{"_id":"5fd283118ebc3e3e7d722ef0","slug":"lda-will-sold-plot-by-auction-lko-city-news-lko5542071148","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवंटियों को न देकर भूखंडों को नीलामी में बेचकर कमाई करेगा एलडीए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आवंटियों को न देकर भूखंडों को नीलामी में बेचकर कमाई करेगा एलडीए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आवंटियों को न देकर भूखंडों को नीलामी में बेचकर कमाई करेगा एलडीए
एलडीए अपनी योजनाओं में बचे भूखंडों को आवंटियों को देने की जगह अब इन्हें नीलामी में बेचकर कमाई बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
इसके लिए अफसर शुक्रवार को होने वाली बोर्ड बैठक में एक प्रस्ताव भी लाने जा रहे हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या अतिरिक्त कमाई अपने ही आवंटियों की दिक्कतों से अधिक हो गई है।
जबकि इस वक्त एलडीए को 600 से ज्यादा आवंटियों को आवासीय भूखंड देने हैं। ये आवंटी 15 साल से भी अधिक समय से एलडीए के चक्कर लगा रहे हैं।
यही नहीं, इनमें से कई आवंटी सालों पहले रजिस्ट्री भी करा चुके हैं। इन आवंटियों को समायोजन कर दूसरे भूखंड दिए जाने हैं।
बोर्ड बैठक में आने वाले प्रस्ताव के मुताबिक किसी योजना में पांच प्रतिशत से कम भूखंड रिक्त होने पर उनका निस्तारण लॉटरी की जगह नीलामी से किया जाए।
इसके पीछे अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि एलडीए को वर्षों तक योजनाओं का रखरखाव करना होता है। ऐसे में नीलामी से मिले अतिरिक्त बजट से वहां विकास कार्य कराए जा सकेंगे।
वहीं, नीलामी के जरिए पारदर्शिता के साथ भूखंडों का निस्तारण हो पाएगा। सचिव पवन गंगवार का कहना है कि आवंटियों की समस्या हर कॉलोनी में है।
उनको भूखंड दिए जाने के लिए अलग से कार्रवाई चल रही है। आवास विकास परिषद पहले से ही नीलामी में आवासीय भूखंड बेच रहा है। हम केवल एक नियम बनाना चाहते हैं।
विज्ञापन
हालांकि, साथ ही एलडीए ने रिक्त भूखंडों व भवनों की सूची भी बनवानी शुरू कर दी है, जिन्हें नीलामी में बेचा जा सके।
नगर निगम को दी जाएंगीं 15 पार्किंग
एलडीए अपनी 15 पार्किंगों को संचालन के लिए नगर निगम को देगा। इसके लिए भी एक प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जा रहा है। प्रस्ताव के मुताबिक, स्वामित्व एलडीए के पास ही रहेगा। संचालन और रखरखाव नगर निगम देखेगा। इसके अलावा नगर निगम को ऐशबाग में प्रस्तावित रैन बसेरा का निर्माण कर हैंडओवर भी तय किया जाना है। इसके लिए जमीन की कीमत नगर निगम और निर्माण का खर्च शासन से मिलना है।
भू-उपयोग बदलने के लिए आए प्रस्ताव
तीन प्रस्ताव एलडीए बोर्ड बैठक में भू-उपयोग परिवर्तन के हैं। इसमें दो भाऊराव देवरस सेवा न्यास के सरसवां में जमीन के प्रस्ताव हैं। इसमें सामुदायिक भवन और विद्यालय के लिए भू-उपयोग बदला जाना है। इसके अलावा एलडीए की विनम्रखंड व विशेषखंड में खाली जगह का भू-उपयोग बदलकर बिजली सबस्टेशन बनाया जाना है।
विज्ञापन
एलडीए अपनी योजनाओं में बचे भूखंडों को आवंटियों को देने की जगह अब इन्हें नीलामी में बेचकर कमाई बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
इसके लिए अफसर शुक्रवार को होने वाली बोर्ड बैठक में एक प्रस्ताव भी लाने जा रहे हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या अतिरिक्त कमाई अपने ही आवंटियों की दिक्कतों से अधिक हो गई है।
जबकि इस वक्त एलडीए को 600 से ज्यादा आवंटियों को आवासीय भूखंड देने हैं। ये आवंटी 15 साल से भी अधिक समय से एलडीए के चक्कर लगा रहे हैं।
यही नहीं, इनमें से कई आवंटी सालों पहले रजिस्ट्री भी करा चुके हैं। इन आवंटियों को समायोजन कर दूसरे भूखंड दिए जाने हैं।
बोर्ड बैठक में आने वाले प्रस्ताव के मुताबिक किसी योजना में पांच प्रतिशत से कम भूखंड रिक्त होने पर उनका निस्तारण लॉटरी की जगह नीलामी से किया जाए।
इसके पीछे अधिकारी तर्क दे रहे हैं कि एलडीए को वर्षों तक योजनाओं का रखरखाव करना होता है। ऐसे में नीलामी से मिले अतिरिक्त बजट से वहां विकास कार्य कराए जा सकेंगे।
विज्ञापन
वहीं, नीलामी के जरिए पारदर्शिता के साथ भूखंडों का निस्तारण हो पाएगा। सचिव पवन गंगवार का कहना है कि आवंटियों की समस्या हर कॉलोनी में है।
उनको भूखंड दिए जाने के लिए अलग से कार्रवाई चल रही है। आवास विकास परिषद पहले से ही नीलामी में आवासीय भूखंड बेच रहा है। हम केवल एक नियम बनाना चाहते हैं।
विज्ञापन
हालांकि, साथ ही एलडीए ने रिक्त भूखंडों व भवनों की सूची भी बनवानी शुरू कर दी है, जिन्हें नीलामी में बेचा जा सके।
नगर निगम को दी जाएंगीं 15 पार्किंग
एलडीए अपनी 15 पार्किंगों को संचालन के लिए नगर निगम को देगा। इसके लिए भी एक प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा जा रहा है। प्रस्ताव के मुताबिक, स्वामित्व एलडीए के पास ही रहेगा। संचालन और रखरखाव नगर निगम देखेगा। इसके अलावा नगर निगम को ऐशबाग में प्रस्तावित रैन बसेरा का निर्माण कर हैंडओवर भी तय किया जाना है। इसके लिए जमीन की कीमत नगर निगम और निर्माण का खर्च शासन से मिलना है।
भू-उपयोग बदलने के लिए आए प्रस्ताव
तीन प्रस्ताव एलडीए बोर्ड बैठक में भू-उपयोग परिवर्तन के हैं। इसमें दो भाऊराव देवरस सेवा न्यास के सरसवां में जमीन के प्रस्ताव हैं। इसमें सामुदायिक भवन और विद्यालय के लिए भू-उपयोग बदला जाना है। इसके अलावा एलडीए की विनम्रखंड व विशेषखंड में खाली जगह का भू-उपयोग बदलकर बिजली सबस्टेशन बनाया जाना है।