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Lucknow News: राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज की सरकारी जमीन पर पट्टा खेल, कॉलेज का वजूद दांव पर

Fri, 10 Jul 2026 12:54 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2026 12:54 AM IST
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Land lease irregularities on government land belonging to Ram Bharose Maikulal Inter College put the college's very existence at stake.
राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज 
रविशंकर गुप्ता
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लखनऊ। गरीब बच्चों की शिक्षा के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की ओर से 67 वर्ष पहले उपलब्ध कराई गई राम भरोसे मैकूलाल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय समिति की सरकारी जमीन अब कथित अनियमितताओं के कारण विवादों में है। डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि तेलीबाग स्थित कॉलेज की सरकारी भूमि पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक की अनुमति के बिना पट्टे दिए गए। जांच अधिकारी ने रिपोर्ट में चेताया है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आगे चलकर पट्टाधारक जमीन पर मालिकाना दावा कर सकते हैं, जिससे कॉलेज का वजूद भी खतरे में पड़ सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश सरकार ने 27 अप्रैल 1959 को विद्यालय समिति को 21.125 एकड़ भूमि शिक्षा के उद्देश्य से उपलब्ध कराई थी। उस समय गाटा संख्या 44, 41 और 14 पर विद्यालय स्थापित था। आरोप है कि वर्तमान प्रबंधक ने भूमि के बड़े हिस्से पर बिना आवश्यक अनुमति के सैकड़ों लोगों को पट्टे देकर करोड़ों रुपये का लेनदेन किया। इसी भूमि पर जावित्री हॉस्पिटल, जावित्री पार्किंग, पिता मारुति आयरन स्टोर, टीनशेड की दुकानें, आवासीय मकान और प्लॉटिंग किए जाने का भी उल्लेख जांच रिपोर्ट में है। मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग में भी की गई थी, जिसके बाद प्रबंधक श्रीकांत साहू के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। (संवाद)
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सरकारी अनुबंध की शर्तों का भी उल्लेख
सरकारी अनुबंध के अनुसार तीन वर्ष के भीतर सभी भवनों का निर्माण होना था और उनका उपयोग जनता के हित में किया जाना था। अनुबंध में यह भी स्पष्ट था कि शर्तों के उल्लंघन की स्थिति में सरकार भूमि वापस ले सकती है।
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निदेशक से नहीं ली गई अनुमति

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई। आरोप है कि बिना स्वीकृति के भूमि पर डिग्री कॉलेज का निर्माण कराया गया। इसके अलावा विद्यालय के खेल मैदान से सटे तेलीबाग बाजार, रायबरेली रोड पर 225 वर्गमीटर क्षेत्रफल में बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण भी कराया गया।

राजपत्र में दर्ज हैं शर्तें
सरकारी अनुबंध राजपत्र में प्रकाशित किया गया था। इसमें स्पष्ट उल्लेख है कि सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना भूमि की बिक्री, बंधक, उपहार या पट्टा नहीं दिया जा सकता। जांच में महाविद्यालय के लिए भूमि का पट्टा दिए जाने का भी उल्लेख किया गया है।

क्या कहता है कानून

उत्तर प्रदेश शैक्षिक संस्थाएं (आस्तियों के अपव्यय का निवारण) अधिनियम, 1974 के अनुसार कोई भी शैक्षिक संस्था निदेशक की अनुमति के बिना अपनी संपत्ति का हस्तांतरण या पट्टा नहीं दे सकती। अनुमति तभी दी जा सकती है, जब यह संस्था के हित में होना सिद्ध हो।

समिति के सदस्यों की शिकायत पर खुला मामला
विद्यालय समिति के अध्यक्ष दिवाकर साहू तथा सदस्य राम कुमार, प्रशांत, सौरभ और सिद्धार्थ की शिकायत पर डिप्टी रजिस्ट्रार ने सोसायटी अधिनियम की धारा-24 के तहत जांच कराई। लगभग 200 पन्नों की जांच रिपोर्ट में इन तथ्यों का उल्लेख किया गया है।


खसरा संख्या-41 में जांच रिपोर्ट के अनुसार दिए गए पट्टे

5205 वर्गमीटर – श्रीकांत साहू के नाम

360 वर्गमीटर – अलका अग्रवाल
1394 वर्गमीटर – सुरेश चंद्र यादव

7320 वर्गमीटर – सत्यम साहू (पुत्र श्रीकांत साहू)
930 वर्गमीटर – मारुति आयरन स्टोर्स

इंडियन बैंक खातों में करोड़ों रुपये आने का उल्लेख

जांच रिपोर्ट में इंडियन बैंक के खाता संख्या 681510100000981 और 6815101000005237 का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार इन खातों में करोड़ों रुपये आए। इसमें विद्यालय के तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों राजेश, अजीत, सुशील, सोनपाल, नारायण और विनय को भी माध्यम बनाए जाने की बात कही गई है।

कोट...

जो भी निर्णय हुए हैं, वह प्रबंध समिति के सदस्यों की सहमति से हुए हैं। डिग्री कॉलेज की जमीन भी नियमों के तहत ही दी गई है।

- श्रीकांत साहू, प्रबंधक, राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज

कोट...

200 पन्नों की जांच रिपोर्ट में सभी तथ्य दर्ज हैं। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कॉलेज का अस्तित्व संकट में आ सकता है।

- दिवाकर सिंह, तत्कालीन जांच अधिकारी

राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज 

राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज 

राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज 

राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज 

राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज 

राम भरोसे मैकूलाल इंटर कॉलेज 

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