ग्राम रोजगार सेवकों पर बरसीं लाठियां, छह जख्मी
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राज्य कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर सोमवार को सड़क पर उतरे ग्राम रोजगार सेवकों को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठियां चलाईं तो वहां भगदड़ मच गई। इस दौरान जहां छह प्रदर्शनकारी घायल हो गए वहीं कई राहगीर भी बाइक-स्कूटी समेत गिर पड़े।
इससे पहले उप्र ग्राम रोजगार सेवक संघर्ष समिति के तत्वाधान में सोमवार को प्रदेश भर से आए हजारों रोजगार सेवकों ने अपनी मांग के समर्थन में लक्ष्मण मेला मैदान में प्रदर्शन किया। इसका नेतृत्व संचालन समिति के सदस्य कमलेश कुमार गुप्ता ने किया।
कई घंटे तक धरने पर बैठने बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो वे सीएम आवास की ओर चल दिए। लक्ष्मण मेला मैदान से जब वे सिकंदरबाग की तरफ जाने वाली मेन रोड पर पहुंचे तो ट्रैफिक जाम हो गया।
पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो वे उग्र हो उठे। प्रदर्शनकारियों ने सड़क से बेरिकेडिंग उखाड़ दी। काबू पाने के लिए पुलिस ने लाठी चार्र्ज किया। इससे वहां पर भगदड़ मच गई।
प्रदर्शन में शामिल रोहित, सुनील, कुलदीप, इंद्रजीत, अशिष्ट शुक्ला, निहारिका जख्मी हो गए। पुलिस ने उन्हें सिविल अस्पताल में उपचार के बाद जाने दिया। वहीं प्रशासन ने संघर्ष समिति के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता को बुलाया। जिसके बाद वे शांत हुए लेकिन देर शाम तक प्रदर्शनकारी धरने पर डटे रहे।
मच गई भगदड़
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने सिकंदरबाग मार्ग पर बैरिकेडिंग उखाड़ दी और पर सड़क जाम कर दी। भीड़ पर काबू के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इससे भगदड़ मच गई।
कई राहगीर अपनी बाइक व स्कूटी लेकर गिर पड़े। इस दौरान महानगर निवासी एक युवती भी स्कूटी सहित गिर गई। वह रोने लगी तो पुलिसकर्मी उसे किनारे ले गए।
जाम में फंसी एंबुलेंस
प्रदर्शन के दौरान सिकंदरबाग मार्ग पर दोपहर में एक निजी एंबुलेंस जाम में फंस गई। मरीज की तबीयत बिगड़ती देख तीमारदार विपिन लोगों से रास्ता दिलवाने के लिए गुहार लगाता रहा। करीब आधे घंटे बाद पुलिस ने एंबुलेंस को बाहर निकलवाया।