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यूपी के ये किराएदार बन सकेंगे मकान मालिक

Thu, 04 Jun 2015 04:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 04 Jun 2015 04:34 PM IST
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lda tanent will become houseowner

एलडीए के किरायेदार अब मकान मालिक बन सकेंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अपनी विभिन्न योजनाओं में रेंट की सभी संपत्ति की रजिस्ट्री और फ्री होल्ड की सुविधा दे दी है।

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इन योजनाओं में करीब 2000 किराएदार रह रहे हैं, जिन्हें इसका लाभ मिल सकेगा। किरायेदार अपनी संपत्ति का एलडीए में म्यूटेशन कराने के बाद रजिस्ट्री और फ्री होल्ड करा सकते हैं।
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रेंट की सभी संपत्ति के सर्किल रेट का 50 फीसदी धन जमा कर और 12 फीसदी फ्री होल्ड चार्ज देकर किराए की संपत्ति के लोग खुद मालिक बन सकेंगे। सिर्फ कॉमन एरिया वाले दो मंजिला आवासों की लीज डीड होगी।
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एलडीए की रामनगर, मोतीझील, पेपर मिल कॉलोनी, ऐशबाग, बाजारखाला, महानगर, निरालानगर, अलीगंज और ऐसी करीब छह कॉलोनियों में लगभग 2000 आवास किराए पर हैं। यहां नाममात्र किराया देकर लोग रह रहे हैं।
 
ऐसे में भवनों की खरीद-फरोख्त को सुलभ करने और लोगों को एलडीए के चक्कर काटने से बचाने के लिए किराये के भवनों को अब आवंटी या उसके उत्तराधिकारी के नाम स्थायी रूप से करने का फैसला किया गया है। इस संबंध में फाइलों का अनुमोदन भी शुरू हो गया है।

पूरी प्रक्रिया के बाद होगा अनुमोदन

lda tanent will become houseowner

सर्किल रेट पर छूट, पर स्टांप ड्यूटी पूरी
एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि रेंट की संपत्तियों में सबसे पहले आवंटी अगर जीवित है तो वह भवन की रजिस्ट्री के लिए आवेदन करेगा।
 
आवेदन के बाद वह जरूरी कागजातों को जमा करने के बाद उसके नाम पर एलडीए के संपत्ति अधिकारी के साथ रजिस्ट्री और फ्री होल्ड होगा।
 
आवंटी एलडीए का पुराना किरायेदार है, इसीलिए प्राधिकरण उसको सर्किल रेट में 50 फीसदी की छूट देता है। मगर रजिस्ट्री विभाग उससे पूरे सर्किल रेट के हिसाब से ही स्टांप ड्यूटी लेगा।
 
इसके बाद में रजिस्ट्री और फ्री होल्ड होने के बाद आवंटी का पूरा हक संपत्ति पर हो जाएगा। अगर आवंटी जीवित नहीं है तब प्रक्रिया बदल जाएगी।

पहले तो आवंटी के उत्तराधिकारी के पक्ष में नामांतरण की कार्यवाही होगी। इसमें सारे उत्तराधिकारियों को एक पक्ष में हलफनामा देना होगा। इसके बाद इस सूचना का प्रकाशन होगा।
 
एक महीने में लोगों से आपत्तियां प्राधिकरण मांगेंगा। आपत्तियां न आने की दशा में पहले नामांतरण होगा और इसके बाद एलडीए नये आवंटी के नाम पर रजिस्ट्री और फ्री होल्ड कर देगा।

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