{"_id":"5b6a94a84f1c1bf6548b74c7","slug":"lda-to-spend-money-for-traffic-managment","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"1000 करोड़ रुपये से मिलेगी जाम के नासूर से मुक्ति, एलडीए ने शुरू किया काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
1000 करोड़ रुपये से मिलेगी जाम के नासूर से मुक्ति, एलडीए ने शुरू किया काम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 08 Aug 2018 02:14 PM IST
विज्ञापन
लगा भीषण जाम
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए एलडीए ने ट्रैफिक मैनेजमेंट पर काम शुरू किया है। तय प्रस्ताव के मुताबिक, अन्य विभागों के सहयोग से 1000 करोड़ रुपये का फंड बनाया जाएगा।
इस पैसे का इस्तेमाल राजधानी में वाहनों के आवागमन में बाधक बने बिन्दुओं (बॉटल नेक) को सुधारा जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक मंगलवार को हुई। इसमें शहरी विकास के लिए प्रदेश सरकार के सलाहकार सेवानिवृत्त आईएएस अफसर केशव वर्मा ने एलडीए के प्रस्ताव को सहमदि दे दी।
जाम के नासूर बने पॉइंट्स को सुधारने के लिए तैयार इस प्रस्ताव में ट्रैफिक में बाधक बिन्दुओं को चिन्हित कर लिया गया है। इसमें चौराहे, पुलिया और प्रमुख रास्ते शामिल हैं। बैठक में एलडीए के वीसी प्रभु एन सिंह, मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह, अधीक्षण अभियंता चक्रेश जैन, नगर निगम के मुख्य अभियंता एसपी सिंह के अलावा पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस पैसे का इस्तेमाल राजधानी में वाहनों के आवागमन में बाधक बने बिन्दुओं (बॉटल नेक) को सुधारा जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक मंगलवार को हुई। इसमें शहरी विकास के लिए प्रदेश सरकार के सलाहकार सेवानिवृत्त आईएएस अफसर केशव वर्मा ने एलडीए के प्रस्ताव को सहमदि दे दी।
विज्ञापन
जाम के नासूर बने पॉइंट्स को सुधारने के लिए तैयार इस प्रस्ताव में ट्रैफिक में बाधक बिन्दुओं को चिन्हित कर लिया गया है। इसमें चौराहे, पुलिया और प्रमुख रास्ते शामिल हैं। बैठक में एलडीए के वीसी प्रभु एन सिंह, मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह, अधीक्षण अभियंता चक्रेश जैन, नगर निगम के मुख्य अभियंता एसपी सिंह के अलावा पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी शामिल हुए।
विज्ञापन
चौराहों के लिए ट्रैफिक प्लान नहीं
कुकरैल फ्लाईओवर बनाएं योजना
- फोटो : amarujala
एक्सप्रेस-वे विश्वस्तरीय, एंट्री पॉइंट बकवास
केशव वर्मा ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे बनाते समय इसकी लखनऊ से कनेक्टिविटी के बारे में क्यों नहीं सोचा गया? आगरा से लखनऊ आते समय किसी विश्वस्तरीय जगह पर होने का अहसास होता है।
वहीं लखनऊ में पहुंचते ही मोहान रोड पर पुलिया और रास्ते संकरे हो जाते हैं। क्यों इन दिक्कतों का भी एक्सप्रेस-वे की योजना बनने के समय ही निस्तारण नहीं किया गया। आखिर कौन सी दिक्कत पुलिया को चौड़ा करने में आ रही थी। सलाहकार ने इसे भी उन्होंने प्रस्ताव में शामिल कराने के लिए कहा।
बैठक में मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि कुकरैल फ्लाईओवर इसी साल के अंत तक शुरू होगा। इसके बाद सीधा ट्रैफिक समतामूलक चौराहा और 1090 पर बढ़ेगा। अब पुल बनाने की योजना के समय पीडब्ल्यूडी ने इन चौराहों पर बढ़ने वाले वाहनों के दबाव और ट्रैफि क प्लान को लेकर कोई योजना नहीं बनाई।
रिवरबैंक कॉलोनी की तरफ जाने वाली सड़क और पुलिया को भी चौड़ा किया जाना है। जबकि, उसी समय ऐसा होना चाहिए था। अब प्रदेश सलाहकार ने पुल शुरू होने से पहले यहां जरूरी ट्रैफिक प्रबंधन की योजना बनाने के लिए कहा है।
केशव वर्मा ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे बनाते समय इसकी लखनऊ से कनेक्टिविटी के बारे में क्यों नहीं सोचा गया? आगरा से लखनऊ आते समय किसी विश्वस्तरीय जगह पर होने का अहसास होता है।
वहीं लखनऊ में पहुंचते ही मोहान रोड पर पुलिया और रास्ते संकरे हो जाते हैं। क्यों इन दिक्कतों का भी एक्सप्रेस-वे की योजना बनने के समय ही निस्तारण नहीं किया गया। आखिर कौन सी दिक्कत पुलिया को चौड़ा करने में आ रही थी। सलाहकार ने इसे भी उन्होंने प्रस्ताव में शामिल कराने के लिए कहा।
बैठक में मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि कुकरैल फ्लाईओवर इसी साल के अंत तक शुरू होगा। इसके बाद सीधा ट्रैफिक समतामूलक चौराहा और 1090 पर बढ़ेगा। अब पुल बनाने की योजना के समय पीडब्ल्यूडी ने इन चौराहों पर बढ़ने वाले वाहनों के दबाव और ट्रैफि क प्लान को लेकर कोई योजना नहीं बनाई।
रिवरबैंक कॉलोनी की तरफ जाने वाली सड़क और पुलिया को भी चौड़ा किया जाना है। जबकि, उसी समय ऐसा होना चाहिए था। अब प्रदेश सलाहकार ने पुल शुरू होने से पहले यहां जरूरी ट्रैफिक प्रबंधन की योजना बनाने के लिए कहा है।
पिपराघाट पुल: दिखा ही नहीं अंडरपास
चौड़ा करना होगा इस रास्ते को
- फोटो : amarujala
प्रदेश सलाहकार को जब यह बताया गया कि पिपराघाट पुल बनाते समय उससे गुजरने वाले ट्रैफिक के आड़े आएगा संकरा अंडरपास। पीडब्ल्यूडी ने रेलवे से इसे चौड़ा करने की मांग की है। प्रदेश सलाहकार ने पूछा कि आखिर पुल बनाते समय ही इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया?
