{"_id":"6165db148ebc3ea65c3adc44","slug":"lakhimpur-uproar-ardas-of-political-leaders-election-environment-will-be-special","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखीमपुर बवाल : सियासी सूरमाओं की अरदास, चुनावी माहौल बनेगा खास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखीमपुर बवाल : सियासी सूरमाओं की अरदास, चुनावी माहौल बनेगा खास
Wed, 13 Oct 2021 12:29 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 13 Oct 2021 12:29 AM IST
सार
प्रियंका गांधी सुबह तिकुनिया रवाना हो गईं। इस मामले में कांग्रेस ने वैसे भी सबसे ज्यादा आक्रामकता दिखाई है। उनके काफिले को रोकने की प्रशासन ने अवश्य कोशिश की पर वह पूरी टीम के साथ वहां पहुंची।
विज्ञापन
गुरनाम से बात करतीं प्रियंका गांधी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
तिकुनिया के लखीमपुर खीरी में किसानों को श्रद्घांजलि देने के लिए की गई अरदास में जहां भारी संख्या में किसान पहुंचे तो वहीं सियासी सूरमाओं ने भी भाग लिया। माना जा रहा है कि तिकुनिया के सहारे सियासी दल इस क्षेत्र में अपनी जमीन तलाश रहे हैं। यही कारण है कि इस दिन में यहां पहुंचने के लिए तमाम दलों ने ताकत लगाई।
विज्ञापन
तिकुनिया पहुंचने के लिए सोमवार को ही विभिन्न दलों ने कमर कस ली थी। मंगलवार को सुबह ही इसका असर दिखना शुरू हो गया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रात को दिल्ली निकल गई थीं पर अल सुबह वापस लौट आईं और तिकुनिया रवाना हो गईं। इस मामले में कांग्रेस ने वैसे भी सबसे ज्यादा आक्रामकता दिखाई है। उनके काफिले को रोकने की प्रशासन ने अवश्य कोशिश की पर वह पूरी टीम के साथ वहां पहुंची।
विज्ञापन
उधर, रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी भी सुबह ही निकले पर उन्हें बरेली एयरपोर्ट पर रोक लिया गया। इसका रालोद कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू किया तो उन्हें भी तिकुनिया जाने की इजाजत दे दी गई। हालांकि सपा और बसपा के बडे़ नेता तो अरदास में नहीं पहुंचे पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने अरदास में शिरकत की। दरअसल इस पूरे प्रकरण में सियासी दल खुद को आगे करने के लिए कड़ी मशक्कत शुरू से ही कर रहे हैं। किसान आंदोलन की यह तपिश पश्चिमी उप्र में तो थी ही पर इस घटना के बाद पूर्वांचल में भी इसका असर दिखने लगा है। इसी से सियासी दलों को आस है कि इसे बड़ा मुद्दा चुनावी मैदान में उतरा जाए। निश्चित रूप से यह बड़ा मु्ददा बन गया है और अपने अपने हिसाब से सभी दल माहौल भी भांप रहे हैं।
विज्ञापन
मंत्री को बर्खास्त करने की मांग की
लोक जनशक्ति पार्टी उप्र (अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ) की कैसरबाग में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मलिक मो. जावेद ने कहा कि लखीमपुर खीरी प्रकरण में मंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त किया जाना चाहिए। इस मौके पर अनिल सिंह, महेश वाल्मीकि, मृदुल मौजूद थे।