तक यात्रियों को अंदरूनी इलाकों से पहुंचने में मदद मिलेगी।
किसी भी ई-रिक्शा में चार से अधिक सवारी बिठाने की अनुमति नहीं होगी। ई-रिक्शा को सभी जरूरी एनओसी के साथ एक तयशुदा रंग में फीडर सेवा में लगाया जाएगा। ड्राइवर के लिए भी यूनीफॉर्म तय कर दी जाएगी। फीडर सेवा के सभी ई-रिक्शा पर एजेंसी को जीपीएस लगाना अनिवार्य होगी।
महिलाओं के लिए ‘स्पेशल सेवा’
डेमो
- फोटो : amar ujala
फीडर सेवा के सभी ई-रिक्शा पर एजेंसी को जीपीएस लगाना अनिवार्य होगा। इससे एक कंट्रोल रूम बनाकर वहां से निगरानी की जाएगी। इससे एजेंसी को यह भी सुनिश्चित करने में आसानी होगी कि यात्रियों की मांग के मुताबिक ई-रिक्शा फीडर सेवा के लिए उपलब्ध हों।
महिला यात्रियों के लिए फीडर सेवा में एलएमआरसी स्पेशल ई-रिक्शा चलवाएगा। इनका संचालन भी महिला ड्राइवर करेंगी। फीडर सेवा का नंबर भी सभी ई-रिक्शा पर लिखा होगा। जरूरत होने पर इन नंबर पर फोन कर भी मदद ली जा सकेगी।
फीडर सेवा शुरू करने के लिए लखनऊ मेट्रो ने प्रिफर्ड पार्टनर/ऑपरेटर एजेंसी की तलाश शुरू कर दी है। 21 जुलाई को एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा। यह एजेंसी अगले पांच साल तक काम करेगी।
पहले साल में लाइसेंस फीस के लिए एलएमआरसी को एजेंसी एक लाख रुपये प्रतिमाह देगी। अगले दो साल के लिए इसे बढ़ाकर दो लाख महीना कर दिया जाएगा। पूरे कॉरीडोर पर मेट्रो का संचालन शुरू होने पर तीसरे साल के बाद चार लाख रुपये हर महीने देना होगा।
इन स्टेशनों को मिलेगी कनेक्टिविटी
एयरपोर्ट, आमौसी, ट्रांसपोर्टनगर, कृष्णानगर, सिंगारनगर, आलमबाग, आलमबाग बस अड्डा, मवैया, दुर्गापुरी, चारबाग, हुसैनगंज, सचिवालय, हजरतगंज, केडी सिंह बाबू स्टेडियम, विश्वविद्यालय एलयू, आईटी कॉलेज, बादशाहनगर, लेखराज मार्केट, आरएस मिश्रा नगर, इंदिरानगर, मुंशीपुलिया।
‘मेट्रो के भीतर ही नहीं यात्रियों को स्टेशन तक आने के लिए बाहर भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें, एलएमआरसी इसका पूरा ध्यान रखेगी। फीडर सेवा मेट्रो के संचालन के पूरे समय यात्रियों के लिए मौजूद रहेगी। ई-रिक्शा के लिए सभी स्टेशनों सवारियां उतारने और चढ़ाने केलिए हॉल्ट बनाए गए हैं।‘ - कुमार केशव एमडी, एलएमआरसी
महिला यात्रियों के लिए फीडर सेवा में एलएमआरसी स्पेशल ई-रिक्शा चलवाएगा। इनका संचालन भी महिला ड्राइवर करेंगी। फीडर सेवा का नंबर भी सभी ई-रिक्शा पर लिखा होगा। जरूरत होने पर इन नंबर पर फोन कर भी मदद ली जा सकेगी।
फीडर सेवा शुरू करने के लिए लखनऊ मेट्रो ने प्रिफर्ड पार्टनर/ऑपरेटर एजेंसी की तलाश शुरू कर दी है। 21 जुलाई को एजेंसी का चयन कर लिया जाएगा। यह एजेंसी अगले पांच साल तक काम करेगी।
पहले साल में लाइसेंस फीस के लिए एलएमआरसी को एजेंसी एक लाख रुपये प्रतिमाह देगी। अगले दो साल के लिए इसे बढ़ाकर दो लाख महीना कर दिया जाएगा। पूरे कॉरीडोर पर मेट्रो का संचालन शुरू होने पर तीसरे साल के बाद चार लाख रुपये हर महीने देना होगा।
इन स्टेशनों को मिलेगी कनेक्टिविटी
एयरपोर्ट, आमौसी, ट्रांसपोर्टनगर, कृष्णानगर, सिंगारनगर, आलमबाग, आलमबाग बस अड्डा, मवैया, दुर्गापुरी, चारबाग, हुसैनगंज, सचिवालय, हजरतगंज, केडी सिंह बाबू स्टेडियम, विश्वविद्यालय एलयू, आईटी कॉलेज, बादशाहनगर, लेखराज मार्केट, आरएस मिश्रा नगर, इंदिरानगर, मुंशीपुलिया।
‘मेट्रो के भीतर ही नहीं यात्रियों को स्टेशन तक आने के लिए बाहर भी बेहतर सुविधाएं मिल सकें, एलएमआरसी इसका पूरा ध्यान रखेगी। फीडर सेवा मेट्रो के संचालन के पूरे समय यात्रियों के लिए मौजूद रहेगी। ई-रिक्शा के लिए सभी स्टेशनों सवारियां उतारने और चढ़ाने केलिए हॉल्ट बनाए गए हैं।‘ - कुमार केशव एमडी, एलएमआरसी