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Lucknow News: आयुर्वेद अस्पताल में एक साल से लिफ्ट बंद, सीढ़ियां चढ़ने के लिए मजबूर गठिया मरीज
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सीढि़यां चढ़ती महिला और बंद लिफ्ट।
लखनऊ। टुड़ियागंज स्थित राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय व चिकित्सालय के नए भवन में लिफ्ट सुविधा करीब एक साल से बंद है। पांच मंजिला भवन में दो लिफ्ट होने के बावजूद लिफ्टमैन की तैनाती न होने से मरीजों और तीमारदारों को सीढ़ियों से मंजिलों तक पहुंचना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी गठिया के मरीजों को हो रही है। पहली मंजिल पर गठिया की ओपीडी और दूसरी मंजिल पर ओटी व भर्ती वार्ड होने के कारण दर्द से परेशान मरीज सीढ़ियां चढ़ने-उतरने के लिए मजबूर हैं।
करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस नए भवन को निर्माण पूरा होने के करीब छह साल बाद करीब डेढ़ साल पहले काफी जद्दोजहद के बाद हैंडओवर किया जा सका था। भवन के भूतल से पांचवीं मंजिल तक आने-जाने के लिए दो लिफ्ट लगाई गई हैं। यहां मरीजों ने बताया कि करीब एक साल से लिफ्टमैन नहीं है। ऐसे में दोनों लिफ्ट बंद पड़ी हैं।
पहली मंजिल पर हैं कई ओपीडी
नए भवन की पहली मंजिल पर बाल रोग, शल्य, काय चिकित्सा, ईएनटी, पेन क्लीनिक और गठिया की ओपीडी संचालित है। रोजाना करीब एक हजार मरीज यहां पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग और चलने-फिरने में परेशानी वाले मरीज भी हैं। लिफ्ट बंद होने से इन्हें सीढ़ियों के रास्ते ही ओपीडी, ओटी और भर्ती वार्ड तक जाना पड़ता है।
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आउटसोर्सिंग से होगी लिफ्टमैन की तैनाती
लिफ्टमैन की तैनाती आउटसोर्सिंग के जरिये की जानी है। इसके लिए पत्राचार किया जा चुका है। जल्द ही लिफ्टमैन की तैनाती कराकर दोनों लिफ्टो का संचालन शुरू कराया जाएगा। - प्रो. सुधा सिंह, प्राचार्य
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करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस नए भवन को निर्माण पूरा होने के करीब छह साल बाद करीब डेढ़ साल पहले काफी जद्दोजहद के बाद हैंडओवर किया जा सका था। भवन के भूतल से पांचवीं मंजिल तक आने-जाने के लिए दो लिफ्ट लगाई गई हैं। यहां मरीजों ने बताया कि करीब एक साल से लिफ्टमैन नहीं है। ऐसे में दोनों लिफ्ट बंद पड़ी हैं।
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पहली मंजिल पर हैं कई ओपीडी
नए भवन की पहली मंजिल पर बाल रोग, शल्य, काय चिकित्सा, ईएनटी, पेन क्लीनिक और गठिया की ओपीडी संचालित है। रोजाना करीब एक हजार मरीज यहां पहुंचते हैं। इनमें बुजुर्ग और चलने-फिरने में परेशानी वाले मरीज भी हैं। लिफ्ट बंद होने से इन्हें सीढ़ियों के रास्ते ही ओपीडी, ओटी और भर्ती वार्ड तक जाना पड़ता है।
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आउटसोर्सिंग से होगी लिफ्टमैन की तैनाती
लिफ्टमैन की तैनाती आउटसोर्सिंग के जरिये की जानी है। इसके लिए पत्राचार किया जा चुका है। जल्द ही लिफ्टमैन की तैनाती कराकर दोनों लिफ्टो का संचालन शुरू कराया जाएगा। - प्रो. सुधा सिंह, प्राचार्य

सीढि़यां चढ़ती महिला और बंद लिफ्ट।