फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   legitimate fee for overseas employment is maximum of 35,000, yet illegal agencies are charging up to 3 lakh

विदेश में नौकरी के नाम पर खेल: वैध फीस अधिकतम 35 हजार, अवैध एजेंसियां तीन लाख तक वसूल रहीं

Tue, 22 Sep 2026 07:54 AM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Tue, 22 Sep 2026 07:54 AM IST
सार

विदेश में नौकरी के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। विदेश में नौकरी के लिए वैध फीस अधिकतम 35 हजार है। जबकि, अवैध एजेंसियां तीन लाख तक वसूल रही हैं। अधिकृत एजेंसियों को सीमित अधिकार दिए गए हैं। वह मनमानी फीस की वसूली नहीं कर सकती। आगे पढ़ें पूरी खबर...

विज्ञापन
legitimate fee for overseas employment is maximum of 35,000, yet illegal agencies are charging up to 3 lakh
विदेश में नौकरी के नाम पर अवैध वसूली। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर यूपी में अवैध एजेंसियां बड़े पैमाने पर मोटी रकम वसूलने का खेल करती हैं। वैध फीस अधिकतम 35 हजार रुपये है, लेकिन ये एजेंसियां एक-एक नागरिक से एक लाख से लेकर तीन-तीन लाख रुपये तक वसूली करती हैं। जब नागरिक विदेश पहुंचता है, तब उसे ठगी का पता चलता है। इसके बाद वह विदेश मंत्रालय में शिकायत करता है। विदेश मंत्रालय के प्रोटेक्टर ऑफ इमीग्रेंट्स (पीओई) कार्यालय में ऐसी शिकायतों का अंबार लगा है।

विज्ञापन


लखनऊ में पीओई के अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि अधिकृत कंपनियों की निगरानी की जाती है, जिससे वह किसी तरह की गड़बड़ी या अधिक वसूली न कर सकें। उन्हें एक आवेदक से अधिकतम 35 हजार रुपये फीस लेने का ही अधिकार है। यह फीस अलग-अलग देशों के लिए अलग रहती है। कितनी फीस होगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आवेदक किस देश में नौकरी के लिए आवेदन कर रहा है। 

विज्ञापन

कुछ देशों में 10-15 हजार रुपये भी फीस है। वहीं, अवैध एजेंसियों की पीओई कार्यालय पहुंचने वाली शिकायतों में लगभग हर आवेदक से एक लाख से लेकर दो-तीन लाख रुपये तक वसूली की बात सामने आती है। जब आवेदक जाल में फंस जाता है, तब वह दफ्तर पहुंचता है।

दलालों के जरिये फैल रहा नेटवर्क

पीओई कार्यालय में पहुंच रही शिकायतों के मुताबिक सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और स्थानीय स्तर पर सक्रिय दलालों के जरिये युवाओं को विदेश भेजने का काम किया जा रहा है। कई मामलों में पहले अच्छी नौकरी और मोटी तनख्वाह का भरोसा दिया जाता है और बाद में युवाओं को टूरिस्ट वीजा पर भेज दिया जाता है। विदेश पहुंचने के बाद नौकरी नहीं मिलती या अनुबंध में बताए गए वेतन से कम रकम दी जाती है।
 
विज्ञापन

पूर्वांचल में बड़ा जाल

पीओई के आंकड़ों की बात करें तो यहां सबसे अधिक पीड़ितों की शिकायतें पूर्वांचल के जिलों से आती हैं। अधिकतर शिकायतें खाड़ी देशों से संबंधित होती हैं। यही वजह है कि पूर्वांचल में ही अवैध एजेंसियों का जाल सबसे अधिक है। पीओई के अधिकारी अब इन पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रहे हैं। जल्द बड़ी कार्रवाई संभव है।

केस एक :

संतकबीरनगर में अल-जोया इंटरप्राइजेज ने 23 लोगों से 31.20 लाख रुपये वसूले थे। संचालक ने दो साथियों के साथ रूस भेजने और नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। रकम लेने के बाद न नौकरी मिली और न विदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी हुई।

केस दो :

गोरखपुर के सिंघड़िया में न्यू ग्लोबल एजेंसी ने खाड़ी देशों में नौकरी दिलाने का विज्ञापन जारी किया था। सैकड़ों आवेदक भी जुटाए थे, जिनसे लाखों रुपये की वसूली की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed