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एलडीए सख्तः 300 करोड़ बकाया, हजारों फ्लैटों के आवंटन होंगे निरस्त
Wed, 27 Mar 2019 04:15 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 27 Mar 2019 04:15 PM IST
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- फोटो : प्रतिकात्मक फोटो
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करीब पांच साल बाद भी रजिस्ट्री न करवाकर कब्जा नहीं ले रहे आवंटियों से एलडीए फ्लैट छीनेगा। इनके आवंटन निरस्त करने की तैयारी है। एलडीए वीसी प्रभु एन सिंह के आदेश के बाद हुई जांच में पता चला है कि ऐसे आवंटियों पर करीब 300 करोड़ रुपये बकाया है।
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इनमें करीब 70 प्रतिशत फ्लैट अकेले गोमतीनगर और गोमतीनगर विस्तार योजनाओं के सामने आए हैं, जो सबसे अधिक मांग में बने रहते हैं। सचिव मंगला प्रसाद सिंह को संपत्ति विभाग से भेजी गई सूची के मुताबिक 1024 ऐसे फ्लैटों को चिह्नित किया गया है, जिनमें 25 प्रतिशत से कम कीमत जमा की गई है।
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वहीं, एलडीए को कब्जा देना शुरू किए हुए पांच साल से अधिक का समय चुका है। इन फ्लैटों के आवंटियों के नाम के साथ सूची तैयार की गई है। ओएसडी राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि ऐसे सभी आवंटियों को नोटिस भेजा जा रहा है। इसमें बकाया जमा करने को अंतिम मौका दिया जाएगा।
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इसके बाद आवंटन निरस्त करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। एलडीए अधिकारियों का कहना है कि जिन फ्लैटों की रजिस्ट्री नहीं हुई है, अगर उनके आवंटन निरस्त होते हैं तो ज्यादा मांग होने से इन्हें तुरंत बेचा जा सकता है। इसके लिए आवंटन लॉटरी से होगा। वीसी और सचिव के सामने नीलामी के जरिये फ्लैट भेजने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे टाल दिया गया है।
बाबुओं की भी मिलीभगत
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अधिकारियों के सामने कई ऐसी फाइलें आई हैं, जिनमें लॉटरी से आवंटन कराने के लिए केवल 10 प्रतिशत पंजीकरण धनराशि जमा की गई। इसके बाद कोई किश्त जमा नहीं हुई। ऐसे में बाबुओं को आवंटी को पत्र भेजकर आवंटन निरस्त करा देने चाहिए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। ऐसे में बाबुओं की मिलीभगत सामने आ रही है।
...तो कीमत से ज्यादा होगा बकाया
एलडीए में रजिस्ट्री नहीं कराने के पीछे एक कारण यह भी सामने आ रहा है कि पिछले तीन साल से ओटीएस लागू नहीं हुआ। ऐसे में लोगों को बकाया किश्तों के भुगतान में देरी पर 18 प्रतिशत तक का चक्रवृद्धि ब्याज देना होगा। इसकी वजह से बकाया अब मूलधन व ब्याज सहित इतना अधिक हो गया है कि फ्लैटों की रीसेल में कीमत इससे काफी कम है। इसकी वजह से भी कोई आवंटी रजिस्ट्री कराने को तैयार नहीं है। इसे देखते हुए अब एलडीए के पास आवंटन निरस्त कर दोबारा से प्रक्रिया शुरू कर नए ग्राहकों को मौका देने का ही विकल्प बचता है।
नेहरू एंक्लेव का नाम ही सूची से गायब
एलडीए की सूची बनाने में भी बाबुओं ने घालमेल कर दिया। नेहरू एंक्लेव योजना में ऐसे बड़ी संख्या में फ्लैट मौजूद हैं, जिनकी रजिस्ट्री नहीं हुई है। यहां भी बाबुओं ने खुद अपने या परिवारीजनों के नाम से आवंटन कराए हैं, जिनमें केवल पंजीकरण धनराशि जमा है। यहां अगर जांच कराई जाए तो काफी फ्लैट सामने आ जाएंगे।
...तो कीमत से ज्यादा होगा बकाया
एलडीए में रजिस्ट्री नहीं कराने के पीछे एक कारण यह भी सामने आ रहा है कि पिछले तीन साल से ओटीएस लागू नहीं हुआ। ऐसे में लोगों को बकाया किश्तों के भुगतान में देरी पर 18 प्रतिशत तक का चक्रवृद्धि ब्याज देना होगा। इसकी वजह से बकाया अब मूलधन व ब्याज सहित इतना अधिक हो गया है कि फ्लैटों की रीसेल में कीमत इससे काफी कम है। इसकी वजह से भी कोई आवंटी रजिस्ट्री कराने को तैयार नहीं है। इसे देखते हुए अब एलडीए के पास आवंटन निरस्त कर दोबारा से प्रक्रिया शुरू कर नए ग्राहकों को मौका देने का ही विकल्प बचता है।
नेहरू एंक्लेव का नाम ही सूची से गायब
एलडीए की सूची बनाने में भी बाबुओं ने घालमेल कर दिया। नेहरू एंक्लेव योजना में ऐसे बड़ी संख्या में फ्लैट मौजूद हैं, जिनकी रजिस्ट्री नहीं हुई है। यहां भी बाबुओं ने खुद अपने या परिवारीजनों के नाम से आवंटन कराए हैं, जिनमें केवल पंजीकरण धनराशि जमा है। यहां अगर जांच कराई जाए तो काफी फ्लैट सामने आ जाएंगे।
अपार्टमेंट की देखरेख में भी दिक्कत
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फ्लैटों की रजिस्ट्री न कराने से जहां एलडीए को आर्थिक नुकसान है, वहीं अपार्टमेंट की देखरेख में भी दिक्कत आती है। गोमतीनगर विस्तार में गंगा अपार्टमेंट की आरडब्ल्यूए की अध्यक्ष विभा शर्मा का कहना है कि काफी फ्लैट खाली पड़े हैं। ऐसे में वहां से सोसाइटी के शुल्क भी नहीं मिलते हैं। इससे अपार्टमेंट के जरूरी काम जैसे सफाई, सुरक्षा, लिफ्ट संचालन तक के खर्चे नहीं निकल पाते हैं।
भेजे जाने लगे आवंटियों को नोटिस
सूची तैयार होने के बाद अब आवंटियों को नोटिस भेजना शुरू किया जा रहा है। उच्च अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। अगर रजिस्ट्री कराई जाए तो प्रति फ्लैट लाखों रुपये एलडीए को बकाया, फ्रीहोल्ड चार्ज व अन्य शुल्क के रूप में मिलेगा। वहीं सरकार को भी रजिस्ट्री शुल्क के रूप में बड़ा रेवेन्यू मिलेगा। - राजेश कुमार शुक्ला, ओएसडी, एलडीए
भेजे जाने लगे आवंटियों को नोटिस
सूची तैयार होने के बाद अब आवंटियों को नोटिस भेजना शुरू किया जा रहा है। उच्च अधिकारियों को भी इसकी जानकारी दे दी गई है। अगर रजिस्ट्री कराई जाए तो प्रति फ्लैट लाखों रुपये एलडीए को बकाया, फ्रीहोल्ड चार्ज व अन्य शुल्क के रूप में मिलेगा। वहीं सरकार को भी रजिस्ट्री शुल्क के रूप में बड़ा रेवेन्यू मिलेगा। - राजेश कुमार शुक्ला, ओएसडी, एलडीए