छावनी परिषद चुनाव: कहीं झड़प तो कहीं फर्जी वोटिंग
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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच छावनी परिषद का मतदान आज सुबह से शुरू हो चुका है। शाम 5 बजे तक 55 फीसदी मतदान की सूचना है। कुछ मतदान केंद्रों पर नोकझोंक भी हुई। वार्ड 7 में नाम गलत होने पर कुछ लोगों ने हंगामा किया।
प्रत्याशी रीना सिंहानिया के साथ अभद्रता की सूचना पर सीओ मौके पर पहुंची। वहीं वोटर ढो रही एक गाड़ी भी सीज की गई। वार्ड 2 मे प्रत्याशी प्रमोद शर्मा और साधना जग्गी की बेटी दिशा जग्गी के बीच हुई झड़प। वार्ड 8 में संस्कृत पाठशाला केंद्र पर फर्जी वोटिंग की सूचना मिली है।
छावनी परिषद के आम चुनाव में आज आठ वार्डों के 49 प्रत्याशियों का भविष्य 38 हजार मतदाता तय करेंगे। मतदाताओं और प्रत्याशियों की संख्या देखते हुए वार्ड तीन में जबरदस्त खींचतान है। यहां सबसे कम 3056 मतदाता होने के बावजूद अधिक 12 प्रत्याशी मैदान में हैं।
छावनी परिषद के आठ वार्डों में 49 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। हालांकि, जानकारों का कहना है कि इनमें से दस प्रत्याशी डमी के तौर हैं।
इसी के चलते इनका पोस्टर या बैनर कहीं नजर नहीं आ रहा। वहीं, चार वार्डों में निवर्तमान सदस्य भी दावा पेश कर रहे हैं। जबकि, दो सीटों से पूर्व सदस्यों के पति और एक से पूर्व पार्षद की पत्नी मैदान हैं। इस चुनाव में युवा प्रत्याशियों की संख्या सबसे अधिक 31 है। हालांकि महिला प्रत्याशियों की हिस्सेदारी कम हो गई है।
2008 के चुनाव में सात वार्डों में थी करीबी टक्कर
छावनी परिषद चुनाव में मतदाताओं का एक-एक वोट कीमती होगा, क्योंकि वर्ष 2008 में हुए चुनाव में छावनी के आठ में से सात वार्डों में विजेता और उपविजेता के बीच बेहद करीबी टक्कर देखने को मिली थी।
2008 के चुनाव में चार वार्डों में हार जीत का अंतर 40 से लेकर 197 वोटों का ही था। जबकि तीन वार्डों में हार जीत का अंतर 225 से 354 के बीच ही था। वार्ड-चार से दो बार के सदस्य रहे रामचंद्र यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी डॉ. सुभाष यादव को 252 वोटों के अंतर से ही पराजित किया था।
वार्ड एक में जगदीश प्रसाद को जीत के लिए अंतिम क्षणों तक एक-एक वोटों की गिनती का इंतजार करना पड़ा था। जबकि वार्ड आठ में तीन बार के सदस्य रामप्रसाद को हराकर पूर्व उपाध्यक्ष रतन सिंघानियां ने सबसे अधिक मतों से हराकर छावनी की सियासत में कदम रखा था।