फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   leopard panic in in lucknow.

लखनऊ में 70 दिनों में पांचवी बार तेंदुए का आतंक, 'टनल पास' में ब्लास्ट कर पकड़ने की कोशिश, तस्वीरें

Tue, 20 Mar 2018 12:51 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 20 Mar 2018 12:51 AM IST
विज्ञापन
leopard panic in in lucknow.
टनल पास में इस तस्वीर से होने की पुष्टि हुई। - फोटो : amar ujala

लगभग 70 दिनों के भीतर पांचवीं बार राजधानी में तेंदुए की दस्तक हुई है। ठाकुरगंज, मड़ियांव, चिनहट और हाल ही में आशियाना के बाद अब भटके तेंदुए ने गोसाईगंज के मल्लूखेड़ा में दहशत बढ़ाई है। इससे सटी इंदिरा नहर के पास बन रहे किसान पथ के नीचे 40 फुट गहराई के ‘टनल पास’ में तेंदुए ने ठिकाना बनाया है।

विज्ञापन


सुबह ग्रामीणों की सूचना पाकर पहुंची पुलिस-वन विभाग की टीम ने 11 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन देर रात 10 बजे के बाद तक भी तेंदुआ काबू में नहीं आ सका था। ‘टनल पास’ के मुहाने पर पिंजड़ा लगाने के साथ 10 मिनी ब्लास्ट के बाद भी तेंदुआ बाहर नहीं निकला। इस पर टीम ने देर रात ‘पास थ्रू प्लान’ पर काम शुरू किया पर सफलता न मिली। दो महकमों में सामंजस्य न होने से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरुआती घंटों में बेहद धीमा चला, जिसे शाम को पहुंचे जू के विशेषज्ञों ने तेजी दी।
विज्ञापन


ग्रामीणों ने देखा तेंदुए जैसा जानवर, जेसीबी से किया कैद
मल्लूखेड़ा गांव के पास इन दिनों किसान पथ का काम चल रहा है। चौड़ी सड़कें बनाई जा रही हैं, जिनमें जगह-जगह नहर से लिंक को 35 से 40 फीट के ‘टनल पास’ सुरंगें भी डाली गई हैं। सुबह खेत से लौट रहे आनंद ने किसी चितकबरे से जीव को तेजी से ऐसे ही ‘टनल पास’ में घुसते देख शोर मचा दिया। ग्रामीण पहुंचे तो पाइप से गुर्राने, दहाड़ने की आवाजें आईं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस को सूचना दी तो मौके पर सिपाही अर्जुन देव के साथ पहुंची एसओ विद्यासागर सोनकर ने भी अंदर से आती आवाजों के बाद तत्काल नजदीक काम कर रही जेसीबी के चालक सतीश से टनल का मुहाना बंद करवा दिया। इससे पहले अर्जुन ने टनल में झांककर अंदर एक वन्यजीव होने की पुष्टि भी की। पुलिस ने वन विभाग की टीम को सूचना दी। 10:30 बजे के बाद वन विभाग की टीम के अधिकारी भी पहुंचने लगे।

शुरुआती 6 घंटे चलता रहा रेस्क्यू का ड्रामा

leopard panic in in lucknow.

सुबह करीब 11 बजे से शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन विभाग के फील्ड अफसरों की लचर प्रणाली से रेंगता ही रहा। पुलिस और वन विभाग में सामंजस्य की कमी के अलावा जुटे पसियन ढकवा, मुल्लाखेड़ा, चौरहिया, अहिरनपुरवा, नूरपरु, नुरपूर बेहटा समेत करीब दर्जन भर गांवों, कस्बों से दो हजार तमाशबीनों ने रेस्क्यू का मजाक बना दिया।

शाम 4 बजे तक महकमा सिर्फ ‘टनल पास’ के सामने पिंजड़ा ही रख सका। तब तक वन विभाग के अधिकारी, जू के जूनियर चिकित्सकों डॉ. ब्रजेश, डॉ. आशीष, डीएफओ अवध मनोज सोनकर समेत किसी भी स्टाफ ने वन्यजीव को देखा तक नहीं। तमाशबीन ग्रामीणों का हुजूम जेसीबी के आसपास मंडराता रहा, वहीं, पुलिस उन्हें पुचकारकर खदेड़ती रही। ग्रामीण भी रह-रह कर सेल्फी तो कभी बालूनुमा ढलान से फिसलने का खेल करते रहे।

शाम को लगी तेंदुए पर मुहर, 10 पटाखे दगाने पर भी हिला तक नहीं
सुबह बीमारी की हालत में रेस्क्यू ऑपरेशन में नहीं पहुंच सके जू के उपनिदेशक और रेस्क्यू विशेष डॉ. उत्कर्ष शाम करीब पौने पांच बजे पहुंचे। उन्होंने ‘टनल पास’ के भीतर झांकने के बाद पिंजड़े के मुहाने को सीधे टनल से जोड़कर 20 मिनट में जेसीबी हटवाई। तब कहीं जाकर डॉक्टरों, वन महकमे के अफसरों के साथ मीडियाकर्मियों ने भी कैमरे के फ्लैश चमका कर अंदर बैठे तेंदुए की पहली झलक देखी।

विशेषज्ञों ने पाया कि तेंदुआ टनल के दूसरे मुहाने पर 35-40 फीट पीछे दुबका बैठा है। टीम ने उसे निकालने को ब्लास्ट का सहारा लिया। 6 बजे से लेकर 45 मिनट तक टीम ने रह-रह कर 10 पटाखे दूसरे छोर से टनल में दगाए पर तेंदुए ने मूवमेंट तक नहीं की। बाद मे टनल में धुआं भरने के चलते टीम ने प्लान को ड्रॉप कर दिया।

6 घंटे तो बचाव के नाम पर चलता रहा ड्रामा

leopard panic in in lucknow.

