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राजनीति नहीं अपने भाई से मिलने गई थीं प्रियंका, भीम आर्मी चीफ चंद्रशेखर से मुलाकात पर राज बब्बर

Thu, 14 Mar 2019 03:37 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 14 Mar 2019 03:37 PM IST
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lko sabha elections 2019 Raj Babbar on meeting of Priyanka Gandhi with Chandrashekhar Azad.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर - फोटो : self

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद से प्रियंका गांधी वाड्रा की मुलाकात पर बयान दिया है। राज बब्बर ने कहा कि प्रियंका गांधी राजनीतिक फायदे के लिए नहीं बल्कि अपने भाई से मिलने गई थीं और जब भी किसी नौजवान की आवाज दबाई जाएगी तो कांग्रेस उसके साथ खड़ी होगी।

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राज बब्बर चुनाव की तैयारी व 17 मार्च को प्रियंका गांधी के यूपी दौरे की तैयारी के लिए बैठक करने लखनऊ पहुंचे हैं। प्रियंका गांधी के कल (शुक्रवार) लखनऊ पहुंचने की संभावना है। बताया जा रहा है कि वह लखनऊ से होते हुए जलमार्ग से प्रयागराज जाएंगी। इस दौरान वह नदी के किनारे बसे उन गांवों का हालचाल लेंगी जिनकी पिछले 30 साल से बराबर उपेक्षा हुई है।
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इसके पहले, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने बुधवार को चंद्रशेखर आजाद से मेरठ के आनंद अस्पताल में मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद प्रियंका ने कहा था कि उन्हें चंद्रशेखर का संघर्ष और जोश पसंद आया, इसलिए वह यहां आई हैं। उन्होंने चंद्रशेखर से सात मिनट तक बात की।
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उन्होंने कहा कि सरकार इतनी अहंकारी हो गई है कि एक युवा का दर्द सुनना नहीं चाहती और उसे कुचलना चाहती है। चंद्रशेखर एक ऐसे युवा हैं जो अपने लोगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि मेरे यहां आने के राजनीतिक मायने न निकाले जाएं।

प्रियंका की चंद्रशेखर से मुलाकात के निकाले जा रहे राजनीतिक मायने

lko sabha elections 2019 Raj Babbar on meeting of Priyanka Gandhi with Chandrashekhar Azad.
चंद्रशेखर आजाद से मुलाकात करतीं प्रियंका गांधी वाड्रा। - फोटो : amar ujala

प्रियंका गांधी वाड्रा भले ही भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर से हुई मुलाकात का राजनीतिकरण करने से बच रही हों, लेकिन इसके राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। बसपा प्रमुख मायावती ने मंगलवार को कहा था कि उनकी पार्टी देश के किसी भी राज्य में कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करेंगी। लिहाजा पश्चिमी यूपी में दलितों के नेता के रूप में उभरे चंद्रशेखर के आंदोलन पर मुहर लगाकर कांग्रेस ने 24 घंटे में बसपा को भी अहसास कराया है कि उसकी राजनीतिक हैसियत को कम न आंका जाए।

यूपी के दोनों प्रभारियों प्रियंका और ज्योतिरादित्य सिंधिया के मेरठ जाकर चंद्रशेखर का हाल जानना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पश्चिमी यूपी में चंद्रशेखर का चेहरा जिस तरह दलितों के नेता के रूप में उभरा है, उस पर कांग्रेस नेताओं ने अपनी मुहर लगा दी है।

कांग्रेस नेताओं को अभी इसे राजनीतिक रंग से देने से परहेज हो, लेकिन बसपा की तर्ज पर विस्तार ले रहे इस संगठन ने पश्चिमी यूपी की राजनीति में जो दखल बढ़ाई है, उससे अब इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकेगा।

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