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यूपी में टीबी मरीजों के लिए शुरू हुईं प्रयोगशालाएं, कई और शहरों में शुरू करने की योजना
Tue, 23 Mar 2021 03:44 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Tue, 23 Mar 2021 03:44 PM IST
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स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह। (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के चिकित्सा मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहा कि टीबी मरीजों की जांच के लिए मेरठ और गोरखपुर में नई प्रयोगशालाएं शुरू की गई हैं। इसी तरह कानपुर, इटावा, झांसी और प्रयागराज में भी प्रयोगशालाओं के लिए निर्माण का कार्य चल रहा है।
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इन प्रयोगशालाओं के शुरू होने से टीबी मरीजों को तत्काल जांच सुविधा मिल सकेगी। टीबी दिवस पर चिकित्सा मंत्री ने बताया कि वर्ष 2020 में 3 लाख 68 हजार रोगी पंजीकृत किए गए हैं। इन मरीजों को पोषण भत्ता के रूप में 500 रुपये दिए जा रहे हैं।
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उन्होंने बताया कि करीब 25 हजार बच्चों को गोद लेकर देखभाल की जा रही है। टीबी बड़ी बीमारी है। इसे खत्म करने के लिए हर व्यक्ति को सहयोग करना होगा। इसे 2025 तक देश से खत्म करने की रणनीति बनाई गई है। इसमें हर नागरिक को अपना सहयोग देना होगा। हालांकि, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने टीबी को समाप्त करने का लक्ष्य 2030 रखा है।
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भारत में 5 साल पहले का टारगेट लेकर कार्य किया जा रहा है। इसके तहत सरकारी और निजी क्षेत्र संयुक्त रूप से कार्य कर रहे हैं। मेडिकल स्टोर संचालकों को भी टीबी मरीज चिन्हित कर उन्हें पंजीकृत करने का अधिकार दिया गया है।