गोसाईंगंज के मल्लूखेड़ा में सोमवार को तेंदुए को पकड़ने का सिर्फ ड्रामा चलता रहा। पुलिस और वन विभाग में तालमेल की कमी दिखी। रेस्क्यू ऑपरेशन सुबह करीब 11 बजे से शुरू हुआ। पर, शाम 4 बजे तक महकमा सिर्फ ‘टनल पास’ के सामने पिंजड़ा ही रख सका।

पसियन ढकवा, मुल्लाखेड़ा, चौरहिया, अहिरनपुरवा, नूरपरु, नुरपूर बेहटा समेत कई गांवों-कस्बों से दो हजार तमाशबीनों ने रेस्क्यू का मजाक बना दिया। शाम 4 बजे पिंजड़ा रखा जा सका। तब तक वन विभाग के अधिकारी, जू के जूनियर चिकित्सकों डॉ. ब्रजेश, डॉ. आशीष, डीएफओ अवध मनोज सोनकर समेत किसी भी स्टाफ ने वन्यजीव को देखा तक नहीं। तमाशबीन ग्रामीणों का हुजूम जेसीबी के आसपास मंडराता रहा। पुलिस उन्हें पुचकारकर खदेड़ती रही। ग्रामीण भी रह-रह कर सेल्फी तो कभी ढलान से फिसलते हुए अभियान का मजाक उड़ाते रहे।

बांस, सरिया से टनल खंगाला, पर तेंदुआ टस से मस न हुआ
गांव के करीब दर्जन भर युवकों ने जू की रेस्क्यू टीम का बखूबी साथ किया। वन विभाग के राम धीरज यादव केे साथ गांव के युवकों की टीम मिट्टी खोदाई से लेकर पिंजड़ा लगवाने में मदद करती रही। गांव के उमाकांत और देवतादीन ने बताया कि शनिवार शाम से तेंदुआ इलाके में है, क्योंकि तबसे जंगलों के बंदरों का व्यवहार बदला हुआ था। पिंजड़ा लगाने सुरंग के मुहाने से बल्ली करने के बाद जब पटाखा दगाने से भी तेंदुआ टस से मस न हुआ तो ग्रामीणों ने स्टाफ से मिलकर करीब 30 फीट लंबा बांस सुरंग के पीछे की ओर से चलाया। फिर भी तेंदुआ न हिला। सरिया से भी टनल को खंगाला गया। लेकिन सफलता हाथ न लगी सरिया छोटा पड़ गया। देर रात तक आला अधिकारी भी आपरेशन की अपडेट लेते रहे।

नवरात्र का दूसरा दिन और तेंदुए का संयोग

leopard panic in in lucknow.

नवरात्र और तेंदुए का ये अजब संयोग इस बार सामने आया है। राजधानी में एक बार फिर से तेंदुए की मौजूदगी की दहशत है। स्थान लगभग वही या उससे कुछ ही दूर। साल 2016 में अप्रैल के महीने में सीजी सिटी के बबूल के जंगलों में तब गोमती किनारे शहीद पथ के पास बन रहे नये इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम के नजदीक अधरौनामऊ गांव के बबूल के जंगलों में तेंदुए का आहट हुई थी। टीम को तमाम पगमार्क मिले थे। तब इसकी सूचना पर मचे हडकंप के बाद वन विभाग के शीर्ष दो अधिकारियों ने घंटों जंगल खंगाला था। सोमवार को लगभग उसी स्थान से कुछ किमी दूरी पर तेंदुए ने ठिकाना बनाया।

देर रात तेंदुए को खींचने की कोशिश... लोगों ने भी खूब ली चुटकी

leopard panic in in lucknow.

देर रात करीब 10 बजे के लगभग टीम ने पास थ्रू प्लान पर काम शुरू किया। इसके तहत टीम ने सुंरग के आरपार मोटे रस्से को गुजार कर एक सिरे पर छोटी खाबड़ बांधकर अंदर कोने में दुबके बैठे तेंदुए को बाहर खींचने की कवायद शुरू की। उधर, गांव में आ पहुंचे तेंदुए को लेकर ग्रामीणों ने भी खूब चुटकी ली। किसी ने आशियाना औरंगाबाद में मारे गये तेंदुए की वकालत के लिये आये तेंदुए पर मसखरी की तो ग्रामीणों ने सरकार के एक साल के जश्न में शरीक होने के लिए आने की बात पर मजे लिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed