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सरकारी अस्पताल: इलाज का नहीं, आफत का अड्डा

Sat, 20 Sep 2014 03:22 AM IST
मनीष कुमार सिंह/अमर उजाला, लखनऊ
मनीष कुमार सिंह/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 20 Sep 2014 03:22 AM IST
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lack of medicins in govt hospitals.

शहर के सरकारी अस्पतालों में दवा की आपूर्ति पटरी से उतर गई है। अस्पतालों में बुखार, उल्टी और दस्त जैसे संक्रामक रोगों से पीड़ित मरीजों का रेला लगा है लेकिन उन्हें अस्पताल से दवा नहीं मिल पा रही है।

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इमरजेंसी से लेकर दवा काउंटर और मेन स्टोर तक यही हाल है। दवाओं की किल्लत को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की इमरजेंसी बैठक भी हो चुकी है लेकिन हालात जस के तस हैं।
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सिविल, बलरामपुर, लोहिया, लोकबंधु और रानी लक्ष्मीबाई समेत दूसरे सरकारी अस्पतालों में बुखार, उल्टी और दस्त समेत दूसरे संक्रामक रोगों की दवाओं की भारी किल्लत है।
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सिविल अस्पताल में शुक्रवार को मरीज काउंटर से बिना दवा के लौट गए। दवा के लिए वो मेन स्टोर पहुंचे तो उनको अस्पताल में दवा न होने की बात कहकर लौटा दिया गया।

सूत्रों के मुताबिक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में पैरासीटामॉल की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है और पिछले कई दिनों से दवा नहीं आई है।

पैरासीटामॉल दवा न होने से मरीजों को निमोस्लाइड देकर काम चलाया जा रहा है।

फॉर्मेसी में विटामिन-ई फोर, मेट्रोजिल और कैल्शियम दवाओं का भी संकट है। इसके अलावा गैस के मरीजों को दी जाने वाली दवा ओमेज, हृदय रोगियों की दवा इकोस्प्रीन और मोनिट्रोजेल दवा नहीं है।


दस्त से पीड़ित मरीजों को दी जाने वाली कंपाउंड दवा टिनिडोजोल और ओनिडोजोल की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है।

इन दवाओं की खानापूर्ति के लिए कुछ समय पहले ओमीप्रोजोल दवा खरीदी गई है और उसी से काम चलाया जा रहा है।

यही हाल बलरामपुर लोहिया समेत दूसरे अस्पतालों का है जहां सेंट्रल मेडिसिन स्टोर डिपो से दवा की आपूर्ति न होने के चलते पूरी व्यवस्था पटरी से उतर गई है।

अस्पतालों के फॉर्मासिस्टों के मुताबिक जिस कंपनी से रेट कॉन्ट्रैक्ट हुआ है वो मांग के अनुसार दवा की आपूर्ति नहीं कर रही हैं।

बुखार और संक्रामक रोग से पीड़ित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है और दवा की आपूर्ति हो नहीं रही है।

यही वजह है कि अस्पतालों में एंटीबायोटिक दवाओं का संकट गहराने लगा है। एंटीबायोटिक दवाओं में एमॉक्सीसाइक्लिन, सिप्लॉक्स, सिप्रोफ्लॉक्सासिन, ऑक्सोफ्लॉक्सासिन, टीडीलॉन, डॉक्सीसाईन्कील एजीथ्रोमाइसिन, सिट्रिजिन और पेंटाप्रोजोल की आपूर्ति नहीं हो रही है।

नरही की रहने वाली अफसाना सात वर्षीय बेटे असलम को बुखार की शिकायत के बाद सिविल अस्पताल के बाल रोग वार्ड लेकर पहुंची थीं।

ओपीडी में बैठे डॉक्टर ने पैरासीटामॉल दवा लिखी लेकिन उन्हें न तो किसी दवा काउंटर पर और न ही मेन स्टोर में दवा मिली।

अफसाना सीएमएस से शिकायत करने पहुंचीं लेकिन अटेंडेंट ने व्यस्त होने की बात कहकर वापस कर दिया।

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