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मच्छरजनित स्थितियां पैदा करने वालों पर कसेगा कानूनी शिकंजा, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
Thu, 24 Dec 2020 06:55 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 24 Dec 2020 06:55 PM IST
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मच्छर
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प्रदेश में हर साल डेंगू समेत अन्य मच्छर जनित बीमारियों का ग्राफ बढ़ने के मद्देनजर शहरी क्षेत्रों गंदगी, जलभराव व नालियों में गंदगी फैलाने और मच्छर जनित स्थितियां पैदा करने वाले लोगों पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी है। सरकार ने नगर निगम अधिनियम के प्रावधान के मुताबिक सभी निकायों में उपविधि लागू करने का फैसला किया है। उपविधि के लागू होने के बाद मच्छर जनित स्थितियां पैदा करने वाले भवन स्वामियों पर दंड लगाने समेत अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी। फिलहाल यह उपविधि सभी नगर निगमों में लागू की जाएगी।
पिछले कई साल की तुलना में इधर दो-तीन वर्षों के दौरान डेंगू का प्रकोप जहां बढ़ा है, वहीं मच्छर जनित अन्य बीमारियों से पीड़ितों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसकी मुख्य वजह गंदगी, जलभराव, नालियों की समुचित सफाई न होना और खुलेआम कूड़ा फेंके जाना है। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी लगातार नगर विकास विभाग को पत्र लिखकर गंदगी करने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध करता रहा है।
इसी कड़ी में नगर विकास विभाग की ओर से सभी जिलों के डीएम व निदेशक स्थानीय निकाय के अलावा सभी नगर आयुक्तों को मच्छर जनित स्थितियां पैदा करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई करने के लिए नगर निगम अधिनियम में दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए उपविधि बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया हैं।
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पिछले कई साल की तुलना में इधर दो-तीन वर्षों के दौरान डेंगू का प्रकोप जहां बढ़ा है, वहीं मच्छर जनित अन्य बीमारियों से पीड़ितों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसकी मुख्य वजह गंदगी, जलभराव, नालियों की समुचित सफाई न होना और खुलेआम कूड़ा फेंके जाना है। इस संबंध में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग भी लगातार नगर विकास विभाग को पत्र लिखकर गंदगी करने वाले लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध करता रहा है।
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इसी कड़ी में नगर विकास विभाग की ओर से सभी जिलों के डीएम व निदेशक स्थानीय निकाय के अलावा सभी नगर आयुक्तों को मच्छर जनित स्थितियां पैदा करने वालों के खिलाफ नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई करने के लिए नगर निगम अधिनियम में दिए गए अधिकारों का प्रयोग करते हुए उपविधि बनाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया हैं।
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किसी नगर निकाय ने नहीं बनाई उपविधि
दरअसल ऐसी स्थितियों पर लगाम लगाने के उद्देश्य से ‘उप्र नगर निगम अधिनियम 1959’ की धारा 541 की उपधारा-19 में नगर निकायों को मच्छर जनित स्थितियां पैदा करने वालों के खिलाफ कानूनी कर्रवाई करने का अधिकार दिया गया है। इस अधिकार का इस्तेमाल करने के लिए संबंधित नगर निगमों, नगर पलिका परिषदों व नगर पंचायतों को पहले स्थानीय स्तर उपविधि बनाने को अनिवार्य किया गया है। नवंबर 1996 में ही नगर विकास विभाग ने सभी नगर निगमों के अधिनियम में दिए गए अधिकार का प्रयोग करते हुए उपविधि बनाकर मच्छर जनित स्थितियां पैदा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दिया था, लेकिन किसी भी नगर निकाय ने अब तक इस उपविधि तैयार नहीं किया है।
उपविधि बनाकर की जाएगी कार्रवाई
अधिनियम के मुताबिक नगर स्वास्थ्य अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह खुलेआम जलभराव व जल बहाव को बढ़ावा देने वाले लोगों के खिलाफ पहले नोटिस जारी करे और ऐसे लोगों पर जुर्माना भी लगाए। यदि नगर निकाय द्वारा इस समस्या का निदान अपने स्तर से किया जाता है तो उस पर आने वाला खर्च संबंधित भवन स्वामी या कार्यदायी संस्थाओं से वसूला जाएगा। आनाकानी करने पर ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकेगी।
उपविधि बनाकर की जाएगी कार्रवाई
अधिनियम के मुताबिक नगर स्वास्थ्य अधिकारी को यह अधिकार होगा कि वह खुलेआम जलभराव व जल बहाव को बढ़ावा देने वाले लोगों के खिलाफ पहले नोटिस जारी करे और ऐसे लोगों पर जुर्माना भी लगाए। यदि नगर निकाय द्वारा इस समस्या का निदान अपने स्तर से किया जाता है तो उस पर आने वाला खर्च संबंधित भवन स्वामी या कार्यदायी संस्थाओं से वसूला जाएगा। आनाकानी करने पर ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकेगी।