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हाईकोर्ट के आदेश पर एलडीए ने ढ़हा दिया पूर्व मंत्री गायत्री का अवैध निर्माण

Sat, 17 Jun 2017 09:13 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 17 Jun 2017 09:13 PM IST
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LDA demolished illigal construction of Gayatri Prajapati.
गायत्री की बिल्डिंग ढहाती मशीन - फोटो : amar ujala

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद आखिरकार एलडीए को पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के तीन मंजिला अवैध निर्माण को शनिवार को ध्वस्त करना पड़ा। बिना नक्शा पास कराए सालेहनगर तिराहे पर बने कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स को ढहा दिया गया। लखनऊ के आशियाना थाने पर शनिवार की सुबह एलडीए, प्रशासन और पुलिस की टीमें जुटीं। दोपहर में करीब 12बजे सालेहनगर तिराहे पर बने अवैध निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई शुरू हुई। इसे ढहाने के लिए एलडीए ने भरपूर संसाधन मौके पर जुटाए थे। तीन पॉकलैंड जेसीबी मशीनें खासतौर पर मंगाई गईं थीं।

LDA demolished illigal construction of Gayatri Prajapati.

आमतौर पर अवैध निर्माण तोड़ने में एलडीए इन मशीनों का उपयोग नहीं करता। तीन में से एक पॉकलैंड तो ड्रिलर के साथ रॉक ब्रेकर थी। इससे पिलर्स और बीम तोड़ना आसान रहा। वहीं चार जेसीबी मशीनें लगाई गईं। इसमें भी एक रॉक ब्रेकर मशीन शामिल थी। इसके अलावा जनरेटर की मदद से चलने वाले पांच मैन्युअल इलेक्ट्रिक ड्रिलर भी कार्रवाई के लिए लगाए गए। इसी वजह से केवल साढ़े पांच घंटे में पूरी बिल्डिंग को तोड़ लिया गया।

LDA demolished illigal construction of Gayatri Prajapati.

क्या था कोर्ट का आदेश
एलडीए के विहित प्राधिकारी के 25 अप्रैल 2016 के आदेश पर हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री का अवैध निर्माण ढहाने को कहा था। 15 जून को हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्री के बेटे अनुराग प्रजापति की रिट खारिज करते हुए दो दिन में गायत्री प्रजापति व उसके बेटे का अवैध निर्माण ढहाने का आदेश दिया था।

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LDA demolished illigal construction of Gayatri Prajapati.

हाईकोर्ट ने साफ तौर पर एलडीए का कहा था कि अवैध निर्माण तोड़कर मंडलायुक्त और चेयरमैन एलडीए अनिल गर्ग सोमवार को अदालत को खुद इसकी जानकारी दें। गौरतलब है कि 25 अप्रैल के ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ अनुराग प्रजापति की अपील को मंडलायुक्त ने ही खारिज किया था। इसके खिलाफ ही हाईकोर्ट में अनुराग प्रजापति ने अपने पिता की तरफ से रिट याचिका की।

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LDA demolished illigal construction of Gayatri Prajapati.

तीन बार नक्शा खारिज, फिर भी बन गई तीन मंजिला इमारत
गायत्री प्रजापति और उनके बेटे अनुराग प्रजापति ने तीन सेल डीड से जमीन 2012 में खरीदीं। इन जमीन पर संयुक्त रूप से एक निर्माण कराया गया है। इसके लिए नक्शा भी पूर्व में स्वीकृत कराने को सात फरवरी 2015 को आया। इसके खारिज होने के बाद संशोधित नक्शा 18 जून 2015 और 20 दिसंबर 2016 को दिया गया। इसको भी 24 दिसंबर 2016 को खारिज कर दिया। जिन जमीन पर एलडीए में नक्शा स्वीकृत होने के लिए आया। उसमें दो भूखंड 589/1 और 589/2 खुद पूर्व मंत्री के नाम पर हैं। वहीं खसरा संख्या 174 की जमीन अनुराग प्रजापति के नाम पर हैै।

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