फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   criminals learned printing fake news from you tube.

Lucknow: यूट्यूब से सीखा जाली नोट छापना, कुरियर के जरिए करते थे सप्लाई, लाखों-करोड़ों के नोट खपा चुके थे

Tue, 29 Aug 2023 01:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: लखनऊ ब्यूरो Updated Tue, 29 Aug 2023 01:45 PM IST
सार

जाली नोट छापने वाला गिरोह कई राज्यों को नोटों की सप्लाई करता था। गिरोह के लोगों ने यूट्यूब से जाली नोट छापना सीखा था। इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप पर डिमांड आती थी।

विज्ञापन
criminals learned printing fake news from you tube.
प्रतीकात्मक तस्वीर।

विस्तार

लखनऊ के विराजखंड स्थित होटल पार्क व्यू इन में जाली नोट छापने वाले गिरोह के गुर्गे सोशल मीडिया के जरिये एक दूसरे से जुड़े थे। यूट्यूब के जरिये नोट छापना सीखा। पिछले चार साल से ये सभी लाखों-करोड़ों के जाली नोट बाजार में खपा चुके हैं। हाल में आई फर्जी वेब सिरीज से फेक करेंसी संबंधी तमाम बारीकी सीखी और शातिर हो गए। गिरोह का नेटवर्क यूपी के अलावा राजस्थान, पश्चिम बंगाल, गुजरात, मध्य प्रदेश, बिहार, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी है, जहां ये जाली नोट की खेप सप्लाई करते थे।

विज्ञापन


डीसीपी ने बताया कि नोट छापने का काम आरोपी रवि प्रकाश और उत्कर्ष द्विवेदी करते थे। मुख्य सप्लायर दिल्ली का विकास भारद्वाज था। अन्य दोनों आरोपी लोकल स्तर पर नोट की सप्लाई करते थे। विकास भारद्वाज कुछ साल पहले जाली नोट के मामले में दिल्ली से जेल भी जा चुका है। ये सभी इंस्टाग्राम पर फेक करेंसी नाम से कई अकाउंट चलाते हैं। उसी के जरिये एक-दूसरे के संपर्क में आते गए। दोनों आरोपी नोट छापकर विकास भारद्वाज को देते थे, जो अलग-अलग राज्यों में पहुंचाता था। कुरियर के जरिये जाली नोटों की खेप भेजते थे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - शिक्षिका को स्कूल में बच्चों के सामने दिया तीन तलाक, चार लोगों को लेकर जबरन क्लास में घुस आया था पति
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - यूपी से जिला स्तर तक कांग्रेस संगठन में होगा बदलाव, सक्रिय रहने वालों को दी जाएगी जिम्मेदारी

व्हाट्सएप ग्रुप पर आती थी डिमांड

पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल खंगाले तो कई अहम सुबूत सामने आए। व्हाट्सएप ग्रुप में अलग-अलग राज्यों के लोग जुड़े हैं। तमाम एजेंट इन्हीं ग्रुपों में जाली नोट की मांग करते हैं। पैसे खाते में भेजते हैं, उसके एवज में जाली नोट आरोपी उनको पहुंचा देते हैं। बीस हजार में एक लाख रुपये के नकली नोट देते थे।


गिरोह का अहम किरदार पकड़ से दूर
एसीपी अलीगंज आशुतोष कुमार ने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि एक शख्स कुछ साल पहले मिला था, जिसने व्हाट्सएप पर उनको एक पीडीएफ भेजा था। इसमें 500, 200 और 100 रुपये का प्रोफार्मा था। बस उसी को ये कागज पर प्रिंट करते थे। पुलिस इस शख्स को असल किरदार मान रही है। पुलिस ने उसके बारे में पूरी जानकारी जुटा ली है। अभी उसका नाम व अन्य जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक वह गिरोह से जुड़ा हुआ है। नोट सप्लाई में उसका भी हाथ है।

चिनहट में खपाए बीस हजार के नोट
आरोपियों ने बताया कि पिछले महीने उन्होंने 20 हजार रुपये के जाली नोट चिनहट इलाके में खपाए थे। आरोपियों के पास से 500 के 640 नोट, 200 रुपये के तीन और 100 रुपये के दो जाली नोट बरामद हुए। प्रिंटर, लैपटॉप, लेमिनेशन मशीन, 200 रुपये के 23 पन्ने प्रिंटेड, 8 पेज 100 रुपये के व 41 पेज 500 रुपये के प्रिंटेड मिले। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की फोटो बनी मुहर, केमिकल की सीसी, आदि चीजें बरामद हुईं।

क्या होटल प्रशासन भी मिला है?
पुलिस का दावा है कि आरोपी होटल पार्क व्यू इन में जाली नोट छापते थे। पूरी बरामदगी वहीं से हुई। हालांकि जहां पर आरोपी रहते थे वहां भी नोट छापने का काम करते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed