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संविदाकर्मी की लाइन पर काम के दौरान ऐसे हुई मौत, अफसर ने कर्मचारी मानने से किया इन्कार

Mon, 19 Mar 2018 02:24 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 19 Mar 2018 02:24 PM IST
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Lineman died during the work, officers denied
शव रखकर प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
लखनऊ के गोसाईगंज में रविवार को 11 हजार वोल्ट की लाइन पर काम के दौरान अचानक बिजली चालू होने से संविदाकर्मी की करंट लगने से मौत हो गई। सूचना के बाद भी इलाके के इंजीनियर मौके पर नहीं पहुंचे।
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इतना ही नहीं एक अधिकारी ने मृतक को अपना कर्मचारी मानने से ही इन्कार कर दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने सुल्तानपुर रोड पर शव रख कर दो घंटे तक प्रदर्शन किया।
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ग्रामीणों का कहना है कि पीजीआई थाना क्षेत्र के देवामऊ गांव निवासी रामानंद (30) गोसाईगंज उपकेंद्र पर पिछले दस वर्षों से संविदा पर कार्यरत था।

उसके चचेरे भाई मनोज के मुताबिक गोसाईगंज उपकेंद्र में तैनात इंजीनियरोें ने रामानंद को फोन कर दुल्लापुर गांव की लाइन में फंसे कौवे को निकाल कर सप्लाई चालू करने के लिए बुलाया था। वह शट डाउन लेकर लाइन ठीक करने पहुंचा।
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एसडीओ, जेई पर कार्रवाई की मांग

Lineman died during the work, officers denied
प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला

बिजली पोल पर काम के दौरान शट डाउन के बावजूद उपकेंद्र से बिजली चालू कर दी गई। करंट की चपेट में आकर झुलसने के बाद वह पोल से नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

ग्रामीणों ने गोसाईगंज के जेई मनोज जायसवाल व एसडीओ ओपी पाल को सूचना देकर मौके पर बुलाया, मगर वे नहीं पहुंचे। उल्टे रामानंद को अपना कर्मचारी मानने से ही इन्कार कर दिया। 

ग्रामीणों ने लापरवाह एसडीओ और जेई पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही मृतक के परिवारीजनों को बीस लाख मुआवजा व नौकरी देने की मांग करने लगे। हाईवे जाम की सूचना पर एसपी ग्रामीण डॉ. सतीश कुमार कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे।

लेकिन लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। तब पुलिस अफसरों ने लेसा के इंजीनियरों से बात की। इसके बाद तहसीलदार शंभु शरण व एसडीओ मोहनलालगंज संजय त्रिवेदी वहां पहुंचे।

अकेला कमाने वाला था

Lineman died during the work, officers denied
प्रदर्शनकारियों से बातचीत करते हुए - फोटो : अमर उजाला
लेकिन लोग अपनी मांग पर अड़े रहे। तब पुलिस अफसरों ने लेसा के इंजीनियरों से बात की। इसके बाद तहसीलदार शंभु शरण व एसडीओ मोहनलालगंज संजय त्रिवेदी वहां पहुंचे।

एसडीओ ने मृतक के परिवारीजनों को पांच लाख रुपये का मुआवजा एवं तीन महीने में पूरनपुर उपकेंद्र में मृतक की पत्नी ममता को संविदा पर नौकरी देने का आश्वासन दिया।

साथ ही तहसीलदार ने किसान बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये एवं मुख्यमंत्री सहायता कोष से आर्थिक मदद दिलाने का लिखित आश्वासन दिया। तब दो घंटे बाद सड़क जाम खत्म हुआ। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

मृतक रामानंद परिवार का अकेला कमाने वाला था। मां की मौत के बाद पत्नी ममता व दो वर्षीय बेटी प्राची के साथ ही बुज़ुर्ग पिता महावरी की जिम्मेदारी भी रामानंद के कंधों पर थी। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। 

बिजली हादसे का शिकार रामानंद लेसा का संविदा कर्मचारी नहीं था। जिस फीडर पर घटना हुई उसका संविदाकर्मी सचिन एवं लाइनमैन भगवान दीन है। शट डाउन सचिन ने लिया था। बिजली कैसे चालू हो गई, इसकी जांच की जा रही है। - ओपी पाल, उपखंड अधिकारी गोसाईगंज लेसा सिस गोमती
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