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Lucknow News: लापरवाही पर लेखपाल को हटाया, राजस्व निरीक्षक को नोटिस
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तहसीलों में आयोजित हुआ समाधान दिवस।
लखनऊ। सरोजनीनगर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी विशाख जी ने जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की। भूमि पर अवैध कब्जे से जुड़े एक मामले में गलत रिपोर्ट लगाने और शिकायतों का सही निस्तारण न करने पर लेखपाल को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए मुख्यालय से संबद्ध कर दिया। संबंधित राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
समाधान दिवस के दौरान एक अधिवक्ता ने नायब तहसीलदार के न्यायालय में फाइलों के निस्तारण में देरी की शिकायत की। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए नायब तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाई और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश प्रताप सिंह ने नायब तहसीलदार और उनके पेशकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व वाले दूसरे गुट ने इन आरोपों का खंडन किया है।
समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। शिकायतों के समाधान के बाद फोटो और वीडियो सहित रिपोर्ट दी जाए और शिकायतकर्ता को कॉल कर उनका फीडबैक भी लिया जाए। इस दौर सीडीओ अजय जैन, एडीएम (वित्त एवं राजस्व), और उपजिलाधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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तहसीलवार शिकायतों का विवरण
जिले की पांचों तहसीलों में 727 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 167 का निस्तारण किया गया। सरोजनीनगर में 205 शिकायतों में से 84 का निस्तारण। बीकेटी में 130 शिकायतों में से 33, मोहनलालगंज में 224 में से 33, सदर में 80 में आठ, मलिहाबाद 88 में नौ शिकायतों का निस्तारण किया गया।
एसीपी कोर्ट न बनने से नाराज वकील करेंगे बहिष्कार
मलिहाबाद तहसील में लगे समाधान दिवस में अधिवक्ताओं का आक्रोश और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का मुद्दा छाया रहा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सम्राट सिंह और महामंत्री कमलेश कुमार ने मांग की है कि एसीपी कोर्ट का संचालन मलिहाबाद में ही किया जाए। वर्तमान में शांतिभंग जैसे छोटे मामलों के लिए भी ग्रामीणों को 35 किमी दूर दुबग्गा जाना पड़ता है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे में समाधान नहीं हुआ, तो वे न्यायिक और रजिस्ट्री कार्य का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
वहीं, सामाजिक न्याय महासभा के प्रदेश पदाधिकारी जीशान वली खां ने मलिहाबाद सीएचसी की बदहाली का मुद्दा उठाया। कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन लंबे समय से खराब है, रेडियोलॉजिस्ट भी नहीं है और परिसर में गंदगी का अंबार है। मरीजों को मजबूरन निजी केंद्रों पर भेजा जा रहा है। इस पर सीएमओ को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, सहिमाबाद निवासी नीतू कुमारी ने आरोप लगाया कि फीस जमा न कर पाने के कारण महाबली मेमोरियल इंटर कॉलेज (हसनापुर) ने उनके दो बच्चों को स्कूल से निकाल दिया है। सहिलामऊ की तहसीन ने ग्राम सचिव पर तीन महीने से बच्चों का जन्म/जाति प्रमाणपत्र न बनाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। एसडीएम ने सभी प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर रिपोर्ट तलब की है।
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समाधान दिवस के दौरान एक अधिवक्ता ने नायब तहसीलदार के न्यायालय में फाइलों के निस्तारण में देरी की शिकायत की। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए नायब तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाई और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश प्रताप सिंह ने नायब तहसीलदार और उनके पेशकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। हालांकि, अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व वाले दूसरे गुट ने इन आरोपों का खंडन किया है।
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समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। शिकायतों के समाधान के बाद फोटो और वीडियो सहित रिपोर्ट दी जाए और शिकायतकर्ता को कॉल कर उनका फीडबैक भी लिया जाए। इस दौर सीडीओ अजय जैन, एडीएम (वित्त एवं राजस्व), और उपजिलाधिकारी सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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तहसीलवार शिकायतों का विवरण
जिले की पांचों तहसीलों में 727 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 167 का निस्तारण किया गया। सरोजनीनगर में 205 शिकायतों में से 84 का निस्तारण। बीकेटी में 130 शिकायतों में से 33, मोहनलालगंज में 224 में से 33, सदर में 80 में आठ, मलिहाबाद 88 में नौ शिकायतों का निस्तारण किया गया।
एसीपी कोर्ट न बनने से नाराज वकील करेंगे बहिष्कार
मलिहाबाद तहसील में लगे समाधान दिवस में अधिवक्ताओं का आक्रोश और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का मुद्दा छाया रहा। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सम्राट सिंह और महामंत्री कमलेश कुमार ने मांग की है कि एसीपी कोर्ट का संचालन मलिहाबाद में ही किया जाए। वर्तमान में शांतिभंग जैसे छोटे मामलों के लिए भी ग्रामीणों को 35 किमी दूर दुबग्गा जाना पड़ता है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे में समाधान नहीं हुआ, तो वे न्यायिक और रजिस्ट्री कार्य का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
वहीं, सामाजिक न्याय महासभा के प्रदेश पदाधिकारी जीशान वली खां ने मलिहाबाद सीएचसी की बदहाली का मुद्दा उठाया। कहा कि अस्पताल में अल्ट्रासाउंड मशीन लंबे समय से खराब है, रेडियोलॉजिस्ट भी नहीं है और परिसर में गंदगी का अंबार है। मरीजों को मजबूरन निजी केंद्रों पर भेजा जा रहा है। इस पर सीएमओ को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, सहिमाबाद निवासी नीतू कुमारी ने आरोप लगाया कि फीस जमा न कर पाने के कारण महाबली मेमोरियल इंटर कॉलेज (हसनापुर) ने उनके दो बच्चों को स्कूल से निकाल दिया है। सहिलामऊ की तहसीन ने ग्राम सचिव पर तीन महीने से बच्चों का जन्म/जाति प्रमाणपत्र न बनाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। एसडीएम ने सभी प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजकर रिपोर्ट तलब की है।

तहसीलों में आयोजित हुआ समाधान दिवस।

तहसीलों में आयोजित हुआ समाधान दिवस।

तहसीलों में आयोजित हुआ समाधान दिवस।