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कोरोना वैक्सीन के ड्राई रन में मिली खामियां, दुरुस्त करने में जुटे अफसर
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केजीएमयू और लोहिया संस्थान में दिखा समन्वय का अभाव
कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर शनिवार को हुए पूर्वाभ्यास (ड्राई रन) में केजीएमयू और लोहिया संस्थान में अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अस्पताल के बीच समन्वय का अभाव दिखा। अधिकारियों ने फटकार लगाई तो आनन-फानन मेडिकल और पैरा मेडिकल छात्रों को बुलाकर औपचारिकता निभाई गई। अब अगला ड्राई रन 5 जनवरी को किया जाएगा। इसमें शहरी एवं ग्रामीण इलाके के 12 अस्पतालों को शामिल किया जाएगा।
शनिवार सुबह 10 से 12 बजे तक केजीएमयू, लोहिया संस्थान, पीजीआई, माल और मलिहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्राई रन होना था। गोमतीनगर स्थित सहारा हॉस्पिटल को भी इसमें शामिल किया गया था।
लोहिया संस्थान : अव्यवस्था पर अधिकारियों ने जताई नाराजगी
लोहिया संस्थान के एकेडमिक ब्लॉक में ड्राई रन होना था, लेकिन इसमें कौन शामिल होंगे, इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक दुबे मौके पर पहुंचे, लेकिन व्यवस्थाओं से अनभिज्ञ रहे। इसी बीच यहां एनएचएम की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय भी पहुंच गईं। उन्होंने टीकाकरण कराने वाले वालंटियर के बारे में जानकारी मांगी तो कोई जवाब ही नहीं दे सका। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया। पूरी टीम 11:30 बजे तक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में ही लगी रही। इस बीच डीएम अभिषेक प्रकाश भी मौके पर पहुंचे और अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। कुछ देर बाद संस्थान के चिकित्सकों को बुलाया गया और उन्हें डमी स्वास्थ्य कार्यकर्ता बना कर टीकाकरण की कवायद शुरू हुई। लोहिया संस्थान के मीडिया प्रभारी श्रीकेश सिंह ने बताया कि जो कमियां सामने आई हैं उन्हें दूर किया जा रहा है। एकेडमिक ब्लॉक के लेक्चर थिएटर के तीन कमरे रिजर्व कर दिए गए हैं। रोजाना 27 लोगों की टीम टीकाकरण में शामिल रहेगी। लेक्चर थिएटर के बगल में सेफ रूम भी बनाया गया है। टीकाकरण के बाद किसी तरह की दिक्कत होने पर संबंधित को पहले सेफ रूम में रोका जाएगा। इमरजेंसी में टीकाकरण के दिन 5 बेड रिजर्व रहेंगे।
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केजीएमयू : पैरामेडिकल छात्रों को बुलाकर चलाया काम
केजीएमयू के कलाम सेंटर में ड्राई रन पूरा किया गया। यहां ड्राई रन में शामिल होने वाले ही नहीं पहुंचे। ऐसे में पैरामेडिकल और मेडिकल छात्रों को बुलाकर काम चलाया गया। यहां टीकाकरण के काम में लगे कर्मियों के बीच भी हड़बड़ाहट दिखी। वे ड्रेस में भी नहीं आए। करीब 11:00 बजे इमरजेंसी व्यवस्था जांची गई। इस दौरान एक मेडिकल छात्र की हालत बिगड़ने की स्थिति दिखाई गई। सिर दर्द, उलझन के बाद छात्र बेहोश हुआ तो चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु और स्वास्थ्य विभाग की नोडल डॉ. प्रियंका ने उसकी जांच की। इसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। इस दौरान स्ट्रेचर से एंबुलेंस तक ले जाने, एंबुलेंस से उतारकर गांधी वार्ड में शिफ्ट करने आदि की व्यवस्था भी जांची गई।
जहां खामियां मिलीं उन्हें करेंगे दुरुस्त
ड्राई रन ज्यादातर स्थानों पर सफल रहा है। जहां भी कुछ खामियां मिली हैं, उन्हें दुरुस्त करने की रणनीति बना ली गई है। अगला ड्राई रन 5 जनवरी को किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि हर व्यवस्था पूरी तरह मुकम्मल हो जाए। ड्राई रन का मकसद ही यही होता है कि जहां कमियां हैं, उसे दूर कर लिया जाए।
- डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ
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कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर शनिवार को हुए पूर्वाभ्यास (ड्राई रन) में केजीएमयू और लोहिया संस्थान में अव्यवस्थाएं देखने को मिलीं। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित अस्पताल के बीच समन्वय का अभाव दिखा। अधिकारियों ने फटकार लगाई तो आनन-फानन मेडिकल और पैरा मेडिकल छात्रों को बुलाकर औपचारिकता निभाई गई। अब अगला ड्राई रन 5 जनवरी को किया जाएगा। इसमें शहरी एवं ग्रामीण इलाके के 12 अस्पतालों को शामिल किया जाएगा।
शनिवार सुबह 10 से 12 बजे तक केजीएमयू, लोहिया संस्थान, पीजीआई, माल और मलिहाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्राई रन होना था। गोमतीनगर स्थित सहारा हॉस्पिटल को भी इसमें शामिल किया गया था।
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लोहिया संस्थान : अव्यवस्था पर अधिकारियों ने जताई नाराजगी
लोहिया संस्थान के एकेडमिक ब्लॉक में ड्राई रन होना था, लेकिन इसमें कौन शामिल होंगे, इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. विवेक दुबे मौके पर पहुंचे, लेकिन व्यवस्थाओं से अनभिज्ञ रहे। इसी बीच यहां एनएचएम की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय भी पहुंच गईं। उन्होंने टीकाकरण कराने वाले वालंटियर के बारे में जानकारी मांगी तो कोई जवाब ही नहीं दे सका। इस पर उन्होंने नाराजगी जताई और व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का निर्देश दिया। पूरी टीम 11:30 बजे तक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने में ही लगी रही। इस बीच डीएम अभिषेक प्रकाश भी मौके पर पहुंचे और अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। कुछ देर बाद संस्थान के चिकित्सकों को बुलाया गया और उन्हें डमी स्वास्थ्य कार्यकर्ता बना कर टीकाकरण की कवायद शुरू हुई। लोहिया संस्थान के मीडिया प्रभारी श्रीकेश सिंह ने बताया कि जो कमियां सामने आई हैं उन्हें दूर किया जा रहा है। एकेडमिक ब्लॉक के लेक्चर थिएटर के तीन कमरे रिजर्व कर दिए गए हैं। रोजाना 27 लोगों की टीम टीकाकरण में शामिल रहेगी। लेक्चर थिएटर के बगल में सेफ रूम भी बनाया गया है। टीकाकरण के बाद किसी तरह की दिक्कत होने पर संबंधित को पहले सेफ रूम में रोका जाएगा। इमरजेंसी में टीकाकरण के दिन 5 बेड रिजर्व रहेंगे।
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केजीएमयू : पैरामेडिकल छात्रों को बुलाकर चलाया काम
केजीएमयू के कलाम सेंटर में ड्राई रन पूरा किया गया। यहां ड्राई रन में शामिल होने वाले ही नहीं पहुंचे। ऐसे में पैरामेडिकल और मेडिकल छात्रों को बुलाकर काम चलाया गया। यहां टीकाकरण के काम में लगे कर्मियों के बीच भी हड़बड़ाहट दिखी। वे ड्रेस में भी नहीं आए। करीब 11:00 बजे इमरजेंसी व्यवस्था जांची गई। इस दौरान एक मेडिकल छात्र की हालत बिगड़ने की स्थिति दिखाई गई। सिर दर्द, उलझन के बाद छात्र बेहोश हुआ तो चिकित्सा अधीक्षक डॉ. डी हिमांशु और स्वास्थ्य विभाग की नोडल डॉ. प्रियंका ने उसकी जांच की। इसके बाद उसे ट्रॉमा सेंटर भेजा गया। इस दौरान स्ट्रेचर से एंबुलेंस तक ले जाने, एंबुलेंस से उतारकर गांधी वार्ड में शिफ्ट करने आदि की व्यवस्था भी जांची गई।
जहां खामियां मिलीं उन्हें करेंगे दुरुस्त
ड्राई रन ज्यादातर स्थानों पर सफल रहा है। जहां भी कुछ खामियां मिली हैं, उन्हें दुरुस्त करने की रणनीति बना ली गई है। अगला ड्राई रन 5 जनवरी को किया जाएगा। हमारा प्रयास है कि हर व्यवस्था पूरी तरह मुकम्मल हो जाए। ड्राई रन का मकसद ही यही होता है कि जहां कमियां हैं, उसे दूर कर लिया जाए।
- डॉ. संजय भटनागर, सीएमओ