नाबालिग से दरिंदगी पर 3 आरपीएफ जवानों को उम्रकैद
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नाबालिग लड़की को भगाकर ले जा रहे युवक की पिटाई कर तीन दिन तक लड़की से दरिंदगी करने वाले रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के तीन बर्खास्त सिपाहियों को जिला जज डॉ. गोकुलेश ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अदालत ने तीनों पर दस-दस हजार रुपये जुर्माना भी ठोका है। वहीं इसी मामले में किशोरी को बहला फुसलाकर भगाने और शादी के लिए विवश करने वाले युवक समेत कुल पांच लोगों को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई गई है।
इन सब पर अदालत ने तीन-तीन हजार रुपये जुर्माना ठोंका है। मामला सामने आने पर फैजाबाद के तत्कालीन डीएम के निर्देश पर आरपीएफ ने केस दर्ज कर बालिका को खोज निकाला।
2005 में किया गया था बर्खास्त
इसके बाद मामले को विवेचना के लिए अंबेडकरनगर स्थानांतरित कर दिया था। स्थानीय पुलिस ने बालिका को बहला-फुसलाकर भगाने व शादी के लिए विवश करने के मामले में पवन समेत सभी पांच के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
आरपीएफ के तीनों सिपाहियों के विरुद्ध भी चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई। इसके बाद तीनों सिपाहियों को वर्ष 2005 में सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।
प्रभारी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रमेशराम त्रिपाठी ने बताया कि अपहरण मामले में कुल नौ गवाह पेश किए गए, जबकि बर्खास्त सिपाहियों के खिलाफ पीड़िता तथा वादी ने गवाही दी। गुरुवार को सभी आठ अभियुक्तों को मंडल कारागार फैजाबाद भेज दिया गया।