फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Like Khushboo, music too is beyond religion and boundaries: Ustad Amjad Ali Khan

खुशबू की तरह संगीत भी मजहब और सरहद से परे : उस्ताद अमजद अली खान

Thu, 14 Nov 2024 03:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Thu, 14 Nov 2024 03:36 AM IST
विज्ञापन
Like Khushboo, music too is beyond religion and boundaries: Ustad Amjad Ali Khan
सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान ने की अमर उजाला से खास बातचीत।
विनीत चतुर्वेदी
विज्ञापन

भारत में सरोद और उस्ताद अमजद अली खान एक-दूसरे के पूरक हैं। पद्मविभूषण समेत कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजे जा चुके उस्ताद अमजद अली खान सेनिया बंगश घराने की छठवीं पीढ़ी से ताल्लुक रखते हैं। वे भारतीय संगीत में हरिप्रिया, सुहाग भैरव, विभावकारी चंद्रध्वनि, मंदसमीर किरण रंजनी जैसे नए रागों को लेकर आए। बुधवार को वे संगीत नाटक अकादमी के स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शरीक होने पहुंचे तो लखनऊ ने उनकी मेहमाननवाजी में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस दौरान उन्होंने शास्त्रीय संगीत के भविष्य, विरासत और लखनऊ को लेकर अमर उजाला से लंबी गुफ्तगू की।


सरोद सम्राट उस्ताद अमजद अली खान का मानना है कि हवा, फूल, पानी, आग और खुशबू की तरह ही संगीत भी सरहद और मजहब से परे है। उनका मानना है कि संगीत दूरियां मिटाता है और मोहब्बत का पैगाम देता है।
विज्ञापन


अमर उजाला से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी से वह आश्वस्त हैं और उन्हें काफी उम्मीदें हैं। उन्होंने नौजवानों को संदेश देते हुए कहा कि मैंने बुजुर्गों का हमेशा सम्मान किया। हमेशा परवाह की कि मुझसे भूल से भी कोई ऐसी बात न निकल जाए कि कोई मुझसे आहत हो या किसी का दिल दुखे। बदले में बुजुर्गों ने मुझे आशीष, सबक और हुनर से नवाजा।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि विरासत में अपने पूर्वजों से किसको क्या मिलेगा यह तो ऊपर वाला ही तय करता है। इस पर सारे दुनियावी तर्क नाकाम हैं। कई बड़े फनकारों के बेटे लाख कोशिशों के बाद भी उनकी अनमोल विरासत को आगे नहीं ले जा पाए। कद्रदानों, श्रोताओं का प्यार कलाकार की अपनी किस्मत होती है। कहा, लिगेसी बियांड लॉजिक होती है। मैं बंगश घराने की छठवीं पीढ़ी से हूं। मेरे दोनों बेटे अयान और अमान के अलावा जुड़वा पोते जोहान और अबीर भी संगीत साधक हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुतियां देते हैं।


यूपी में मालिनी अवस्थी से हैं उम्मीदें

मालिनी अवस्थी काफी वर्सेटाइल सिंगर हैं। लोकगीत हो या क्लासिकल संगीत, उन्हें सुनकर इत्मिनान होता है कि यूपी का परचम लेकर कोई चलने वाला है। प्रदेश में लखनऊ से लेकर बनारस तक अन्य विधाओं में भी तमाम पारंगत संगीत साधक हैं।

लखनऊ की चिकनकारी और चिकन करी दोनों पसंद
लखनऊ में क्या खास पसंद है... के सवाल पर उन्होंने कहा कि लखनऊ की चिकनकारी और चिकन करी दोनों ही पसंद हैं। पुराने दिनों में लखनऊ आना हुआ करता था। बोले- यहां के कपूर और कार्लटन होटल की मेजबानी आज भी याद है। कहा, लखनऊ की तहजीब उन्हें प्रभावित करती है। हालांकि रविंद्रालय जैसे दशकों पुराने और मशहूर ऑडिटोरियम की बदहाली पर उन्होंने अफसोस जाहिर किया।

...जब बेगम अख्तर की मजार पर पैरों से लिपटीं चींटियां
उस्ताद बोले, बुधवार सुबह पुराने लखनऊ में बेगम अख्तर की मजार पर नंगे पांव फूल चढ़ाने गया था। वहां पैरों पर चींटियां लिपटने लगीं तो लोगों ने कहा कि चींटियां काट लेंगी। बोले- मुझे तो इस बात की चिंता ज्यादा थी कि कहीं मेरी वजह से अनजाने में चींटियों को कोई नुकसान न हो जाए।

बंगश घराने के संगीतज्ञों ने ही रबाब को नाम दिया सरोद

उस्ताद अमजद अली खान ने बताया कि बंगश घराने के संगीतज्ञों ने ही ईरान के लोकवाद्य ‘रबाब’ को भारतीय संगीत के हिसाब से ढालकर इसका नामकरण ‘सरोद’ किया। सेनिया बंगश शैली की परंपरा को बादशाह अकबर के दरबारी संगीतकार तानसेन के समय से जोड़ा जाता है।


इन पुरस्कारों से नवाजे जा चुके उस्ताद

साल 1971 में द्वितीय एशियाई अंतरराष्ट्रीय संगीत सम्मेलन में उन्हें रोस्टम पुरस्कार, इसके बाद यूनेस्को पुरस्कार, 1975 में पद्मश्री, कला रत्न पुरस्कार, 1989 में तानसेन सम्मान, 1989 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, 1991 में पद्मभूषण और साल 2001 में पद्मविभूषण सम्मान से नवाजा जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed