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Lucknow News: सांस नली की दुर्लभ सर्जरी कर मरीज को दी जिंदगी
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लखनऊ। केजीएमयू के डॉक्टरों ने सांस नली के दुर्लभ कैंसर की सर्जरी कर मरीज को नई जिंदगी दी। यह ऑपरेशन बिना बाईपास सर्जरी के किया गया। मरीज के स्वस्थ होने से वेंटिलेटर सपोर्ट भी जरूरत नहीं पड़ी। डॉक्टरों के मुताबिक, मरीज दुर्लभ प्रकार के कैंसर एडेनॉयड सिस्टिक कार्सिनोमा से पीड़ित था।
महराजगंज निवासी 30 वर्षीय युवक को सांस लेने में तकलीफ हुई। मरीज ने स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया, पर आराम नहीं मिला। गंभीर हालत में परिजन दिसंबर 2024 में उसे केजीएमयू सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग ले गए। यहां डॉ. शिव राजन ने मरीज की जांच कराई। जांच में एडेनॉयड सिस्टिक कार्सिनोमा की पुष्टि हुई। यह सांस की नली ट्रेकिया के विभाजन वाले हिस्से में था।
उन्होंने बताया कि सांस नली गले से छाती तक जाती है। इससे दाएं और बाएं फेफड़े में सांस जाती है। ऑपरेशन में दायां फेफड़ा व सांस की नली के दोनों विभाजन (कैरीना) को निकाला गया। बाएं फेफड़े को सांस नली से जोड़ा गया। बिना वेंटिलेटर सपोर्ट के मरीज को आईसीयू में रखा गया। 24 घंटे बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट किया गया। ऑपरेशन के छठवें दिन तक मरीज को दिक्कत न होने पर छुट्टी दे दी गई।
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इनका रहा सहयोग
डॉ. शिव राजन, सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार, एनस्थीसिया विभाग की अध्यक्ष डॉ. मोनिका कोहली, डॉ. अजय चौधरी, डॉ. अभिषेक, वैस्कुलर सर्जन डॉ. अम्बरीश, मेडिसिन विभाग से डॉ. डी. हिमांशु। नर्सिंग टीम में अमित, मीनाक्षी, मेनका और सुनील।
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महराजगंज निवासी 30 वर्षीय युवक को सांस लेने में तकलीफ हुई। मरीज ने स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया, पर आराम नहीं मिला। गंभीर हालत में परिजन दिसंबर 2024 में उसे केजीएमयू सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग ले गए। यहां डॉ. शिव राजन ने मरीज की जांच कराई। जांच में एडेनॉयड सिस्टिक कार्सिनोमा की पुष्टि हुई। यह सांस की नली ट्रेकिया के विभाजन वाले हिस्से में था।
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उन्होंने बताया कि सांस नली गले से छाती तक जाती है। इससे दाएं और बाएं फेफड़े में सांस जाती है। ऑपरेशन में दायां फेफड़ा व सांस की नली के दोनों विभाजन (कैरीना) को निकाला गया। बाएं फेफड़े को सांस नली से जोड़ा गया। बिना वेंटिलेटर सपोर्ट के मरीज को आईसीयू में रखा गया। 24 घंटे बाद मरीज को वार्ड में शिफ्ट किया गया। ऑपरेशन के छठवें दिन तक मरीज को दिक्कत न होने पर छुट्टी दे दी गई।
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इनका रहा सहयोग
डॉ. शिव राजन, सर्जिकल आंकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय कुमार, एनस्थीसिया विभाग की अध्यक्ष डॉ. मोनिका कोहली, डॉ. अजय चौधरी, डॉ. अभिषेक, वैस्कुलर सर्जन डॉ. अम्बरीश, मेडिसिन विभाग से डॉ. डी. हिमांशु। नर्सिंग टीम में अमित, मीनाक्षी, मेनका और सुनील।