{"_id":"67b62ddf1aadf06f0908fd54","slug":"lawyers-raised-slogans-in-tehsil-premises-raebareli-news-c-101-1-slp1006-127883-2025-02-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News: तहसील परिसर में वकीलों ने की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News: तहसील परिसर में वकीलों ने की नारेबाजी
Thu, 20 Feb 2025 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 20 Feb 2025 12:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऊंचाहार (रायबरेली)। अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक, 2025 के विरोध में बुधवार को तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वकीलों का कहना है कि उनके व्यक्तिगत हितों पर प्रहार किया जा रहा है। अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक में संशोधन करने जा रही है। इसका देशभर के अधिवक्ता विरोध कर रहे हैं।
एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेशचंद्र उपाध्याय की अगुवाई में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्तावित बिल अधिवक्ताओं के हित में नहीं है। बिल अधिवक्ताओं के विरुद्ध उनके वकालत पेशे की अस्मिता को समाप्त करने के लिए एक साजिश के तहत लाया गया है, जो निंदनीय है। इस मौके पर अधिवक्ता शिवगोपाल सिंह, महेश द्विवेदी, विजय सिंह, राजनारायण मिश्र, दिनेशचंद्र त्रिपाठी, चंद्रमणि, गजाधर लाल वर्मा, सीके शुक्ल मौजूद रहे।
महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार अधिवक्ता अधिनियम व अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम में मनमाने तौर पर संशोधन किए जाने से अधिवक्ताओं ने नाराजगी है। बुधवार को वकीलों विरोध किया और दोनों बार संघों ने तीन दिन तक न्यायिक कार्यों से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष देवी प्रसाद ने कहा कि अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम में मनमाने तौर पर संशोधन किया जा रहा है, जो अधिवक्ता हित के खिलाफ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेशचंद्र उपाध्याय की अगुवाई में सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। अध्यक्ष ने कहा कि प्रस्तावित बिल अधिवक्ताओं के हित में नहीं है। बिल अधिवक्ताओं के विरुद्ध उनके वकालत पेशे की अस्मिता को समाप्त करने के लिए एक साजिश के तहत लाया गया है, जो निंदनीय है। इस मौके पर अधिवक्ता शिवगोपाल सिंह, महेश द्विवेदी, विजय सिंह, राजनारायण मिश्र, दिनेशचंद्र त्रिपाठी, चंद्रमणि, गजाधर लाल वर्मा, सीके शुक्ल मौजूद रहे।
विज्ञापन
महराजगंज प्रतिनिधि के अनुसार अधिवक्ता अधिनियम व अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम में मनमाने तौर पर संशोधन किए जाने से अधिवक्ताओं ने नाराजगी है। बुधवार को वकीलों विरोध किया और दोनों बार संघों ने तीन दिन तक न्यायिक कार्यों से विरत रहने का प्रस्ताव पारित किया। एसोसिएशन के अध्यक्ष देवी प्रसाद ने कहा कि अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम में मनमाने तौर पर संशोधन किया जा रहा है, जो अधिवक्ता हित के खिलाफ है।
विज्ञापन