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संतों ने जताई अंतिम इच्छा: त्रेतायुग के दर्शन तो हो गए, अब राममंदिर बन जाए
टीम डिजिटल/अमर उजाला, अयोध्या
Updated Thu, 19 Oct 2017 02:37 PM IST
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अयोध्या
- फोटो : amar ujala
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त्रेतायुग के दर्शन तो हो गए, अब राममंदिर बन जाए...यह शब्द अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कानों में गूंजता दिखा। उनसे मिले संत-धर्माचार्यों ने अपनी अंतिम इच्छा के रूप में अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण की मांग दोहराई।
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इस दौरान योगी के प्रति खासकर बुजुर्ग संतों का अनुराग छलका, योगी भी बेहद भावुक थे। कई संतों की आंखे छलक आईं। रामजन्मभूमि से भी राममंदिर की आवाज उठी।
रामनगरी में त्रेतायुग जैसी भव्य दिवाली और देर रात्रि तक चली रामलीला के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रात भी फैजाबाद के सर्किट हाउस में बीती।
यह पहला अवसर है जब किसी मुख्यमंत्री ने यहां 19 घंटे बिताए हों। भोर में जागे मुख्यमंत्री ने पूजा-पाठ की दिनचर्या पूरी करते ही सबसे पहले दिगंबर अखाड़े के महंत सुरेश दास को सर्किट हाउस बुलवाया फिर अयोध्या जाकर मंदिरों में दर्शन-पूजन के साथ प्रमुख संत-धर्माचायों से मिलने का कार्यक्रम बना।
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हालांकि पहले हनुमानगढ़ी में दर्शन और दिगंबर अखाड़े तक ही जाने का कार्यक्रम था। बताते हैं कि मुख्यमंत्री तक यह बात पहुंची कि केवल दिगंबर अखाड़ा बार-बार जाने से कुछ संत असहज महसूस कर रहे हैं, ऐसे में उनके यहां भी जाना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने अपने कार्यक्रम का विस्तार कराया और हनुमानगढ़ी के बाद रामजन्मभूमि, रंगमहल, सुग्रीव किला, बड़ाभक्तमाल, मणिरामदास की छावनी से होते हुए दिगंबर अखाड़ा में नाश्ता के बाद गोरखपुर जाने की योजना बनी।
आनन-फानन में जिला और पुलिस प्रशासन के लोगों की संबंधित स्थलों पर तैनाती की गई। इसके बाद मुख्यमंत्री का काफिला सुबह करीब 7:30 बजे सर्किट हाउस से अयोध्या के लिए निकला।
मुख्यमंत्री जिन-जिन संत-महंतों से मिले सभी ने उन्हें छोटी दिवाली पर किए गए भव्य आयोजन और अयोध्या की गरिमा के अनुरूप विकास और दिव्यता को लेकर उनके कदमों को सहारा।