हजारों फ्लैटों के आवंटन निरस्त करेगा एलडीए, ये है वजह
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एलडीए का कहना है कि ऐसे आवंटियों के कारण अपार्टमेंट के रखरखाव में संबंधित आरडब्ल्यूए को दिक्कतें आ रहीं, साथ ही प्राधिकरण का करोड़ों रुपया इन फ्लैटों में फंसा हुआ है।
एलडीए के ओएसडी राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि ऐसे आवंटियों की संख्या काफी है, जिन्होंने रजिस्ट्री नहीं कराई है। 50 फीसदी तो ऐसे हैं, जिन्होंने एक या दो किस्त ही जमा की है। शुरुआती आकलन के मुताबिक, बिना रजिस्ट्री के फ्लैट कानपुर रोड योजना, अलीगंज योजना, गोमती नगर योजना के अलावा गोमती नगर विस्तार योजना में भी बड़ी संख्या में हैं।
अकेले गोमती नगर विस्तार में ही इनकी संख्या करीब 950 मिली है। विस्तार के कावेरी, गंगा और अलकनंदा अपार्टमेंट जैसी योजनाओं के 40 फीसदी फ्लैटों पर पांच साल बाद भी ताला पड़ा है।
ये हो रहा नुकसान
- खाली फ्लैटों के कारण अपार्टमेंट के रखरखाव में आ रहीं दिक्कतें
- इन फ्लैटों में एलडीए के करोड़ों रुपये फंसे हुए हैं
रु 40 लाख का फ्लैट, छह लाख जमा
एलडीए की शुरुआती जांच में अलकनंदा, कावेरी अपार्टमेंट में ऐसे केस सामने आए हैं, जिनमें 2बीएचके और 2बीएचके प्लस स्टडी फ्लैटों की कीमत करीब 40 लाख रुपये है।
जबकि आवंटी ने अब तक सिर्फ छह लाख रुपये ही जमा किए हैं। ऐसे में बकाया का ब्याज 15 प्रतिशत की दर से लिया गया तो यह बकाए का दोगुना से अधिक हो जाएगा। इतनी कीमत तो मार्के ट रेट पर भी फ्लैट की नहीं मिलेगी। ऐसे में आवंटी भी बकाया पैसा जमा नहीं कर रहे हैं।
पहले नोटिस, एक महीने का समय, फिर कार्रवाई
ओएसडी और बहुमंजिला योजनाओं के प्रभारी राजेश कुमार शुक्ला का कहना है कि अभी सभी अपार्टमेंटों में बिना रजिस्ट्री के मौजूद फ्लैटों के आवंटियों को अंतिम नोटिस भेजा जा रहा है।
एक महीने तक पैसा जमा नहीं होने पर आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। सबसे पहले उन आवंटियों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने केवल एक या दो किस्त ही जमा की है।
आरडब्ल्यूए के नहीं मिल पाती सोसाइटी फीस
इसकी वजह से अपार्टमेंट के रखरखाव, सफाई, सुरक्षा, बिजली बिल, पानी का बिल जैसे खर्च के लिए बजट नहीं जुट पाता है। कॉर्पस फंड के ब्याज से पूरे खर्च नहीं चल पाते हैं। ऐसे में हर फ्लैट से सोसाइटी फीस ली जाती है। अब जिन फ्लैटों में एलडीए ने कब्जा ही नहीं दिया है। उन फ्लैटों से सोसाइटी मासिक फीस कैसे ले?
3500 फ्लैट खाली, नहीं बेच पा रहा प्राधिकरण
एलडीए के पास ऐसे भी फ्लैट मौजूद हैं,़ जिनको प्राधिकरण बेच नहीं पा रहा है। इनकी कीमत घटाकर दोबारा से एलडीए ने पंजीकरण खोले हैं। इनकी संख्या करीब 3500 है। देवपुर पारा योजना में फ्लैटों के निर्माण को निरस्त करके इनकी संख्या कम हुई।
ये फ्लैट कानपुर रोड योजना, कुर्सी रोड योजना और देवपुर पारा योजना में ही मौजूद हैं। गोमतीनगर और गोमतीनगर विस्तार योजना में इनकी संख्या बहुत कम है। वहीं रजिस्ट्री के लिए बचे फ्लैटों की संख्या सबसे अधिक यहीं है