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Lucknow News: बिना एस्टीमेट पांच खंभों की लाइन खींची
Mon, 17 Jun 2024 03:26 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 17 Jun 2024 03:26 AM IST
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रायबरेली। विद्युत उपकेंद्र भुएमऊ के अंतर्गत आने वाले मीरगंज में पांच खंभों की लाइन बिना एस्टीमेट के खींच दी गई। इस पूरे खेल में अवर अभियंता (जेई) की भूमिका संदिग्ध है। शिकायत होने पर अधीक्षण अभियंता ने मामले की जांच उपखंड अधिकारी को सौंपी है। इस खेल की पोल खुलने पर अभियंताओं व कर्मचारियों में खलबली मची है।
विद्युत उपकेंद्र भुएमऊ के अंतर्गत सकरा गांव में एक उपभोक्ताओं को तीन साल पहले केबल कनेक्शन दिया गया था। यह लाइन सकरा गांव से जुड़ी थी। वोल्टेज कम मिलने पर उपभोक्ताओं ने अवर अभियंता से संपर्क साधा। इस पर उन्होंने पड़ोसी गांव मीरगंज के एक नलकूप उपभोक्ता के ट्रांसफार्मर से सकरा गांव के उपभोक्ता के नलकूप के लिए पांच खंभों की लाइन खींचवा दी। इसका कार्यालय से कोई एस्टीमेट नहीं बनाया गया है। विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि लाइन बनाने के नाम पर मोटी रकम वसूली गई। इसकी पोल खुलने पर अभियंताओं में खलबली मची है। सभी मामले को दबाने में जुटे हैं।
उधर, अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। लाइन कैसे बनी जांच के बाद पता चलेगा। अधीक्षण अभियंता आरएन सरोज ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। एसडीओ को जांच सौंपी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। यदि जेई की भूमिका संदिग्ध मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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विद्युत उपकेंद्र भुएमऊ के अंतर्गत सकरा गांव में एक उपभोक्ताओं को तीन साल पहले केबल कनेक्शन दिया गया था। यह लाइन सकरा गांव से जुड़ी थी। वोल्टेज कम मिलने पर उपभोक्ताओं ने अवर अभियंता से संपर्क साधा। इस पर उन्होंने पड़ोसी गांव मीरगंज के एक नलकूप उपभोक्ता के ट्रांसफार्मर से सकरा गांव के उपभोक्ता के नलकूप के लिए पांच खंभों की लाइन खींचवा दी। इसका कार्यालय से कोई एस्टीमेट नहीं बनाया गया है। विभागीय कर्मचारियों ने बताया कि लाइन बनाने के नाम पर मोटी रकम वसूली गई। इसकी पोल खुलने पर अभियंताओं में खलबली मची है। सभी मामले को दबाने में जुटे हैं।
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उधर, अवर अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। लाइन कैसे बनी जांच के बाद पता चलेगा। अधीक्षण अभियंता आरएन सरोज ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। एसडीओ को जांच सौंपी गई है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। यदि जेई की भूमिका संदिग्ध मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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