योगी सरकार ने दिया मायावती के स्मारक संवारने का आदेश, मिला बड़ा बजट
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बसपा सरकार में बने स्मारक, पार्क और उपवनों के दिन पांच साल बाद फिर बहुरने वाले हैं। सपा सरकार की उपेक्षा का दंश झेल चुके तमाम स्मारकों और उपवनों की मरम्मत और रखरखाव का काम फिर से नियमित होगा।
प्रदेश सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद एलडीए ने दस करोड़ की कार्ययोजना तैयार कर काम शुरू कर दिया है। बजट का इंतजाम बसपा सरकार में बनाए गए कॉर्पस फंड के ब्याज से किया गया है।
बसपा सरकार में प्रदेश के साथ ही राजधानी में बहुजन समाज के महापुरुषों के नाम पर भव्य स्मारक और उपवन बनाए गए थे, लेकिन सपा सरकार में इनका ठीक से रखरखाव नहीं हो सका।
अब प्रदेश की भाजपा सरकार ने बसपा सरकार द्वारा महापुरुषों के नाम पर बनाए तमाम स्मारकों, पार्कों व उपवनों की मरम्मत व नियमित देखभाल के आदेश दिए हैं। एलडीए सचिव जयशंकर दुबे ने बताया कि बसपा सरकार में बनवाए गए स्मारक और उपवनों में जो भी काम हैं उसे कराया जाएगा।
सबसे पहले खराब लाइटों को ठीक कराई जाएगी। जहां पानी की कमी है, वहां बोरिंग कराई जाएगी। पानी की कमी के कारण कई जगह पेड़ सूख गए हैं और हरियाली कम हुई है। तमाम जगहों पर बीच-बीच में पत्थर भी उखड़ गए हैं, उनको भी लगाया जाएगा।
इसको लेकर आदेश जारी कर दिया गया है और स्मारक समिति के प्रबंधक ने काम भी शुरू कर दिया है। प्रदेश सरकार भी स्मारकों को स्थिति सुधारने को लेकर गंभीर है। स्मारकों के रखरखाव और मरम्मत कार्य के लिए कॉर्पस फंड से ब्याज के दस करोड़ रुपये मिले हैं, जिसे मरम्मत पर रखरखाव पर खर्च किया जाएगा।
यह हैं प्रमुख स्मारक-उपवन
- कांशीराम इको गार्डन
- बौद्घ विहार शांति उपवन
- रमाबाई रैली मैदान
- अंबेडकर उद्यान
- गोमती पार्क