भारी पड़ सकती थी गांधी परिवार की सुरक्षा में चूक
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प्रशासन को पहले से ही पता था कि अमेठी में राहुल गांधी के नामांकन के दौरान पूरा गांधी परिवार मौजूद होगा लेकिन फिर भी सुरक्षा में हुई चूक। यहां तक एंबुलेंस भी खटारा दी गई।
उनकी फ्लीट में जहां खटारा एंबुलेंस लगाई गई, वहीं मेडिकल टीम में अधिकृत चिकित्सक भी तैनात नहीं किए गए। दो-दो महिला वीआईपी होने के बावजूद टीम में न तो महिला डॉक्टर को लगाया गया और न ही स्टॉफ नर्स को।
यह खुलासा होने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मचा है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी शनिवार को नामांकन करने अमेठी जिला मुख्यालय पहुंचे थे।
उनके साथ मां सोनिया गांधी, बहन प्रियंका वाड्रा, बहनोई राबर्ट वाड्रा और भांजी मिराया भी साथ थीं।
सुरक्षा के मानक अधूरे
गौरतलब है कि गांधी परिवार के सभी सदस्यों को एसपीजी सुरक्षा प्राप्त है। इसलिए उनकी सुरक्षा व अन्य इंतजाम के साथ ही सुसज्जित मेडिकल टीम और एंबुलेंस लगाई जाती है।
मेडिकल टीम में आर्थो सर्जन के साथ ही फिजीशियन, फार्मासिस्ट व वार्ड बॉय होने चाहिए। वीआईपी महिला है तो उसके लिए महिला चिकित्सक नहीं होने की स्थिति में स्टाफ नर्स को लगाया जाना चाहिए।
शनिवार को गांधी परिवार एक साथ होने के बावजूद जिले में उनकी सुरक्षा में शामिल मेडिकल टीम के गठन में बड़े पैमाने पर लापरवाही बरतने का मामला सामने आया है।
सूत्रों की मानें तो शनिवार को गांधी परिवार के साथ जो मेडिकल टीम लगाई थी उसमें आर्थो सर्जन और फिजीशियन के बजाए जिन दो चिकित्सकों डॉ. एके सिंह व डॉ. राजीव टंडन को लगाया गया वे एनेस्थेटिक्स हैं।
महिला चिकित्सक या स्टाफ नर्स नहीं
इतना ही नहीं एसपीजी सुरक्षा प्राप्त कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व उनकी पुत्री प्रियंका के साथ नातिन मिराया के होने के बावजूद टीम में महिला चिकित्सक या स्टाफ नर्स की ड्यूटी नहीं लगाई गई।
यह स्थिति तब है जब शहर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में दो आर्थो सर्जन व फिजीशियन की पोस्टिंग भी है।
इतना ही नहीं गांधी परिवार की फ्लीट में लगाई गई एंबुलेंस की स्थिति भी बेहद खराब थी।
गौरतलब है कि यह पहले से ही जानकारी में था कि राहुल गांधी के नामांकन के समय सोनिया और प्रियंका का पूरा परिवार मौजूद रहेगा। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था न होना बड़ी चूक माना जा रहा है।
पहले भी हो चुका है कई बार
जो ड्यूटी लगा दी वही सही : सीएमओ
सुरक्षा व्यवस्था के हिसाब से मेडिकल टीम गठित करने के जिम्मेदार मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अख्तर हुसैन ने कहा कि उन्होंने जो मेडिकल टीम गठित कर दी, वही सही है। नियम की बात पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई।
जारी होगी नोटिस : डीएम
गांधी परिवार की सुरक्षा में बरती गई इस लापरवाही को जिलाधिकारी जगतराज त्रिपाठी ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने कहा कि मामला गंभीर है। नोटिस जारी कर सीएमओ से इस बारे में जवाब मांगा जाएगा।