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Lucknow News: खाद, बीज की कमी से खेती बन रही घाटे का सौदा

Thu, 16 Oct 2025 01:18 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 16 Oct 2025 01:18 AM IST
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Lack of fertilizers and seeds is turning farming into a loss-making venture.
भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति का सम्मेलन।
लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति के सम्मेलन में किसानों को मिलने वाली खाद, बीज और सिंचाई की सुविधाओं में कमी पर नाराजगी जताई गई। वक्ताओं ने माना कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा केवल जुमला बन गया है। सम्मेलन में धान की सरकारी खरीद का मूल्य बढ़ाने के साथ ही गन्ने का मूल्य 600 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की गई।
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गांधी भवन के सभागार में आयोजित सम्मेलन में कृषि विभाग के पूर्व निदेशक विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि कृषि विभाग में राजनीतिक हस्तक्षेप किसान हितैषी नीतियों को कमजोर कर रहा है। सुविधाओं की कमी से खेती घाटे का सौदा बनती जा रही है। उन्होंने जैविक खेती अपनाने पर जोर दिया। कहा कि जैविक खाद और तकनीक का प्रयोग करने से खेती का खर्च आधा हो जाएगा। तीन से चार साल बाद लाभ भी चार गुना तक बढ़ जाएगा। किसान नेता धर्मपाल सिंह ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को कृषि नीति में ठोस सुधार करने होंगे। यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश यादव ने सिंचाई और कृषि उत्पाद पर लागत कम करने के लिए किसानों को मुफ्त में बिजली देने की मांग की। राष्ट्रीय प्रवक्ता सत्येंद्र कुमार मौर्य ने कहा कि आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव रणवीर सिंह संधू, उपाध्यक्ष तरकेश्वर सिंह, सचिव मोहम्मद सलमान, प्रदेश अध्यक्ष नबी अहमद आदि ने संबोधित किया।

भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति का सम्मेलन।

भारतीय किसान यूनियन श्रमिक जनशक्ति का सम्मेलन।

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