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लखीमपुर खीरी कांड : आरोपी आशीष को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत अर्जी पर राज्य सरकार को मिला जवाब का समय
Fri, 10 Dec 2021 07:00 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 10 Dec 2021 07:00 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने आरोपी की जमानत अर्जी पर राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का समय देकर अगली सुनवाई 6 जनवरी को नियत की है। न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार ने यह आदेश आरोपी की जमानत अर्जी पर दिया।
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लखीमपुर बवाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखीमपुर खीरी कांड के आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू को जमानत मामले में शुक्त्रस्वार को हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने आरोपी की जमानत अर्जी पर राज्य सरकार को जवाब दाखिल करने का समय देकर अगली सुनवाई 6 जनवरी को नियत की है। न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार ने यह आदेश आरोपी की जमानत अर्जी पर दिया। बीती 3 अक्तूबर को खीरी जिले में उपद्रव के बाद हिंसा में चार किसान सहित आठ लोगों की मौत के मामले में आशीष मिश्र मुख्य आरोपी है। आशीष केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी का पुत्र है।
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सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मुताबिक केस की विवेचना चल रही है। जिसमें बड़ी संख्या में चश्मदीद गवाहों के बयान दर्ज किए जाने हैं। ऐसे में, शाही ने सरकार की तरफ से जवाबी हलफनामा दाखिल करने को दो हफ्ते का और समय दिए जाने का आग्रह किया। इस पर कोर्ट ने जमानत अर्जी पर अगली सुनवाई 6 जनवरी को नियत की है।
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कोर्ट ने इससे पहले भी बीती 29 नवंबर को आशीष मिश्रा मोनू की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को दस दिनों में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। इससे पहले उसकी जमानत इसके पूर्व सत्र अदालत से खारिज हो चुकी है। जिसके बाद उसने जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली है।
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