{"_id":"8af57e9b6f56ad1fc1d7a2e869cdd7e6","slug":"lk-advani-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिरकार जुबां पर आ ही गया आडवाणी का दर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिरकार जुबां पर आ ही गया आडवाणी का दर्द
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Sat, 28 Sep 2013 11:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा में साइड लाइन किए जा चुके लालकृष्ण आडवाणी शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के पुराने अड्डे पहुंचे।
विज्ञापन
अटलजी का यह पुराना अड्डा कोई और नहीं बल्कि लखनऊ है। आडवाणी ने यहां पहले तो अटलजी द्वारा शहर को दी गई एक विरासत की नई बिल्डिंग का लोकार्पण किया। उसके बाद उनके दिल के उद्गार बाहर निकल आए।
पूर्व प्रधानमंत्री को याद करते हुए आडवाणी ने कहा कि आजकल उन्हें अटलजी की कमी काफी अखर रही है। जाहिर है कि उनका पार्टी में चल रही अंदरूनी खींचतान की ओर था।
विज्ञापन
आडवाणीजी को ढांढस बंधाते हुए लखनऊ से भाजपा सांसद लालजी टंडन ने इस बात पर जोर दिया कि आडवाणी पार्टी से ऊपर हैं।
भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी शुक्रवार दोपहर करीब 3:10 बजे लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे आ गए। यहां भाजपा के तमाम नेता और कार्यकर्ता उन्हें लेने पहुंचे।
विज्ञापन
एयरपोर्ट पर काफी देर तक आडवाणी के समर्थन में नारेबाजी को देखकर ये बात साबित हो गई कि वह भले ही संघ और राजनाथ की विनिंग टीम में फिट न बैठते हों, पर जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच उनकी स्वीकार्यता जस की तस बनी हुई है।
गौरतलब है कि आडवाणी को राजधानी के दो कार्यक्रमों में हिस्सा लेना था। एक कार्यक्रम के लिए वह सीधे एयरपोर्ट से ही रवाना हो गए।
शाम पांच बजे आडवाणी मेडिकल कॉलेज के पास स्थित कन्वेंशन सेंटर पहुंचे। यहां उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के साथ सेंटर की नई बिल्डिंग का लोकार्पण किया। गौरतलब है कि अटलजी ने इस कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण्ा किया था।
सूत्रों की मानें तो आडवाणी यहां लालजी टंडन और डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी जैसे कुछ वरिष्ठ नेताओं से प्रदेश और पार्टी की अंदुरूनी जानकारी भी ले सकते हैं।