पुल बनने के साथ ही रेलवे से इस अंडरपास को चौड़ा करने का काम कराया जा सकता था। मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि असल में जानवरों और पानी के निकलने के लिए रेलवे ने रास्ता दिया था। अब इससे वाहनों को गुजरना है। रेलवे या पीडब्ल्यूडी या एलडीए बिना रेल ट्रैफि क को बाधित किए पुश ब्लॉक तकनीक से अंडरपास को आसानी से चौड़ा कर सकते हैं।
मैच खत्म होने के बाद लगेगा जाम
मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह का कहना है कि सीजी सिटी में अब स्टेडियम बन चुका है। यहां भविष्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच होंगे। जब मैच खत्म होगा, उस समय हजारों की संख्या में गाड़ियां अचानक से सड़क और खासतौर पर सुल्तानपुर हाइवे और शहीद पथ को जोड़ने वाले अर्जुनगंज अंडरपास पर आ जाएंगीं। पूरा इलाका जाम होने की आशंका बनेगी। इस समस्या के हल के लिए इसे भी प्रस्ताव में शामिल किए जाने पर सहमति बनीं।
'पिपराघाट, कुकरैल, सुल्तानपुर रोड, मोहान रोड केजैसी बाकी शहर की समस्याओं को भी चिन्हित किया गया है। करीब 1000 करोड़ रुपये के फंड की जरूरत होगी। कुछ बजट एलडीए दे सकता है। कुछ बजट दूसरे विभागों से लिया जा सकता है। बाकी बजट प्रदेश सरकार को प्रस्ताव देकर मांग लिया जाएगा। 1000 करोड़ रुपये के फंड के लिए अब शासन की अनुमति ली जाएगी। यह प्रोजेक्ट स्थाई समाधान की एक कवायद है।' - प्रभु एन सिंह, वीसी, एलडीए
पुल बनने के साथ ही रेलवे से इस अंडरपास को चौड़ा करने का काम कराया जा सकता था। मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह ने बताया कि असल में जानवरों और पानी के निकलने के लिए रेलवे ने रास्ता दिया था। अब इससे वाहनों को गुजरना है। रेलवे या पीडब्ल्यूडी या एलडीए बिना रेल ट्रैफि क को बाधित किए पुश ब्लॉक तकनीक से अंडरपास को आसानी से चौड़ा कर सकते हैं।
मैच खत्म होने के बाद लगेगा जाम
मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह का कहना है कि सीजी सिटी में अब स्टेडियम बन चुका है। यहां भविष्य में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच होंगे। जब मैच खत्म होगा, उस समय हजारों की संख्या में गाड़ियां अचानक से सड़क और खासतौर पर सुल्तानपुर हाइवे और शहीद पथ को जोड़ने वाले अर्जुनगंज अंडरपास पर आ जाएंगीं। पूरा इलाका जाम होने की आशंका बनेगी। इस समस्या के हल के लिए इसे भी प्रस्ताव में शामिल किए जाने पर सहमति बनीं।
'पिपराघाट, कुकरैल, सुल्तानपुर रोड, मोहान रोड केजैसी बाकी शहर की समस्याओं को भी चिन्हित किया गया है। करीब 1000 करोड़ रुपये के फंड की जरूरत होगी। कुछ बजट एलडीए दे सकता है। कुछ बजट दूसरे विभागों से लिया जा सकता है। बाकी बजट प्रदेश सरकार को प्रस्ताव देकर मांग लिया जाएगा। 1000 करोड़ रुपये के फंड के लिए अब शासन की अनुमति ली जाएगी। यह प्रोजेक्ट स्थाई समाधान की एक कवायद है।' - प्रभु एन सिंह, वीसी, एलडीए